कितने पढ़े-लिखे हैं कुशाग्र अद्वैत, जिनकी कविता पर मचा बवाल?
हिंदी साहित्य में युवा कवि कुशाग्र अद्वैत की कविता छानकर की कुछ पंक्तियों को लेकर इन दिनों बहस छिड़ी हुई है. रेख्ता फाउंडेशन के हिंदवी ने उनकी कविता की कुछ पंक्तियां सोशल मीडिया पर शेयर की थी, जिसके बाद साहित्य से जुड़े लोगों के बीच इसको लेकर अलग-अलग राय सामने आने लगी. कविता की पंक्तियों को में दो स्तन शब्द के इस्तेमाल को लेकर एक पक्ष ने आपत्ति जताई, जबकि दूसरा पक्ष कवि के साथ खड़ा नजर आया. सोशल मीडिया पर विवाद बढ़ने के बीच कुशाग्र अद्वैत ने भी इस मामले पर अपनी बात रखी. कुशाग्र अद्वैत का कहना है कि कविता में उन्होंने जानबूझकर स्तन शब्द का इस्तेमाल किया और वह इसे किसी दूसरे शब्द से बदलना नहीं चाहते. ऐसे में अब सोशल मीडिया पर कुशाग्र अद्वैत की चर्चाएं होने लगी है. तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि कुशाग्र अद्वैत कितने पढ़े लिखे हैं, जिनकी कविता पर बवाल मच गया है. बीएचयू से कर रहे हैं पीएचडी कुशाग्र अद्वैत की उम्र 28 साल है और वह लंबे समय से कविता लिख रहे हैं. उनकी कविताएं समय-समय पर प्रकाशित होती रही है. वह बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर रहे हैं. उनका रिसर्च सब्जेक्ट भी उपनिवेशीकरण है. कविता को लेकर चल रहे विवाद के बीच उन्होंने एक इंटरव्यू में अपने बारे में यह जानकारी दी थी. ये भी पढ़ें-डाक विभाग में निकली 25 हजार से ज्यादा नौकरियां, 10वीं पास करें आवेदन स्तन शब्द बदलने का भी आया दबाव कविता की कुछ पंक्तियां सामने आने के बाद कुशाग्र अद्वैत को सोशल मीडिया पर आलोचना और गलियों का सामना भी करना पड़ा. उन्होंने कहा कि वह फेसबुक पर नहीं है और कविताओं की पंक्तियां पोस्ट होने के बाद उन्हें लगातार गलियां मिलने लगी. उनका कहना था कि वह ऐसी गालियों के आदी नहीं है. उन्होंने बताया कि विवाद के बाद वह हिंदवी के संपादक के पास भी गए. उनका कहना था कि अगर ये उनकी कविता की पंक्तियां है, तो उनके साथ साहस के साथ खड़ा रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि शुरुआत में वह इस विवाद में सामने नहीं थे, लेकिन अब वह अपनी उन पंक्तियों के साथ मजबूती से खड़े हैं. कुशाग्र ने यह भी कहा कि उन पर स्तन शब्द को आंख शब्द जैसे किसी दूसरे शब्दों से बदलने का दबाव था, लेकिन वह ऐसा नहीं करना चाहते थे .उनके अनुसार वह कविता में स्तन लिखना चाहते हैं थे. छनकर कविता की इन पंक्तियों पर हुआ विवाद दरअसल यह विवाद कुशाग्र अद्वैत की कविता छनकर की कुछ पंक्तियों को लेकर शुरू हुआ. हिंदवी की कविता की कुछ पंक्तियां सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई थी, इनमें कवि ने दो दिनों के लिए मिले प्रेम और उसे दौरान के अनुभव का जिक्र किया. कविता में वह लिखते हैं कि दो दिन बहुत कम होते हैं और इतने कम समय में वसंत और आषाढ़ को समेटना संभव नहीं. इस क्रम में दो स्तन वाली पंक्ति आती है, जिस पर सोशल मीडिया पर फिलहाल बहस छिड़ी हुई है. इसके अलावा कविता की शुरुआत में चाय से छनकर आने, धूप के छनकर कमरे में पहुंचने और खबरों की पहरेदारी के बीच छनकर आने का जिक्र है. इसके बाद कवि प्रेमिका के आने को -छन से जोड़ता है और पायल, बिंदी, पापड़, टिहरी और साथ बिताए जाने वाले दो दिनों के अलग-अलग अनुभवों को कविता में पिरोता है. ये भी पढ़ें- रोजगार के मोर्चे पर जेन जी की चिंता बढ़ी, 32% ने कहा नौकरियां हैं कम
हिंदी साहित्य में युवा कवि कुशाग्र अद्वैत की कविता छानकर की कुछ पंक्तियों को लेकर इन दिनों बहस छिड़ी हुई है. रेख्ता फाउंडेशन के हिंदवी ने उनकी कविता की कुछ पंक्तियां सोशल मीडिया पर शेयर की थी, जिसके बाद साहित्य से जुड़े लोगों के बीच इसको लेकर अलग-अलग राय सामने आने लगी. कविता की पंक्तियों को में दो स्तन शब्द के इस्तेमाल को लेकर एक पक्ष ने आपत्ति जताई, जबकि दूसरा पक्ष कवि के साथ खड़ा नजर आया.
