किन लोगों को जल्दी होती है पैनिक बाइंग, क्यों बढ़ता है कुछ भी खरीदने का पागलपन?

आज के समय में शॉपिंग अब केवल जरूरत के समान तक सीमित नहीं रह गई है. कई बार लोग बिना जरूरत की चीजों की भी भारी खरीदारी कर लेते हैं, खासकर तब जब उन्हें लगता है कि कोई प्रोडक्ट जल्दी खत्म होने वाला है या कोई खास ऑफर छूट सकता है. साइकोलॉजी की भाषा में इस व्यवहार को पैनिक बाइंग कहा जाता है. यह कंडीशन उस समय होती है जब लोग कमी या मौका छूट जाने के डर से अचानक और जरूरत से ज्यादा खरीदारी करने लगते हैं. यह आदत राशन या जरूरी सामान तक सीमित नहीं है, बल्कि नए गैजेट्स, ट्रेडिंग प्रोडक्ट्स और ऑनलाइन सेल में भी देखने को मिलता है. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि पैनिक बाइंग किन लोगों को जल्दी होती है और कुछ भी खरीदने का पागलपन क्यों बढ़ता है. ये भी पढ़ें-Pesticides In Spices: सेहत से समझौता! एवरेस्ट के मसालों में मिले कीटनाशक, जानें आपकी सेहत के लिए ये कितने खतरनाक? क्या है पैनिक बाइंग?पैनिक बाइंग उस कंडीशन को कहा जाता है, जब किसी वस्तु की कमी होने की आशंका या दूसरों को खरीदते देखकर लोग अचानक बड़ी मात्रा में खरीदारी करने लगते हैं. कई बार यह व्यवहार कुछ छूट जाने के डर या फोमो से भी जुड़ा होता है. यही कारण है कि लोग किसी नए स्मार्टफोन जूतों के कलेक्शन या ट्रेडिंग गैजेट्स खरीदने के लिए जल्दबाजी करने लगते हैं. पैनिक बाइंग में दिमाग कैसे करता है फैसला?साइकोलॉजी के अनुसार जब किसी प्रोडक्ट के बारे में सिर्फ कुछ ही आइटम बचें हैं या ऑफर खत्म होने वाला है जैसे मैसेज सामने आते हैं तो दिमाग का अमिगडाला हिस्सा सक्रिय हो जाता है. यह वही हिस्सा है जो खतरे या नुकसान का संकेत देता है. यहां खतरा किसी वस्तु को खो देने का होता है. जैसे ही व्यक्ति वह  चीज खरीद लेता है, दिमाग में डोपामाइन नाम का केमिकल रिलीज होता है, जिससे उसे संतुष्टि या जीत जैसा एहसास होता है. किन लोगों में ज्यादा दिखती है यह आदत?साइकोलॉजी के अनुसार जिन लोगों में असुरक्षा की भावना होती है या जो सामाजिक तुलना से प्रभावित होते हैं, उनमें पैनिक बाइंग की प्रवृत्ति जल्दी देखने को मिलती है. एक्सपर्ट्स बताते हैं जब लोगों को लगता है कि किसी चीज की मांग ज्यादा और सप्लाई कम है तो उनका दिमाग सर्वाइवल मोड में चला जाता है. ऐसे में व्यक्ति है सोचने लगता है कि अगर उसके पास वह चीज नहीं होगी जो दूसरों के पास है तो वह पीछे रह जाएगा. वहीं आज के दौर में सोशल मीडिया इस व्यवहार को और तेज कर देता है, जब लोग अपने आसपास के लोगों को किसी खास ब्रांड या प्रोडक्ट के पीछे भागते देखते हैं तो उनकी वैसा ही करने की इच्छा पैदा हो जाती है.पैनिक बाइंग से कैसे बचें?एक्सपर्ट के अनुसार इस आदत से बचने के लिए कुछ सरल उपाय अपनाए जा सकते हैं. कोई भी महंगा या ट्रेंडिंग सामान खरीदने से पहले खुद को थोड़ा समय देना चाहिए, ताकि अचानक पैदा हुई उत्सुकता कम हो सके. खरीदारी से पहले जरूरी सामान की एक लिस्ट बनाना भी मददगार हो सकता है. इसके अलावा सेल, डिस्काउंट से जुड़े लगातार आने वाले नोटिफिकेशन को बंद करना भी जरूरी है, क्योंकि कई बार यह मैसेज पैनिक बाइंग को ट्रिगर करते हैं. ये भी पढ़ें-Euthanasia: किस देश में सबसे पहले लागू हुई थी इच्छामृत्यु, किस वजह से उस शख्स ने चुनी थी मौत?

Mar 12, 2026 - 08:30
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