क्या सच में सुअर की चर्बी से बनते हैं दवा वाले कैप्सूल? वेज वालों के काम की है खबर

अक्सर कई बीमारियों में डॉक्टर उस बीमारी को ठीक करने के लिए कैप्सूल देते हैं, लेकिन बहुत से लोगों को यह सुनकर हैरानी होगी की उन्हें दी गई कैप्सूल शाकाहारी नहीं, बल्कि मांसाहारी भी हो सकती है.  दरअसल, कैप्सूल का ऊपर वाला खोल यानी उसका कवर एक चीज से बनता है जिसे जिलेटिन कहते हैं. जिलेटिन एक प्राकृतिक पदार्थ है जो कोलेजन से बनता है, और यह कोलेजन जानवरों की हड्डियों, त्वचा और मांसपेशियों में पाया जाता है. यानी सीधे शब्दों में कहें तो जिलेटिन जानवरों के शरीर के हिस्सों से ही तैयार होता है, चर्बी या तेल से नहीं. कई लोग सोचते हैं कि यह सिर्फ चर्बी से बनता है, लेकिन असल में इसे बनाने में जानवरों की हड्डी और खाल का इस्तेमाल ज्यादा होता है. जिलेटिन क्या है और कैसे बनता है? अब सवाल यह है कि यह जिलेटिन आता कहां से है. आपको जानकर हैरानी होगी कि कैप्सूल बनाने में सबसे ज्यादा सुअर की खाल, गाय की खाल, जानवरों की हड्डियां और मछली की खाल का इस्तेमाल होता है. यानी दवा कंपनी के हिसाब से यह सुअर से भी बन सकता है और गाय या मछली से भी. दुनियाभर में सालों से यही तरीका इस्तेमाल हो रहा है क्योंकि जिलेटिन के कैप्सूल पिछले सौ साल से इस्तेमाल हो रहे हैं. यह भी पढ़ेंः क्या सोशल मीडिया पर किया गया कमेंट लगवा सकता है UAPA, जानें क्या हैं नियम? शाकाहारी कैप्सूल भी हैं बाजार में अच्छी खबर यह है कि अब बाजार में शाकाहारी कैप्सूल भी मौजूद हैं. इन्हें पौधों से मिलने वाले पदार्थों से बनाया जाता है, जिसे एचपीएमसी (HPMC) कहते हैं. यह पूरी तरह पौधों से बना होता है और इसे जिलेटिन कैप्सूल का शाकाहारी विकल्प माना जाता है. लेकिन दिक्कत यह है कि यह विकल्प महंगा होता है, इसलिए ज्यादातर कंपनियां आज भी सस्ते जिलेटिन कैप्सूल का ही इस्तेमाल करती हैं.  इस जानकारी के बाद शाकाहारी लोगों के दिमाग में यह सवाल आता है कि इसको कैसे पहचानें, क्या अनजाने में वे अपना धर्म भ्रष्ट कर रहे हैं? ऐसे में आप क्या कर सकते हैं? बता दें कि भारत में शाकाहारी चीजों पर हरा गोल निशान और मांसाहारी चीजों पर भूरा या लाल गोल निशान बना होता है, यह नियम दवाओं पर भी लागू होता है. इसके अलावा पैकेट या दवा की जानकारी में "Vegetarian Capsule" या "HPMC Capsule" लिखा हो तो समझ लीजिए कि यह शाकाहारी है.  यह भी पढ़ेंः Pm Modi Indo Pacific Mission Visit: कौन उठाता है पीएम मोदी के विदेश दौरों का खर्च, एक ट्रिप पर कितना होता है खर्च?

Jul 8, 2026 - 06:30
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क्या सच में सुअर की चर्बी से बनते हैं दवा वाले कैप्सूल? वेज वालों के काम की है खबर

अक्सर कई बीमारियों में डॉक्टर उस बीमारी को ठीक करने के लिए कैप्सूल देते हैं, लेकिन बहुत से लोगों को यह सुनकर हैरानी होगी की उन्हें दी गई कैप्सूल शाकाहारी नहीं, बल्कि मांसाहारी भी हो सकती है. 

दरअसल, कैप्सूल का ऊपर वाला खोल यानी उसका कवर एक चीज से बनता है जिसे जिलेटिन कहते हैं. जिलेटिन एक प्राकृतिक पदार्थ है जो कोलेजन से बनता है, और यह कोलेजन जानवरों की हड्डियों, त्वचा और मांसपेशियों में पाया जाता है. यानी सीधे शब्दों में कहें तो जिलेटिन जानवरों के शरीर के हिस्सों से ही तैयार होता है, चर्बी या तेल से नहीं. कई लोग सोचते हैं कि यह सिर्फ चर्बी से बनता है, लेकिन असल में इसे बनाने में जानवरों की हड्डी और खाल का इस्तेमाल ज्यादा होता है.

जिलेटिन क्या है और कैसे बनता है?

अब सवाल यह है कि यह जिलेटिन आता कहां से है. आपको जानकर हैरानी होगी कि कैप्सूल बनाने में सबसे ज्यादा सुअर की खाल, गाय की खाल, जानवरों की हड्डियां और मछली की खाल का इस्तेमाल होता है. यानी दवा कंपनी के हिसाब से यह सुअर से भी बन सकता है और गाय या मछली से भी. दुनियाभर में सालों से यही तरीका इस्तेमाल हो रहा है क्योंकि जिलेटिन के कैप्सूल पिछले सौ साल से इस्तेमाल हो रहे हैं.

यह भी पढ़ेंः क्या सोशल मीडिया पर किया गया कमेंट लगवा सकता है UAPA, जानें क्या हैं नियम?

शाकाहारी कैप्सूल भी हैं बाजार में

अच्छी खबर यह है कि अब बाजार में शाकाहारी कैप्सूल भी मौजूद हैं. इन्हें पौधों से मिलने वाले पदार्थों से बनाया जाता है, जिसे एचपीएमसी (HPMC) कहते हैं. यह पूरी तरह पौधों से बना होता है और इसे जिलेटिन कैप्सूल का शाकाहारी विकल्प माना जाता है. लेकिन दिक्कत यह है कि यह विकल्प महंगा होता है, इसलिए ज्यादातर कंपनियां आज भी सस्ते जिलेटिन कैप्सूल का ही इस्तेमाल करती हैं. 

इस जानकारी के बाद शाकाहारी लोगों के दिमाग में यह सवाल आता है कि इसको कैसे पहचानें, क्या अनजाने में वे अपना धर्म भ्रष्ट कर रहे हैं? ऐसे में आप क्या कर सकते हैं? बता दें कि भारत में शाकाहारी चीजों पर हरा गोल निशान और मांसाहारी चीजों पर भूरा या लाल गोल निशान बना होता है, यह नियम दवाओं पर भी लागू होता है. इसके अलावा पैकेट या दवा की जानकारी में "Vegetarian Capsule" या "HPMC Capsule" लिखा हो तो समझ लीजिए कि यह शाकाहारी है. 

यह भी पढ़ेंः Pm Modi Indo Pacific Mission Visit: कौन उठाता है पीएम मोदी के विदेश दौरों का खर्च, एक ट्रिप पर कितना होता है खर्च?

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