एयर इंडिया क्रैशः ‘रनवे पर ही निकल आई थी इमरजेंसी पावर डिवाइस’- जांच पर उठे नए सवाल; FIP ने मांगा जवाब

गुजरात के अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 पिछले साल 12 जून, 2025 को उड़ान भरते ही जमीन पर गिर गई थी. इस हादसे को एक साल हो चुका है, लेकिन जांच को लेकर सवाल अभी भी खत्म नहीं हुए हैं. भारत के पायलट संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स यानी FIP ने अब सरकारी जांच एजेंसी AAIB को पत्र लिखकर कहा है कि जांच रिपोर्ट में कुछ आंकड़े सही नहीं लगते हैं. क्या है असल मुद्दा? दरअसल, विमान में एक इमरजेंसी पावर डिवाइस (Emergency Power Device) होता है, जिसे RAT कहते हैं. यह एक छोटी टर्बाइन होती है, जो विमान के बाहर निकलती है और बिजली की आपात आपूर्ति करती है. जांच रिपोर्ट में कहा गया था कि ईंधन बाधित होने के 4 से 5 सेकंड के भीतर RAT ने काम करना शुरू कर दिया, लेकिन जब अमेरिकी वकीलों की टीम ने बोइंग-787 के सिमुलेटर यानी नकली विमान पर यही परीक्षण किया तो पाया कि असल में यह काम करने में करीब 18 सेकंड लगते हैं. क्यों अहम है यह फर्क? FIP का कहना है कि अगर रिपोर्ट की टाइमिंग सही है, तो इसका मतलब है कि RAT उस वक्त से भी पहले बाहर निकल आई थी जब पायलट ने कोई स्विच छुआ होगा. सीधे शब्दों में कहें, तो विमान में कुछ गड़बड़ रनवे पर दौड़ते वक्त या उससे भी पहले शुरू हो गई थी. एक कैमरे की फुटेज में भी दावा किया गया है कि RAT उड़ान भरने से पहले ही बाहर दिख रही थी. इससे पहले भी आए थे संकेत  On this day, Air India Flight AI171, departed Ahmedabad Airport at 13:38 local time on a scheduled service to London Gatwick, carrying 230 passengers and 12 crew members. Just 32 seconds after becoming airborne, the aircraft crashed into a Medical College hostel complex in… pic.twitter.com/dKLWD2rCt9 — Breaking Aviation News & Videos (@aviationbrk) June 12, 2026 FIP ने यह भी बताया कि विमान के उड़ान भरने से करीब 14 मिनट पहले यानी सुबह 7 बजकर 53 मिनट से ही विमान के कंप्यूटर सिस्टम खराबी के संदेश भेज रहे थे. बिजली प्रणाली हाइड्रोलिक्स (Hydraulics) और उड़ान नियंत्रण से जुड़े इन संदेशों को ACARS कहते हैं. बचे हुए यात्री ने भी बताया था कि उन्हें तेज आवाज सुनाई दी थी और केबिन की लाइटें मंद पड़ गई थीं. FIP ने क्या रखी मांग? पायलट संगठन चाहता है कि AAIB खुद बोइंग-787 सिमुलेटर पर टेस्ट करे और FIP का एक प्रतिनिधि भी वहां मौजूद रहे. साथ ही अहमदाबाद एयरपोर्ट की सुरक्षा कैमरे की पूरी वीडियो FIP को दी जाए. इसके अलावा, यह भी जांच की जाए कि एअर इंडिया के पास खुद सिमुलेटर होने के बाद भी उसने यह जानकारी AAIB को क्यों नहीं दी? यह पत्र नागरिक उड्डयन मंत्री, प्रधानमंत्री कार्यालय और DGCA को भी भेजा गया है. हालांकि, इस पर AAIB और एअर इंडिया की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है.  यह भी पढ़ेंः एअर इंडिया प्लेन क्रैशः हादसे के सालभर बाद AAIB का बयान तो आया, लेकिन जवाब नदारद! सवाल अब भी बरकरार- कैसे गई 260 लोगों की जान?

