कितना घातक है रूम फ्रेशनर स्प्रे? इससे कौनसी बीमारी की रहती है आशंका
घर, ऑफिस और कार में अच्छी खुशबू के लिए लोग रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल करते हैं. इसकी तेज खुशबू कुछ समय के लिए कमरे की बदबू को दूर कर देती है, लेकिन इसमें मौजूद कुछ कैमिकल शरीर के लिए परेशानी पैदा कर सकते हैं. खासकर बंद कमरे में इसका ज्यादा इस्तेमाल सांस लेने में दिक्कत और एलर्जी जैसी समस्या को बढ़ाती है. इसलिए रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. रूम फ्रेशनर में क्या होता है? रूम फ्रेशनर में खुशबू देने वाले कई तरह के कैमिकल इस्तेमाल किए जाते हैं. जैसे वाष्पशील कार्बनिक यौगिक जो हवा ताजा करने का काम करते हैं. इसके अलावा डाइक्लोरोबेंजीन जैसे और भी कई कैमिकल. रूम फ्रेशनर स्प्रे करने पर ये बहुत छोटे कणों के रूप में हवा में फैल जाते हैं और कुछ समय तक कमरे की हवा में मौजूद रहते हैं. जब हम सांस लेते हैं तो ये कण हमारे शरीर के अंदर जाते हैं. हर व्यक्ति पर इनका असर अलग-अलग होता है, लेकिन ज्यादा मात्रा में इनके संपर्क में आने से आंखों, नाक और गले में जलन हो सकती है. कुछ लोगों को सिरदर्द, चक्कर या बेचैनी भी महसूस होती है. बच्चों, बुजुर्गों और सांस से जुड़ी बीमारी वाले लोगों को तेज खुशबू वाले स्प्रे से ज्यादा परेशान कर सकते हैं. यह भी पढ़े : क्या फ्रिज में रखने से खत्म होते हैं फलों के पोषक तत्व, कितने दिन स्टोर करना सही? ज्यादा इस्तेमाल से हो सकती है सांस की परेशानी रूम फ्रेशनर का लगातार और ज्यादा इस्तेमाल करने से सांस से जुड़ी परेशानी बढ़ सकती है. जिन लोगों को पहले से अस्थमा या एलर्जी है, उनमें स्प्रे की तेज खुशबू खांसी, सीने में जकड़न और सांस लेने में परेशानी बढ़ा सकती है. कमरे में स्प्रे करने के तुरंत बाद वहां लंबे समय तक रहना भी ठीक नहीं माना जाता है. खासकर छोटे और बंद कमरे में स्प्रे करने से हवा में इसकी मात्रा ज्यादा देर तक बनी रहती है. इसलिए कमरे में रूम फ्रेशनर इस्तेमाल करने के बाद खिड़की या दरवाजा खोलकर हवा का रास्ता बनाना बेहतर माना जाता है. इससे कमरे की हवा बाहर निकलती है और ताजी हवा अंदर आती है. इस्तेमाल करते समय इन बातों का रखें ध्यान रूम फ्रेशनर को जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करने से बचना चाहिए. इसे सीधे चेहरे, आंखों या त्वचा पर स्प्रे न करें. खाना बनाने वाली जगह और बच्चों के आसपास भी इसका इस्तेमाल सावधानी से करना चाहिए. अगर स्प्रे करने के बाद खांसी, आंखों में जलन, सिरदर्द या सांस लेने में परेशानी महसूस होती है तो इसका इस्तेमाल रोक देना बेहतर है. घर में खुशबू के लिए कमरे की सफाई और हवा का सही आना-जाना सबसे आसान तरीका है. खिड़कियां खोलने और कमरे को साफ रखने से बदबू कम करने में मदद मिलती है. अगर किसी व्यक्ति को रूम फ्रेशनर के इस्तेमाल के बाद बार-बार सांस की परेशानी होती है, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. यह भी पढ़े : Milk Storage Tips: उबला दूध फ्रिज में क्यों हो जाता है खराब? जान लें असली वजह
घर, ऑफिस और कार में अच्छी खुशबू के लिए लोग रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल करते हैं. इसकी तेज खुशबू कुछ समय के लिए कमरे की बदबू को दूर कर देती है, लेकिन इसमें मौजूद कुछ कैमिकल शरीर के लिए परेशानी पैदा कर सकते हैं. खासकर बंद कमरे में इसका ज्यादा इस्तेमाल सांस लेने में दिक्कत और एलर्जी जैसी समस्या को बढ़ाती है. इसलिए रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है.
