केवल चाय चखकर कमा सकते हैं लाखों, टी-टेस्टर बनने के लिए किस कोर्स में लें एडमिशन

Tea Taster Course: अगर आपको चाय पसंद है और आप इसे सिर्फ पीने तक सीमित नहीं रखना चाहते हैं, तो अब इसे करियर बनाने का भी आपको मौका मिल सकता है. भारतीय चाय बोर्ड ने युवाओं को प्रोफेशनल टी-टेस्टर और टी-समेलियर बनाने के लिए देश के पहले एनसीवीईटी अप्रूव्ड सर्टिफाइड टी-टेस्टिंग कोर्स शुरू किए हैं. इन कोर्सों का उद्देश्य चाय की क्वालिटी परखने, ब्लेंडिंग और क्वालिटी असेसमेंट जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित प्रोफेशनल्स तैयार करना है, ताकि भारतीय चाय की गुणवत्ता और वैश्विक पहचान को और मजबूत किया जा सके.  पश्चिम बंगाल से हुई शुरुआत  टी बोर्ड ने इस विशेष कोर्सों की शुरुआत पश्चिम बंगाल के कर्सियांग स्थित अपने रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर में की है. पहला बैच दार्जिलिंग टी रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर में शुरू हो चुका है, जहां प्रतिभागियों को प्रोफेशनल टी टेस्टिंग, ब्लेंडिंग तकनीक और चाय उद्योग के नए ट्रेंड्स की ट्रेनिंग दी जा रही है.  दो तरह के सर्टिफिकेट कोर्स  इस पहल के तहत दो सर्टिफिकेशन प्रोग्राम शुरू किए गए हैं. पहला 60 घंटे का सर्टिफिकेशन कोर्स और दूसरा 210 घंटे का एडवांस सर्टिफिकेट कोर्स. पहले बैच की शुरुआत 60 घंटे वाले कार्यक्रम से की गई है. इसमें चाय की वैज्ञानिक तरीके से जांच, स्वाद, खुशबू की पहचान, ब्लेंडिंग तकनीक और उद्योग में हो रहे बदलावों के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा.  कोर्स में क्या सिखाया जाएगा? इन कोर्स का पाठ्यक्रम सिर्फ चाय का स्वाद पहचानने तक सीमित नहीं है. इसमें प्रतिभागियों को चाय की क्वालिटी का वैज्ञानिक मूल्यांकन, फ्लेवर, अरोमा और माउथ फील की पहचान करना सिखाया जाएगा. इसके अलावा हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में टी सर्विस, फूड पेयरिंग, लग्जरी टी प्रेजेंटेशन, सर्विंग एटीकेटी, नई टी ब्लेंड ब्लाइंड तैयार करना, बदलती उपभोक्ता पसंद और टिकाऊ टी प्रोडक्शन जैसी चीजों की भी ट्रेनिंग दी जाएगी  ये भी पढ़ें-क्या है मुख्यमंत्री वर्क फ्रॉम होम योजना, इसके लिए कैसे अप्लाई कर सकते हैं? एनईपी 2020 और एनसीवीईटी से मंजूरी  इन कोर्सों को नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग की मंजूरी मिली है. पाठ्यक्रम को राष्ट्रीय शिक्षा नीति और नेशनल स्किल क्वालीफिकेशन फ्रेमवर्क के अनुरूप तैयार किया गया है. कोर्स का सिलेबस सरकारी अधिकारियों, उद्योग विशेषज्ञों और चाय क्षेत्र के पेशेवरों ने मिलकर तैयार किया है, ताकि प्रशिक्षण उद्योग की जरूरतों के अनुरूप हो. कौन कर सकता है आवेदन?  टी बोर्ड के अनुसार इन कोर्स में वही उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं, जो निर्धारित योग्यता पूरी करते हो. आवेदन के लिए अभ्यर्थियों के पास 12वीं पास होना चाहिए. टी टेस्टिंग में 1.5 साल का एक्सपीरियंस और एनएसक्यूएफ लेवल 3.5 सर्टिफिकेशन या टी टेस्टिंग में 3 साल का एक्सपीरियंस और एनएसक्यूएफ लेवल 3 सर्टिफिकेशन होना चाहिए. यह कोर्स नए उम्मीदवारों के साथ-साथ उन लोगों के लिए भी है, जो पहले से चाय उद्योग में काम कर रहे हैं और अपनी स्किल्स को बेहतर बनाना चाहते हैं. ये भी पढ़ें-भारतीय डाक विभाग में ड्राइवर के पदों पर भर्ती, 10वीं पास के लिए मौका 

