क्या खत्म हो रहा पेट्रोल-डीजल? ईरान वॉर के बीच तेल कंपनियों ने की लोगों से ये अपील

Middle East Tensions: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है. हालांकि, इससे निपटने के लिए भारत सरकार लगातार वैकल्पिक उपायों पर काम कर रही है. इस बीच, लोगों में फैल रही अफवाहों और घबराहट को देखते हुए सरकारी तेल कंपनियों ने साफ किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है. देश की सबसे बड़ी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) ने कहा है कि सभी पेट्रोल पंप पर्याप्त ईंधन से भरे हुए हैं और पूरी तरह सामान्य रूप से काम कर रहे हैं. कंपनी ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराकर ईंधन की अनावश्यक खरीदारी से बचें. IOC के अनुसार, ऐसी अफवाहें न केवल चिंता बढ़ाती हैं, बल्कि आपूर्ति व्यवस्था को भी प्रभावित कर सकती हैं. तेल कंपनियों की अपील वहीं, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने भी कुछ क्षेत्रों में ईंधन की कमी की खबरों को पूरी तरह निराधार बताया है. कंपनी का कहना है कि भारत पेट्रोल और डीजल का शुद्ध निर्यातक है और उसके पास कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और विमानन ईंधन (ATF) का पर्याप्त भंडार मौजूद है. आपूर्ति श्रृंखला भी पूरी तरह सुचारु रूप से चल रही है. Important update for all citizensRumors of petrol and diesel shortages are completely unfounded. India has ample fuel reserves and supply chains are running normally.BPCL is fully operational and committed to uninterrupted fuel supply. Please don't rely on rumors or crowd… pic.twitter.com/9FaOu9Lu1r — Bharat Petroleum (@BPCLimited) March 25, 2026 हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने भी इसी तरह भरोसा दिलाया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति स्थिर बनी हुई है. कंपनी ने ग्राहकों से अपील की है कि वे सामान्य खपत बनाए रखें और अफवाहों से प्रभावित न हों. पेट्रोल-डीजल की नहीं कमी हालांकि, वेस्ट एशिया में वॉर की वजह से वैश्विक आपूर्ति पर असर पड़ा है, खासकर LNG और LPG के मामले में. कतर जैसे प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं की गैस सुविधाएं प्रभावित होने से एलएनजी की आपूर्ति में कुछ बाधाएं आई हैं. ऐसे में घरेलू उपभोक्ताओं और CNG को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि उर्वरक जैसे औद्योगिक क्षेत्रों के लिए आपूर्ति सीमित की गई है. LPG पर इस संकट का सबसे ज्यादा असर पड़ा है, क्योंकि भारत अपनी कुल मांग का करीब 60% आयात करता है, जिसका बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आता है. मौजूदा स्थिति में सरकार ने घरेलू रसोई गैस को प्राथमिकता दी है और होटल-रेस्टुरेंट जैसे कॉमर्शियल उपयोग के लिए LPG की आपूर्ति को सीमित किया गया है. ये भी पढ़ें: ईरान वॉर से दुनिया परेशान, लेकिन भारत के लिए बड़ी खुशखबरी, सुनकर चीन-पाक को लगेगी मिर्ची

Mar 25, 2026 - 17:30
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क्या खत्म हो रहा पेट्रोल-डीजल? ईरान वॉर के बीच तेल कंपनियों ने की लोगों से ये अपील

Middle East Tensions: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है. हालांकि, इससे निपटने के लिए भारत सरकार लगातार वैकल्पिक उपायों पर काम कर रही है. इस बीच, लोगों में फैल रही अफवाहों और घबराहट को देखते हुए सरकारी तेल कंपनियों ने साफ किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है.

देश की सबसे बड़ी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) ने कहा है कि सभी पेट्रोल पंप पर्याप्त ईंधन से भरे हुए हैं और पूरी तरह सामान्य रूप से काम कर रहे हैं. कंपनी ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराकर ईंधन की अनावश्यक खरीदारी से बचें. IOC के अनुसार, ऐसी अफवाहें न केवल चिंता बढ़ाती हैं, बल्कि आपूर्ति व्यवस्था को भी प्रभावित कर सकती हैं.

तेल कंपनियों की अपील

वहीं, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने भी कुछ क्षेत्रों में ईंधन की कमी की खबरों को पूरी तरह निराधार बताया है. कंपनी का कहना है कि भारत पेट्रोल और डीजल का शुद्ध निर्यातक है और उसके पास कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और विमानन ईंधन (ATF) का पर्याप्त भंडार मौजूद है. आपूर्ति श्रृंखला भी पूरी तरह सुचारु रूप से चल रही है.

हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने भी इसी तरह भरोसा दिलाया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति स्थिर बनी हुई है. कंपनी ने ग्राहकों से अपील की है कि वे सामान्य खपत बनाए रखें और अफवाहों से प्रभावित न हों.

पेट्रोल-डीजल की नहीं कमी

हालांकि, वेस्ट एशिया में वॉर की वजह से वैश्विक आपूर्ति पर असर पड़ा है, खासकर LNG और LPG के मामले में. कतर जैसे प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं की गैस सुविधाएं प्रभावित होने से एलएनजी की आपूर्ति में कुछ बाधाएं आई हैं. ऐसे में घरेलू उपभोक्ताओं और CNG को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि उर्वरक जैसे औद्योगिक क्षेत्रों के लिए आपूर्ति सीमित की गई है.

LPG पर इस संकट का सबसे ज्यादा असर पड़ा है, क्योंकि भारत अपनी कुल मांग का करीब 60% आयात करता है, जिसका बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आता है. मौजूदा स्थिति में सरकार ने घरेलू रसोई गैस को प्राथमिकता दी है और होटल-रेस्टुरेंट जैसे कॉमर्शियल उपयोग के लिए LPG की आपूर्ति को सीमित किया गया है.

ये भी पढ़ें: ईरान वॉर से दुनिया परेशान, लेकिन भारत के लिए बड़ी खुशखबरी, सुनकर चीन-पाक को लगेगी मिर्ची

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