क्या मजदूरों की भी नौकरी छीन सकता है AI, जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?

आज मजदूर दिवस है. ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि क्या AI मजदूरों की नौकरी छीन सकता है? साथ ही इस पर एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं. विशेषज्ञों की राय थोड़ी अलग है. उनका कहना है कि AI पूरी तरह नौकरी खत्म नहीं करेगा, बल्कि काम का रूप बदल देगा. यानी वही काम, पर तरीका नया. एक्सपर्ट्स की मानें तो सबसे पहले असर उन कामों पर दिख रहा है, जो रोज एक जैसे दोहराए जाते हैं. जैसे पैकेजिंग, सामान छांटना, असेंबली लाइन पर पार्ट्स जोड़ना या गोदाम में सामान इधर-उधर ले जाना. ये काम अब रोबोट तेजी और बिना थके कर रहे हैं. निर्माण और फैक्ट्री के काम में पहले कागजों पर एंट्री होती थी, रिपोर्ट बनती थी. अब AI सॉफ्टवेयर कुछ ही सेकंड में यह काम कर देते हैं. निरीक्षण का काम भी बदल रहा है. पहले मजदूर आंखों से खराबी ढूंढते थे लेकिन अब कैमरे और AI बहुत बारीकी से गड़बड़ी पकड़ लेता है. वहीं, अगर कंस्ट्रक्शन के कामों में लगने वाले मजदूरों की बात की जाए तो यहां अभी AI का ज्यादा प्रभाव देखने को नहीं मिला है. लेकिन आने वाले समय में AI की मदद से निर्माण कार्यों में बढ़ोत्तरी हो सकती है. क्या मजदूर बेरोजगार हो जाएंगे? एक्सपर्ट्स कहते हैं कि तस्वीर इतनी सीधी नहीं है. मजदूर की जरूरत खत्म नहीं हो रही, बल्कि उसकी भूमिका बदल रही है. अब मजदूर को मशीन चलानी होगी, AI से मिले संकेतों को समझना होगा, खराब सामान को हटाना होगा और मशीनों की निगरानी करनी होगी. यानी हाथ का काम थोड़ा कम, दिमाग का काम थोड़ा ज्यादा. यह भी पढ़ें- न हिंदुस्तानी, न अंग्रेज; जानिए कौन थे RBI के पहले गवर्नर और कितना रहा उनका कार्यकाल इंसान की जरूरत क्यों बनी रहेगी? हर काम मशीन नहीं कर सकती. निर्माण स्थल पर कई बार हालात बदलते रहते हैं. वहां तुरंत फैसला लेने की जरूरत होती है. रिपेयरिंग, जटिल फिटिंग, या ऐसी जगह काम जहां समझदारी और अनुभव चाहिए. नए काम भी पैदा हो रहे हैं जहां कुछ काम कम हो रहे हैं, वहीं नए काम भी बन रहे हैं. अब ऐसे लोगों की मांग बढ़ रही है जो रोबोट को चला सकें, उनकी मरम्मत कर सकें, सॉफ्टवेयर समझ सकें. फैक्ट्री में अब “मशीन ऑपरेटर” के साथ “AI सुपरवाइजर” जैसी भूमिकाएं दिखने लगी हैं. यानी जिसने थोड़ा तकनीक सीख ली, उसके लिए नए रास्ते खुल रहे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि मजदूरों को नई स्किल सीखनी चाहिए. छोटे-छोटे ट्रेनिंग कोर्स, मशीन चलाने की जानकारी, और डिजिटल समझ उन्हें आगे बनाए रखेगी. यह भी पढ़ें- क्या 1 मई को मजदूर दिवस पर भी रहती है स्कूलों की छुट्टी? जानें अपने राज्य का हिसाब

May 1, 2026 - 17:30
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क्या मजदूरों की भी नौकरी छीन सकता है AI, जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?

आज मजदूर दिवस है. ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि क्या AI मजदूरों की नौकरी छीन सकता है? साथ ही इस पर एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं. विशेषज्ञों की राय थोड़ी अलग है. उनका कहना है कि AI पूरी तरह नौकरी खत्म नहीं करेगा, बल्कि काम का रूप बदल देगा. यानी वही काम, पर तरीका नया.

एक्सपर्ट्स की मानें तो सबसे पहले असर उन कामों पर दिख रहा है, जो रोज एक जैसे दोहराए जाते हैं. जैसे पैकेजिंग, सामान छांटना, असेंबली लाइन पर पार्ट्स जोड़ना या गोदाम में सामान इधर-उधर ले जाना. ये काम अब रोबोट तेजी और बिना थके कर रहे हैं.

निर्माण और फैक्ट्री के काम में पहले कागजों पर एंट्री होती थी, रिपोर्ट बनती थी. अब AI सॉफ्टवेयर कुछ ही सेकंड में यह काम कर देते हैं. निरीक्षण का काम भी बदल रहा है. पहले मजदूर आंखों से खराबी ढूंढते थे लेकिन अब कैमरे और AI बहुत बारीकी से गड़बड़ी पकड़ लेता है. वहीं, अगर कंस्ट्रक्शन के कामों में लगने वाले मजदूरों की बात की जाए तो यहां अभी AI का ज्यादा प्रभाव देखने को नहीं मिला है. लेकिन आने वाले समय में AI की मदद से निर्माण कार्यों में बढ़ोत्तरी हो सकती है.

क्या मजदूर बेरोजगार हो जाएंगे?

एक्सपर्ट्स कहते हैं कि तस्वीर इतनी सीधी नहीं है. मजदूर की जरूरत खत्म नहीं हो रही, बल्कि उसकी भूमिका बदल रही है. अब मजदूर को मशीन चलानी होगी, AI से मिले संकेतों को समझना होगा, खराब सामान को हटाना होगा और मशीनों की निगरानी करनी होगी. यानी हाथ का काम थोड़ा कम, दिमाग का काम थोड़ा ज्यादा.

यह भी पढ़ें- न हिंदुस्तानी, न अंग्रेज; जानिए कौन थे RBI के पहले गवर्नर और कितना रहा उनका कार्यकाल

इंसान की जरूरत क्यों बनी रहेगी?

हर काम मशीन नहीं कर सकती. निर्माण स्थल पर कई बार हालात बदलते रहते हैं. वहां तुरंत फैसला लेने की जरूरत होती है. रिपेयरिंग, जटिल फिटिंग, या ऐसी जगह काम जहां समझदारी और अनुभव चाहिए.

नए काम भी पैदा हो रहे हैं

जहां कुछ काम कम हो रहे हैं, वहीं नए काम भी बन रहे हैं. अब ऐसे लोगों की मांग बढ़ रही है जो रोबोट को चला सकें, उनकी मरम्मत कर सकें, सॉफ्टवेयर समझ सकें. फैक्ट्री में अब “मशीन ऑपरेटर” के साथ “AI सुपरवाइजर” जैसी भूमिकाएं दिखने लगी हैं. यानी जिसने थोड़ा तकनीक सीख ली, उसके लिए नए रास्ते खुल रहे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि मजदूरों को नई स्किल सीखनी चाहिए. छोटे-छोटे ट्रेनिंग कोर्स, मशीन चलाने की जानकारी, और डिजिटल समझ उन्हें आगे बनाए रखेगी.

यह भी पढ़ें- क्या 1 मई को मजदूर दिवस पर भी रहती है स्कूलों की छुट्टी? जानें अपने राज्य का हिसाब

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