Aug 5, 2026 - 20:30
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केवल चाय चखकर कमा सकते हैं लाखों, टी-टेस्टर बनने के लिए किस कोर्स में लें एडमिशन

Tea Taster Course: अगर आपको चाय पसंद है और आप इसे सिर्फ पीने तक सीमित नहीं रखना चाहते हैं, तो अब इसे करियर बनाने का भी आपको मौका मिल सकता है. भारतीय चाय बोर्ड ने युवाओं को प्रोफेशनल टी-टेस्टर और टी-समेलियर बनाने के लिए देश के पहले एनसीवीईटी अप्रूव्ड सर्टिफाइड टी-टेस्टिंग कोर्स शुरू किए हैं. इन कोर्सों का उद्देश्य चाय की क्वालिटी परखने, ब्लेंडिंग और क्वालिटी असेसमेंट जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित प्रोफेशनल्स तैयार करना है, ताकि भारतीय चाय की गुणवत्ता और वैश्विक पहचान को और मजबूत किया जा सके. 

पश्चिम बंगाल से हुई शुरुआत 

टी बोर्ड ने इस विशेष कोर्सों की शुरुआत पश्चिम बंगाल के कर्सियांग स्थित अपने रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर में की है. पहला बैच दार्जिलिंग टी रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर में शुरू हो चुका है, जहां प्रतिभागियों को प्रोफेशनल टी टेस्टिंग, ब्लेंडिंग तकनीक और चाय उद्योग के नए ट्रेंड्स की ट्रेनिंग दी जा रही है. 

दो तरह के सर्टिफिकेट कोर्स 

इस पहल के तहत दो सर्टिफिकेशन प्रोग्राम शुरू किए गए हैं. पहला 60 घंटे का सर्टिफिकेशन कोर्स और दूसरा 210 घंटे का एडवांस सर्टिफिकेट कोर्स. पहले बैच की शुरुआत 60 घंटे वाले कार्यक्रम से की गई है. इसमें चाय की वैज्ञानिक तरीके से जांच, स्वाद, खुशबू की पहचान, ब्लेंडिंग तकनीक और उद्योग में हो रहे बदलावों के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा. 

कोर्स में क्या सिखाया जाएगा?

इन कोर्स का पाठ्यक्रम सिर्फ चाय का स्वाद पहचानने तक सीमित नहीं है. इसमें प्रतिभागियों को चाय की क्वालिटी का वैज्ञानिक मूल्यांकन, फ्लेवर, अरोमा और माउथ फील की पहचान करना सिखाया जाएगा. इसके अलावा हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में टी सर्विस, फूड पेयरिंग, लग्जरी टी प्रेजेंटेशन, सर्विंग एटीकेटी, नई टी ब्लेंड ब्लाइंड तैयार करना, बदलती उपभोक्ता पसंद और टिकाऊ टी प्रोडक्शन जैसी चीजों की भी ट्रेनिंग दी जाएगी 

ये भी पढ़ें-क्या है मुख्यमंत्री वर्क फ्रॉम होम योजना, इसके लिए कैसे अप्लाई कर सकते हैं?

एनईपी 2020 और एनसीवीईटी से मंजूरी 

इन कोर्सों को नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग की मंजूरी मिली है. पाठ्यक्रम को राष्ट्रीय शिक्षा नीति और नेशनल स्किल क्वालीफिकेशन फ्रेमवर्क के अनुरूप तैयार किया गया है. कोर्स का सिलेबस सरकारी अधिकारियों, उद्योग विशेषज्ञों और चाय क्षेत्र के पेशेवरों ने मिलकर तैयार किया है, ताकि प्रशिक्षण उद्योग की जरूरतों के अनुरूप हो.

कौन कर सकता है आवेदन? 

टी बोर्ड के अनुसार इन कोर्स में वही उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं, जो निर्धारित योग्यता पूरी करते हो. आवेदन के लिए अभ्यर्थियों के पास 12वीं पास होना चाहिए. टी टेस्टिंग में 1.5 साल का एक्सपीरियंस और एनएसक्यूएफ लेवल 3.5 सर्टिफिकेशन या टी टेस्टिंग में 3 साल का एक्सपीरियंस और एनएसक्यूएफ लेवल 3 सर्टिफिकेशन होना चाहिए. यह कोर्स नए उम्मीदवारों के साथ-साथ उन लोगों के लिए भी है, जो पहले से चाय उद्योग में काम कर रहे हैं और अपनी स्किल्स को बेहतर बनाना चाहते हैं.

ये भी पढ़ें-भारतीय डाक विभाग में ड्राइवर के पदों पर भर्ती, 10वीं पास के लिए मौका 

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