क्या 1800 के लेवल को पार कर जाएगा मुकेश अंबानी की RIL का शेयर? नुवामा को है भारी रिटर्न की उम्मीद

Reliance Industries Share: ब्रोकरेज फर्म नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के लिए अपने टारगेट प्राइस को बढ़ाकर 1,801 रुपये प्रति शेयर कर दिया है. ब्रोकरेज ने इसके शेयर को 'Buy' की रेटिंग भी दी है. इसी के साथ आज कारोबार के दौरान दोपहर 12.50 बजे कारोबार के दौरान रिलायंस के शेयर 1.9 परसेंट उछलकर 1,529 रुपये पर पहुंच गए. बताया जा रहा है रिलायंस के हाल ही में सोलर मॉड्यूल लॉन्च किए जाने के बाद ही नुवामा ने इस पर बड़ा दांव लगाया है.  रिलायंस ने शुरू की HJT मॉड्यूल की मैन्युफैक्चरिंग  दरअसल, रिलायंस ने 1 GW (गीगावाट) की HJT मॉड्यूल की मैन्युफैक्चरिंग शुरू कर दी है. 2026 तक इसकी कैपेसिटी को बढ़ाकर 10 GW तक करने का प्लान है. यह मॉड्यूल हेटरोजंक्शन टेक्नोलॉजी (HJIT) पर बेस्ड है और इसकी एफिशिएंसी 23.1 परसेंट है, जो आम सोलर पैनलों के मुकाबले काफी ज्यादा है. यह दूसरे सोलर पैनलों के मुकाबले कहीं अधिक यूनिट बिजली पैदा करती है. रिलायंस के उठाए गए इस कदम से भारत को क्लीन एनर्जी के अपने लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिलेगी.  क्यों नुवामा को है RIL पर भरोसा? नुवामा का कहना है कि उनके इंडस्ट्री में चैनलों के मुताबिक, RIL अपने HJT मॉड्यूल को घरेलू मार्केट में बेचने की तैयारी में है क्योंकि बिजली पैदा होने के काम में अभी थोड़ा वक्त लग सकता है. इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, नुवामा में जल ईरानी और उनकी टीम का कहना है कि रिलायंस के न्यू एनर्जी के रोलआउट से न केवल कंपनी के PAT में 50 परसेंट तक का इजाफा होगा, बल्कि 2035 तक कंपनी के नेट-जीरो कार्बन टारगेट को देखते हुए O2C बिजनेस को भी फिर से री-रेट किया जाएगा. रिलायंस का  O2C सेगमेंट (Oil to Chemicals) अभी इसके प्रॉफिट का बहुत बड़ा सोर्स है, जो EBITDA का दो-पांचवां हिस्सा और PAT का आधे से ज्यादा हिस्सा देता है. रिलांयस के प्लान में ये सारी चीजें भी शामिल रिलायंस फिलहाल इस इंटीग्रेटेड सोलर फेसिलिटी के साथ 30 GWh बैटरी फैसिलिटी, ग्रीन हाइड्रोजन और इलेक्ट्रोलाइजर मैन्युफैक्चरिंग, और 55 CBG प्लांट्स लगाने का भी प्लान बना रही है. कंपनी का टारगेट 50 CBG प्लांट्स के सेटअप का है. नुवामा ने अपने नोट में कहा कि अगस्त-सितंबर में होने वाली कंपनी की अगली AGM पर नजर रखें. हम SOTP-बेस्ड टारगेट प्राइस को बढ़ाकर 1,801 रुपये कर रहे हैं - जो कि मार्केट में सबसे अधिक है. मॉड्यूल का प्रॉफिट उम्मीद से ज्यादा हो इसकी संभावनाओं को देखते हुए हम RIL के शेयर पर अपनी 'Buy'की रेटिंग को बरकरार रखते हैं.  डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.) ये भी पढ़ें: देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने जून में लगाई छलांग, PMI इंडेक्स पहुंचा 58 के पार