रूम फ्रेशनर में क्या होता है?
रूम फ्रेशनर में खुशबू देने वाले कई तरह के कैमिकल इस्तेमाल किए जाते हैं. जैसे वाष्पशील कार्बनिक यौगिक जो हवा ताजा करने का काम करते हैं. इसके अलावा डाइक्लोरोबेंजीन जैसे और भी कई कैमिकल. रूम फ्रेशनर स्प्रे करने पर ये बहुत छोटे कणों के रूप में हवा में फैल जाते हैं और कुछ समय तक कमरे की हवा में मौजूद रहते हैं. जब हम सांस लेते हैं तो ये कण हमारे शरीर के अंदर जाते हैं. हर व्यक्ति पर इनका असर अलग-अलग होता है, लेकिन ज्यादा मात्रा में इनके संपर्क में आने से आंखों, नाक और गले में जलन हो सकती है. कुछ लोगों को सिरदर्द, चक्कर या बेचैनी भी महसूस होती है. बच्चों, बुजुर्गों और सांस से जुड़ी बीमारी वाले लोगों को तेज खुशबू वाले स्प्रे से ज्यादा परेशान कर सकते हैं.
यह भी पढ़े : क्या फ्रिज में रखने से खत्म होते हैं फलों के पोषक तत्व, कितने दिन स्टोर करना सही?
ज्यादा इस्तेमाल से हो सकती है सांस की परेशानी
रूम फ्रेशनर का लगातार और ज्यादा इस्तेमाल करने से सांस से जुड़ी परेशानी बढ़ सकती है. जिन लोगों को पहले से अस्थमा या एलर्जी है, उनमें स्प्रे की तेज खुशबू खांसी, सीने में जकड़न और सांस लेने में परेशानी बढ़ा सकती है. कमरे में स्प्रे करने के तुरंत बाद वहां लंबे समय तक रहना भी ठीक नहीं माना जाता है. खासकर छोटे और बंद कमरे में स्प्रे करने से हवा में इसकी मात्रा ज्यादा देर तक बनी रहती है. इसलिए कमरे में रूम फ्रेशनर इस्तेमाल करने के बाद खिड़की या दरवाजा खोलकर हवा का रास्ता बनाना बेहतर माना जाता है. इससे कमरे की हवा बाहर निकलती है और ताजी हवा अंदर आती है.
इस्तेमाल करते समय इन बातों का रखें ध्यान
रूम फ्रेशनर को जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करने से बचना चाहिए. इसे सीधे चेहरे, आंखों या त्वचा पर स्प्रे न करें. खाना बनाने वाली जगह और बच्चों के आसपास भी इसका इस्तेमाल सावधानी से करना चाहिए. अगर स्प्रे करने के बाद खांसी, आंखों में जलन, सिरदर्द या सांस लेने में परेशानी महसूस होती है तो इसका इस्तेमाल रोक देना बेहतर है. घर में खुशबू के लिए कमरे की सफाई और हवा का सही आना-जाना सबसे आसान तरीका है. खिड़कियां खोलने और कमरे को साफ रखने से बदबू कम करने में मदद मिलती है. अगर किसी व्यक्ति को रूम फ्रेशनर के इस्तेमाल के बाद बार-बार सांस की परेशानी होती है, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.
यह भी पढ़े : Milk Storage Tips: उबला दूध फ्रिज में क्यों हो जाता है खराब? जान लें असली वजह
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