इनोवेशन के नाम पर फरेब, गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने मांगी माफी, रोबो डॉग के बाद कोरियन सॉकर ड्रोन का विवाद बढ़ा
AI Impact Summit 2026 में पेश किए गए चीनी रोबोडॉग को लेकर विवाद के बाद गलगोटियास यूनिवर्सिटी की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर माफी मांगी गई है. गलगोटिया यूनिवर्सिटी पर आरोप लगे हैं कि समिट में उनकी ओर से दिखाया गया रोबो डॉग चीन से मंगाया गया है. यूनिवर्सिटी ने कहा है कि उनके पवेलियन पर मौजूद एक प्रतिनिधि से कैमरे के सामने गलती से गलत जानकारी चली गई, जिससे लोगों में भ्रम फैल गया.गलगोटियास यूनिवर्सिटी के मुताबिक संबंधित प्रतिनिधि को प्रोडक्ट की तकनीकी जानकारी सही तरह से नहीं थी. उत्साह में उसने प्रोडक्ट के तकनीकी स्रोत को लेकर तथ्यात्मक रूप से गलत बातें कह दीं. अब यूनिवर्सिटी यह भी कह रही है कि उस व्यक्ति को मीडिया से बात करने की आधिकारिक अनुमति नहीं थी. उनका किसी तरह का जानबूझकर गलत दावा करने का इरादा नहीं था, आगे कहा कि भ्रम के लिए खेद है और आयोजकों के फैसले को स्वीकार करने की बात कही है. कुल मिलाकर यूनिवर्सिटी ने विवाद का सारा ठीकरा अपनी प्रोफेसर नेहा सिंह पर फोड़ा है. गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने मांगी माफी विज्ञप्ति में कहा गया, "एआई समिट में हुई गड़बड़ी के लिए तहे दिल से माफी मांगते हैं. पवेलियन में तैनात हमारे प्रतिनिधियों में से एक को सही जानकारी नहीं थी. उनको प्रोडक्ट के टेक्निकल उत्पत्ति की जानकारी नहीं थी. उनको प्रेस से बात करने का अधिकार नहीं था लेकिन कैमरे पर आने के उत्साह में उन्होंने गलत जानकारी दी. हमने आयोजकों की भावनाओं को समझते हुए परिसर खाली कर दिया है." Galgotias University issues a press statement following the row over the display of a Chinese-made robodog at the AI Impact Summit expo"We at Galgotias University, wish to apologise profusely for the confusion created at the recent Al Summit. One of our representatives, manning… pic.twitter.com/R0n3Ea1uhm — ANI (@ANI) February 18, 2026 क्या है गलगोटिया यूनिवर्सिटी AI समिट विवाद? AI समिट में एक्सपो एरिया में गलगोटिया यूनिवर्सिटी के स्टॉल पर रोबोडॉग ने सभी को आकर्षित किया था. एक वीडियो में प्रोफेसर नेहा सिंह ने इसे 'ओरियन' नाम से पेश करते हुए यूनिवर्सिटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का प्रोडक्ट बताया लेकिन मामला तब विवादित हो गया जब सोशल मीडिया पर इसे चीनी कंपनी Unitree की Go2 मॉडल से मिलता हुआ बताया. यह कमर्शियल तौर पर उपलब्ध है, जिसकी कीमत करीब 2.5 लाख रुपये है. इसे 'मेक इन इंडिया' थीम वाले समिट में विदेशी प्रोडक्ट बताने का आरोप लगा. राहुल गांधी ने भी इसको लेकर एक्स पर पोस्ट कर निशाना साधा था और इसे 'प्रचार' करार दिया.
AI Impact Summit 2026 में पेश किए गए चीनी रोबोडॉग को लेकर विवाद के बाद गलगोटियास यूनिवर्सिटी की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर माफी मांगी गई है. गलगोटिया यूनिवर्सिटी पर आरोप लगे हैं कि समिट में उनकी ओर से दिखाया गया रोबो डॉग चीन से मंगाया गया है.
यूनिवर्सिटी ने कहा है कि उनके पवेलियन पर मौजूद एक प्रतिनिधि से कैमरे के सामने गलती से गलत जानकारी चली गई, जिससे लोगों में भ्रम फैल गया.
गलगोटियास यूनिवर्सिटी के मुताबिक संबंधित प्रतिनिधि को प्रोडक्ट की तकनीकी जानकारी सही तरह से नहीं थी. उत्साह में उसने प्रोडक्ट के तकनीकी स्रोत को लेकर तथ्यात्मक रूप से गलत बातें कह दीं.
अब यूनिवर्सिटी यह भी कह रही है कि उस व्यक्ति को मीडिया से बात करने की आधिकारिक अनुमति नहीं थी. उनका किसी तरह का जानबूझकर गलत दावा करने का इरादा नहीं था, आगे कहा कि भ्रम के लिए खेद है और आयोजकों के फैसले को स्वीकार करने की बात कही है. कुल मिलाकर यूनिवर्सिटी ने विवाद का सारा ठीकरा अपनी प्रोफेसर नेहा सिंह पर फोड़ा है.
गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने मांगी माफी
विज्ञप्ति में कहा गया, "एआई समिट में हुई गड़बड़ी के लिए तहे दिल से माफी मांगते हैं. पवेलियन में तैनात हमारे प्रतिनिधियों में से एक को सही जानकारी नहीं थी. उनको प्रोडक्ट के टेक्निकल उत्पत्ति की जानकारी नहीं थी. उनको प्रेस से बात करने का अधिकार नहीं था लेकिन कैमरे पर आने के उत्साह में उन्होंने गलत जानकारी दी. हमने आयोजकों की भावनाओं को समझते हुए परिसर खाली कर दिया है."
Galgotias University issues a press statement following the row over the display of a Chinese-made robodog at the AI Impact Summit expo
"We at Galgotias University, wish to apologise profusely for the confusion created at the recent Al Summit. One of our representatives, manning… pic.twitter.com/R0n3Ea1uhm — ANI (@ANI) February 18, 2026
क्या है गलगोटिया यूनिवर्सिटी AI समिट विवाद?
AI समिट में एक्सपो एरिया में गलगोटिया यूनिवर्सिटी के स्टॉल पर रोबोडॉग ने सभी को आकर्षित किया था. एक वीडियो में प्रोफेसर नेहा सिंह ने इसे 'ओरियन' नाम से पेश करते हुए यूनिवर्सिटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का प्रोडक्ट बताया लेकिन मामला तब विवादित हो गया जब सोशल मीडिया पर इसे चीनी कंपनी Unitree की Go2 मॉडल से मिलता हुआ बताया. यह कमर्शियल तौर पर उपलब्ध है, जिसकी कीमत करीब 2.5 लाख रुपये है. इसे 'मेक इन इंडिया' थीम वाले समिट में विदेशी प्रोडक्ट बताने का आरोप लगा. राहुल गांधी ने भी इसको लेकर एक्स पर पोस्ट कर निशाना साधा था और इसे 'प्रचार' करार दिया.
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