‘किसकी क्या भूमिका रही’, चंदा चोरी पर चंपत राय-अनिल मिश्रा का इस्तीफा, जानें ट्रस्ट का पहला रिएक्शन
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे मंजूर कर लिया गया है. कृष्ण मोहन को चंपत राय की जगह अंतरिम महासचिव नियुक्त किया गया है. ट्र्स्ट ने कहा, 'फंड जुटाने के अभियान और कॉर्पस डोनेशन से मिली कुल ₹3,264 करोड़ की रकम में से ₹2,370 करोड़ का इस्तेमाल निर्माण और कैपिटल खर्च के लिए किया गया है. शुरुआत से लेकर 31 मार्च, 2026 तक कुल ₹582 करोड़ का चढ़ावा मिला, जिसमें से ₹391 करोड़ का इस्तेमाल ऑपरेशनल खर्चों के लिए किया गया. बाकी फंड बैंक खातों में मौजूद है.' चंपत राय-अनिल मिश्रा का इस्तीफा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने बयान जारी कर कहा, 'SIT की शुरुआती रिपोर्ट के बाद, जनरल सेक्रेटरी चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने नैतिक आधार पर इस्तीफा दे दिया. ट्रस्ट ने निष्पक्ष जांच के लिए नैतिक आधार पर उन दोनों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं. ट्रस्ट ने श्री गोपाल नागरकट्टे को विशेष आमंत्रित सदस्यों की सूची से हटाने का भी फैसला किया है. ट्रस्ट का मानना है कि कानूनी जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद सच सामने आएगा और तब तक किसी पर भी आरोप लगाना ठीक नहीं है.' भक्त अपनी भेंट के इस्तेमाल की जांच कैसे करें? ट्रस्ट ने कहा, 'कैश के अलावा, कई भक्तों ने भगवान श्री राम लल्ला को वस्तु के रूप में भी भेंट दी है. ऐसी कुल 2,926 भेंट मिली हैं. इन सभी का पूरा विवरण मिलने की तारीख समेत एक रजिस्टर में दर्ज किया जाता है और इंटरनल ऑडिटर के तौर पर काम करने वाली एक स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंसी फर्म हर साल इनकी फिजिकल वेरिफिकेशन करती है. जो भक्त अपनी भेंट के इस्तेमाल की जांच करना चाहते हैं या उनसे जुड़ी जानकारी पाना चाहते हैं, उनसे अनुरोध है कि वे ट्रस्ट के अधिकारी से अपॉइंटमेंट लेकर अयोध्या आएं.' A meeting of the Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra (Trust) was held today.Out of the total amount of ₹3,264 crore received through the fund contribution campaign and corpus donations, ₹2,370 crore has been utilised for construction and capital expenditure. From the… pic.twitter.com/tRkZLYQ5Mi — ANI (@ANI) July 6, 2026 हिंदू आस्था को कमजोर करने की कोशिश: ट्रस्ट श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने कहा, 'ट्र्स्ट प्रबंधन की पद्धति और प्रणाली की कमजोरियों को दूर करने और सशक्त बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया है. एसआईटी से अपेक्षित अनुशंसाओं से अतिरिक्त विशेषज्ञों से भी संवतंत्र परामर्श लेने का सुझाव दिया है, जिससे मंदिर प्रबंधन की एक आदर्श, कुशल और पारदर्शी व्यवस्था स्थापित हो सके. कुछ लोग इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना को श्रीरामलला मंदिर, हिंदू समाज और हिंदू आस्था को कमजोर करने के अवसर के रूप में उपयोग करने का प्रयास कर रहे हैं. आधारहीन आरोप जनमानस के समक्ष प्रस्तुत किए जा रहे हैं. इसका उद्देश्य सच सामने लाना नहीं, बल्कि भ्रम फैलाना है.' ये भी पढ़ें : Explained: अग्निपथ स्कीम में 75% को मिलेगी पक्की नौकरी! तीनों सेनाओं ने क्यों मांगे ज्यादा अग्निवीर, बदलाव कितना मुमकिन?
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे मंजूर कर लिया गया है. कृष्ण मोहन को चंपत राय की जगह अंतरिम महासचिव नियुक्त किया गया है. ट्र्स्ट ने कहा, 'फंड जुटाने के अभियान और कॉर्पस डोनेशन से मिली कुल ₹3,264 करोड़ की रकम में से ₹2,370 करोड़ का इस्तेमाल निर्माण और कैपिटल खर्च के लिए किया गया है. शुरुआत से लेकर 31 मार्च, 2026 तक कुल ₹582 करोड़ का चढ़ावा मिला, जिसमें से ₹391 करोड़ का इस्तेमाल ऑपरेशनल खर्चों के लिए किया गया. बाकी फंड बैंक खातों में मौजूद है.'
चंपत राय-अनिल मिश्रा का इस्तीफा
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने बयान जारी कर कहा, 'SIT की शुरुआती रिपोर्ट के बाद, जनरल सेक्रेटरी चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने नैतिक आधार पर इस्तीफा दे दिया. ट्रस्ट ने निष्पक्ष जांच के लिए नैतिक आधार पर उन दोनों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं. ट्रस्ट ने श्री गोपाल नागरकट्टे को विशेष आमंत्रित सदस्यों की सूची से हटाने का भी फैसला किया है. ट्रस्ट का मानना है कि कानूनी जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद सच सामने आएगा और तब तक किसी पर भी आरोप लगाना ठीक नहीं है.'
भक्त अपनी भेंट के इस्तेमाल की जांच कैसे करें?
ट्रस्ट ने कहा, 'कैश के अलावा, कई भक्तों ने भगवान श्री राम लल्ला को वस्तु के रूप में भी भेंट दी है. ऐसी कुल 2,926 भेंट मिली हैं. इन सभी का पूरा विवरण मिलने की तारीख समेत एक रजिस्टर में दर्ज किया जाता है और इंटरनल ऑडिटर के तौर पर काम करने वाली एक स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंसी फर्म हर साल इनकी फिजिकल वेरिफिकेशन करती है. जो भक्त अपनी भेंट के इस्तेमाल की जांच करना चाहते हैं या उनसे जुड़ी जानकारी पाना चाहते हैं, उनसे अनुरोध है कि वे ट्रस्ट के अधिकारी से अपॉइंटमेंट लेकर अयोध्या आएं.'
A meeting of the Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra (Trust) was held today.
Out of the total amount of ₹3,264 crore received through the fund contribution campaign and corpus donations, ₹2,370 crore has been utilised for construction and capital expenditure. From the… pic.twitter.com/tRkZLYQ5Mi — ANI (@ANI) July 6, 2026
हिंदू आस्था को कमजोर करने की कोशिश: ट्रस्ट
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने कहा, 'ट्र्स्ट प्रबंधन की पद्धति और प्रणाली की कमजोरियों को दूर करने और सशक्त बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया है. एसआईटी से अपेक्षित अनुशंसाओं से अतिरिक्त विशेषज्ञों से भी संवतंत्र परामर्श लेने का सुझाव दिया है, जिससे मंदिर प्रबंधन की एक आदर्श, कुशल और पारदर्शी व्यवस्था स्थापित हो सके. कुछ लोग इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना को श्रीरामलला मंदिर, हिंदू समाज और हिंदू आस्था को कमजोर करने के अवसर के रूप में उपयोग करने का प्रयास कर रहे हैं. आधारहीन आरोप जनमानस के समक्ष प्रस्तुत किए जा रहे हैं. इसका उद्देश्य सच सामने लाना नहीं, बल्कि भ्रम फैलाना है.'
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