Jun 15, 2026 - 11:30
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एयर इंडिया क्रैशः ‘रनवे पर ही निकल आई थी इमरजेंसी पावर डिवाइस’- जांच पर उठे नए सवाल; FIP ने मांगा जवाब

गुजरात के अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 पिछले साल 12 जून, 2025 को उड़ान भरते ही जमीन पर गिर गई थी. इस हादसे को एक साल हो चुका है, लेकिन जांच को लेकर सवाल अभी भी खत्म नहीं हुए हैं. भारत के पायलट संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स यानी FIP ने अब सरकारी जांच एजेंसी AAIB को पत्र लिखकर कहा है कि जांच रिपोर्ट में कुछ आंकड़े सही नहीं लगते हैं.

क्या है असल मुद्दा?

दरअसल, विमान में एक इमरजेंसी पावर डिवाइस (Emergency Power Device) होता है, जिसे RAT कहते हैं. यह एक छोटी टर्बाइन होती है, जो विमान के बाहर निकलती है और बिजली की आपात आपूर्ति करती है. जांच रिपोर्ट में कहा गया था कि ईंधन बाधित होने के 4 से 5 सेकंड के भीतर RAT ने काम करना शुरू कर दिया, लेकिन जब अमेरिकी वकीलों की टीम ने बोइंग-787 के सिमुलेटर यानी नकली विमान पर यही परीक्षण किया तो पाया कि असल में यह काम करने में करीब 18 सेकंड लगते हैं.

क्यों अहम है यह फर्क?

FIP का कहना है कि अगर रिपोर्ट की टाइमिंग सही है, तो इसका मतलब है कि RAT उस वक्त से भी पहले बाहर निकल आई थी जब पायलट ने कोई स्विच छुआ होगा. सीधे शब्दों में कहें, तो विमान में कुछ गड़बड़ रनवे पर दौड़ते वक्त या उससे भी पहले शुरू हो गई थी. एक कैमरे की फुटेज में भी दावा किया गया है कि RAT उड़ान भरने से पहले ही बाहर दिख रही थी.

इससे पहले भी आए थे संकेत 

FIP ने यह भी बताया कि विमान के उड़ान भरने से करीब 14 मिनट पहले यानी सुबह 7 बजकर 53 मिनट से ही विमान के कंप्यूटर सिस्टम खराबी के संदेश भेज रहे थे. बिजली प्रणाली हाइड्रोलिक्स (Hydraulics) और उड़ान नियंत्रण से जुड़े इन संदेशों को ACARS कहते हैं. बचे हुए यात्री ने भी बताया था कि उन्हें तेज आवाज सुनाई दी थी और केबिन की लाइटें मंद पड़ गई थीं.

FIP ने क्या रखी मांग?

पायलट संगठन चाहता है कि AAIB खुद बोइंग-787 सिमुलेटर पर टेस्ट करे और FIP का एक प्रतिनिधि भी वहां मौजूद रहे. साथ ही अहमदाबाद एयरपोर्ट की सुरक्षा कैमरे की पूरी वीडियो FIP को दी जाए. इसके अलावा, यह भी जांच की जाए कि एअर इंडिया के पास खुद सिमुलेटर होने के बाद भी उसने यह जानकारी AAIB को क्यों नहीं दी?

यह पत्र नागरिक उड्डयन मंत्री, प्रधानमंत्री कार्यालय और DGCA को भी भेजा गया है. हालांकि, इस पर AAIB और एअर इंडिया की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है. 

यह भी पढ़ेंः एअर इंडिया प्लेन क्रैशः हादसे के सालभर बाद AAIB का बयान तो आया, लेकिन जवाब नदारद! सवाल अब भी बरकरार- कैसे गई 260 लोगों की जान?

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