कौन हैं Eternal के नए CEO अल्बिंदर ढिंडसा? जानिए उनकी शिक्षा से लेकर प्रोफेशनल सफर तक की कहानी

Albinder Dhindsa New CEO Eternal: फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो की पेरेंट कंपनी एटरनल में शीर्ष स्तर पर बड़ा बदलाव देखने को मिला है. कंपनी के फाउंडर और सीईओ दीपिंदर गोयल ने अपने पद से हटने का फैसला किया है. उन्होंने खुद इसकी जानकारी दी थी. यह फैसला 1 फरवरी से लागू होगा. हालांकि वे पूरी तरह से कंपनी नहीं छोड़ रहे हैं. इसके बाद वे कंपनी में वाइस चेयरमैन की भूमिका में नजर आएंगे. वहीं, अब कंपनी की कमान अल्बिंदर ढिंडसा संभालने वाले हैं. जो पहले से ही एटरनल से जुड़े हुए हैं. नए सीईओ बनने के बाद उनपर कंपनी को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी. ऐसे में निवेशकों और यूजर्स के मन में यह सवाल उठ रहा है कि अल्बिंदर ढिंडसा कौन हैं और उनका अब तक का सफर कैसा रहा है? आइए जानते हैं, इस बारे में..... शिक्षा से लेकर प्रोफेशनल सफर तक अल्बिंदर ढिंडसा की कहानी अल्बिंदर ढिंडसा पहले से ही एटरनल ग्रुप का हिस्सा रहे हैं. वे देश के बड़े क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म Blinkit के फाउंडर और सीईओ के तौर पर अपनी पहचान बना चुके हैं. अब वह एटरनल के नए सीईओ की जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं.  शिक्षा की बात करें तो अल्बिंदर ढिंडसा ने IIT दिल्ली से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है. इसके बाद उन्होंने साल 2010 से 2012 के बीच Columbia Business School से MBA किया. मैनेजमेंट की पढ़ाई से पहले और उसके दौरान उन्होंने कई बड़ी कंपनियों में काम करने का अनुभव हासिल किया. अपने करियर की शुरुआत में उन्होंने URS Corporation में ट्रांसपोर्टेशन एनालिस्ट के रूप में काम किया. इसके बाद Cambridge Systematics में सीनियर एसोसिएट की भूमिका निभाई. वहीं, MBA के दौरान वह UBS Investment Bank में एसोसिएट के तौर पर भी काम कर चुके हैं, जिससे उन्हें फाइनेंस और बिजनेस दोनों की अच्छी समझ मिली.  जोमैटो से ब्लिंकिट तक अल्बिंदर ढिंडसा का सफर अल्बिंदर ढिंडसा ने साल 2011 में जोमैटो के साथ अपने करियर की एक अहम शुरुआत की थी. यहां उन्होंने हेड ऑफ इंटरनेशनल एक्सपेंशन की जिम्मेदारी संभाली और कंपनी के वैश्विक स्तर पर विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.  इसके बाद उन्होंने जोमैटो से अलग होकर Grofers की स्थापना की. जिसे आगे चलकर Blinkit के नाम से जाना जाने लगा. यह प्लेटफॉर्म तेजी से लोकप्रिय हुआ और साल 2022 में जोमैटो ने इसे अपने साथ जोड़ लिया. इस अधिग्रहण के बाद Blinkit एटरनल ग्रुप का हिस्सा बन गया.  यह भी पढ़ें: रिटर्न के मामले में इस धातु ने सोना-चांदी को दी पटखनी; चुपचाप निवेशकों को दिया 150% से ज्यादा रिटर्न, जानें डिटेल 

Jan 22, 2026 - 16:30
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कौन हैं Eternal के नए CEO अल्बिंदर ढिंडसा? जानिए उनकी शिक्षा से लेकर प्रोफेशनल सफर तक की कहानी

Albinder Dhindsa New CEO Eternal: फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो की पेरेंट कंपनी एटरनल में शीर्ष स्तर पर बड़ा बदलाव देखने को मिला है. कंपनी के फाउंडर और सीईओ दीपिंदर गोयल ने अपने पद से हटने का फैसला किया है. उन्होंने खुद इसकी जानकारी दी थी. यह फैसला 1 फरवरी से लागू होगा. हालांकि वे पूरी तरह से कंपनी नहीं छोड़ रहे हैं. इसके बाद वे कंपनी में वाइस चेयरमैन की भूमिका में नजर आएंगे.

वहीं, अब कंपनी की कमान अल्बिंदर ढिंडसा संभालने वाले हैं. जो पहले से ही एटरनल से जुड़े हुए हैं. नए सीईओ बनने के बाद उनपर कंपनी को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी. ऐसे में निवेशकों और यूजर्स के मन में यह सवाल उठ रहा है कि अल्बिंदर ढिंडसा कौन हैं और उनका अब तक का सफर कैसा रहा है? आइए जानते हैं, इस बारे में.....

शिक्षा से लेकर प्रोफेशनल सफर तक अल्बिंदर ढिंडसा की कहानी

अल्बिंदर ढिंडसा पहले से ही एटरनल ग्रुप का हिस्सा रहे हैं. वे देश के बड़े क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म Blinkit के फाउंडर और सीईओ के तौर पर अपनी पहचान बना चुके हैं. अब वह एटरनल के नए सीईओ की जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं. 

शिक्षा की बात करें तो अल्बिंदर ढिंडसा ने IIT दिल्ली से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है. इसके बाद उन्होंने साल 2010 से 2012 के बीच Columbia Business School से MBA किया. मैनेजमेंट की पढ़ाई से पहले और उसके दौरान उन्होंने कई बड़ी कंपनियों में काम करने का अनुभव हासिल किया.

अपने करियर की शुरुआत में उन्होंने URS Corporation में ट्रांसपोर्टेशन एनालिस्ट के रूप में काम किया. इसके बाद Cambridge Systematics में सीनियर एसोसिएट की भूमिका निभाई. वहीं, MBA के दौरान वह UBS Investment Bank में एसोसिएट के तौर पर भी काम कर चुके हैं, जिससे उन्हें फाइनेंस और बिजनेस दोनों की अच्छी समझ मिली. 

जोमैटो से ब्लिंकिट तक अल्बिंदर ढिंडसा का सफर

अल्बिंदर ढिंडसा ने साल 2011 में जोमैटो के साथ अपने करियर की एक अहम शुरुआत की थी. यहां उन्होंने हेड ऑफ इंटरनेशनल एक्सपेंशन की जिम्मेदारी संभाली और कंपनी के वैश्विक स्तर पर विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. 

इसके बाद उन्होंने जोमैटो से अलग होकर Grofers की स्थापना की. जिसे आगे चलकर Blinkit के नाम से जाना जाने लगा. यह प्लेटफॉर्म तेजी से लोकप्रिय हुआ और साल 2022 में जोमैटो ने इसे अपने साथ जोड़ लिया. इस अधिग्रहण के बाद Blinkit एटरनल ग्रुप का हिस्सा बन गया. 

यह भी पढ़ें: रिटर्न के मामले में इस धातु ने सोना-चांदी को दी पटखनी; चुपचाप निवेशकों को दिया 150% से ज्यादा रिटर्न, जानें डिटेल 

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