Jul 1, 2025 - 17:30
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क्या 1800 के लेवल को पार कर जाएगा मुकेश अंबानी की RIL का शेयर? नुवामा को है भारी रिटर्न की उम्मीद

Reliance Industries Share: ब्रोकरेज फर्म नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के लिए अपने टारगेट प्राइस को बढ़ाकर 1,801 रुपये प्रति शेयर कर दिया है. ब्रोकरेज ने इसके शेयर को 'Buy' की रेटिंग भी दी है. इसी के साथ आज कारोबार के दौरान दोपहर 12.50 बजे कारोबार के दौरान रिलायंस के शेयर 1.9 परसेंट उछलकर 1,529 रुपये पर पहुंच गए. बताया जा रहा है रिलायंस के हाल ही में सोलर मॉड्यूल लॉन्च किए जाने के बाद ही नुवामा ने इस पर बड़ा दांव लगाया है. 

रिलायंस ने शुरू की HJT मॉड्यूल की मैन्युफैक्चरिंग 

दरअसल, रिलायंस ने 1 GW (गीगावाट) की HJT मॉड्यूल की मैन्युफैक्चरिंग शुरू कर दी है. 2026 तक इसकी कैपेसिटी को बढ़ाकर 10 GW तक करने का प्लान है. यह मॉड्यूल हेटरोजंक्शन टेक्नोलॉजी (HJIT) पर बेस्ड है और इसकी एफिशिएंसी 23.1 परसेंट है, जो आम सोलर पैनलों के मुकाबले काफी ज्यादा है. यह दूसरे सोलर पैनलों के मुकाबले कहीं अधिक यूनिट बिजली पैदा करती है. रिलायंस के उठाए गए इस कदम से भारत को क्लीन एनर्जी के अपने लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिलेगी. 

क्यों नुवामा को है RIL पर भरोसा?

नुवामा का कहना है कि उनके इंडस्ट्री में चैनलों के मुताबिक, RIL अपने HJT मॉड्यूल को घरेलू मार्केट में बेचने की तैयारी में है क्योंकि बिजली पैदा होने के काम में अभी थोड़ा वक्त लग सकता है.

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, नुवामा में जल ईरानी और उनकी टीम का कहना है कि रिलायंस के न्यू एनर्जी के रोलआउट से न केवल कंपनी के PAT में 50 परसेंट तक का इजाफा होगा, बल्कि 2035 तक कंपनी के नेट-जीरो कार्बन टारगेट को देखते हुए O2C बिजनेस को भी फिर से री-रेट किया जाएगा. रिलायंस का  O2C सेगमेंट (Oil to Chemicals) अभी इसके प्रॉफिट का बहुत बड़ा सोर्स है, जो EBITDA का दो-पांचवां हिस्सा और PAT का आधे से ज्यादा हिस्सा देता है.

रिलांयस के प्लान में ये सारी चीजें भी शामिल

रिलायंस फिलहाल इस इंटीग्रेटेड सोलर फेसिलिटी के साथ 30 GWh बैटरी फैसिलिटी, ग्रीन हाइड्रोजन और इलेक्ट्रोलाइजर मैन्युफैक्चरिंग, और 55 CBG प्लांट्स लगाने का भी प्लान बना रही है. कंपनी का टारगेट 50 CBG प्लांट्स के सेटअप का है.

नुवामा ने अपने नोट में कहा कि अगस्त-सितंबर में होने वाली कंपनी की अगली AGM पर नजर रखें. हम SOTP-बेस्ड टारगेट प्राइस को बढ़ाकर 1,801 रुपये कर रहे हैं - जो कि मार्केट में सबसे अधिक है. मॉड्यूल का प्रॉफिट उम्मीद से ज्यादा हो इसकी संभावनाओं को देखते हुए हम RIL के शेयर पर अपनी 'Buy'की रेटिंग को बरकरार रखते हैं. 

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने जून में लगाई छलांग, PMI इंडेक्स पहुंचा 58 के पार

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