सोशल मीडिया पर विवाद बढ़ने के बीच कुशाग्र अद्वैत ने भी इस मामले पर अपनी बात रखी. कुशाग्र अद्वैत का कहना है कि कविता में उन्होंने जानबूझकर स्तन शब्द का इस्तेमाल किया और वह इसे किसी दूसरे शब्द से बदलना नहीं चाहते. ऐसे में अब सोशल मीडिया पर कुशाग्र अद्वैत की चर्चाएं होने लगी है. तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि कुशाग्र अद्वैत कितने पढ़े लिखे हैं, जिनकी कविता पर बवाल मच गया है.
बीएचयू से कर रहे हैं पीएचडी
कुशाग्र अद्वैत की उम्र 28 साल है और वह लंबे समय से कविता लिख रहे हैं. उनकी कविताएं समय-समय पर प्रकाशित होती रही है. वह बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर रहे हैं. उनका रिसर्च सब्जेक्ट भी उपनिवेशीकरण है. कविता को लेकर चल रहे विवाद के बीच उन्होंने एक इंटरव्यू में अपने बारे में यह जानकारी दी थी.
ये भी पढ़ें-डाक विभाग में निकली 25 हजार से ज्यादा नौकरियां, 10वीं पास करें आवेदन
स्तन शब्द बदलने का भी आया दबाव
कविता की कुछ पंक्तियां सामने आने के बाद कुशाग्र अद्वैत को सोशल मीडिया पर आलोचना और गलियों का सामना भी करना पड़ा. उन्होंने कहा कि वह फेसबुक पर नहीं है और कविताओं की पंक्तियां पोस्ट होने के बाद उन्हें लगातार गलियां मिलने लगी. उनका कहना था कि वह ऐसी गालियों के आदी नहीं है. उन्होंने बताया कि विवाद के बाद वह हिंदवी के संपादक के पास भी गए.
उनका कहना था कि अगर ये उनकी कविता की पंक्तियां है, तो उनके साथ साहस के साथ खड़ा रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि शुरुआत में वह इस विवाद में सामने नहीं थे, लेकिन अब वह अपनी उन पंक्तियों के साथ मजबूती से खड़े हैं. कुशाग्र ने यह भी कहा कि उन पर स्तन शब्द को आंख शब्द जैसे किसी दूसरे शब्दों से बदलने का दबाव था, लेकिन वह ऐसा नहीं करना चाहते थे .उनके अनुसार वह कविता में स्तन लिखना चाहते हैं थे.
छनकर कविता की इन पंक्तियों पर हुआ विवाद
दरअसल यह विवाद कुशाग्र अद्वैत की कविता छनकर की कुछ पंक्तियों को लेकर शुरू हुआ. हिंदवी की कविता की कुछ पंक्तियां सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई थी, इनमें कवि ने दो दिनों के लिए मिले प्रेम और उसे दौरान के अनुभव का जिक्र किया. कविता में वह लिखते हैं कि दो दिन बहुत कम होते हैं और इतने कम समय में वसंत और आषाढ़ को समेटना संभव नहीं.
इस क्रम में दो स्तन वाली पंक्ति आती है, जिस पर सोशल मीडिया पर फिलहाल बहस छिड़ी हुई है. इसके अलावा कविता की शुरुआत में चाय से छनकर आने, धूप के छनकर कमरे में पहुंचने और खबरों की पहरेदारी के बीच छनकर आने का जिक्र है. इसके बाद कवि प्रेमिका के आने को -छन से जोड़ता है और पायल, बिंदी, पापड़, टिहरी और साथ बिताए जाने वाले दो दिनों के अलग-अलग अनुभवों को कविता में पिरोता है.
ये भी पढ़ें- रोजगार के मोर्चे पर जेन जी की चिंता बढ़ी, 32% ने कहा नौकरियां हैं कम
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