‘आप 2017 तक UP की सत्ता में थे, आपने क्यों नहीं...’, जौहर यूनिवर्सिटी मामले पर ओवैसी का अखिलेश यादव पर निशाना
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार (25 जुलाई, 2026) को उन युवाओं (Gen-Z) की कोशिशों की तारीफ की, जो अपने मकसद में कामयाब रहे और सरकार को युवाओं के सामने झुकने और धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देने पर मजबूर किया. मुरादाबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने भाजपा और RSS पर हिंदुत्व की विचारधारा को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया. ओवैसी ने मुसलमानों से अपील की कि वे उत्तर प्रदेश में होने वाले चुनावों से पहले उस राजनीति के खिलाफ एकजुट रहें, जिसे उन्होंने बांटने वाली राजनीति कहा. जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर बिफरे ओवैसी इस दौरान हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने जौहर यूनिवर्सिटी को गिराने के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी (SP) के नेता अखिलेश यादव पर खासतौर पर निशाना साधा. उन्होंने सवाल किया कि अखिलेश यादव, जो 2017 तक मुख्यमंत्री रहे, ने अपने कार्यकाल के दौरान यूनिवर्सिटी की इमारतों को रेगुलर क्यों नहीं किया, जबकि उत्तर प्रदेश शहरी विकास अधिनियम, 1973 में ऐसा करने की गुंजाइश थी. ओवैसी ने सभा से पूछा, ‘अखिलेश यादव ने कानून का हवाला देते हुए कहा था कि उत्तर प्रदेश शहरी विकास अधिनियम, 1973 के तहत जौहर यूनिवर्सिटी को रेगुलर किया जा सकता है. मैं सपा के चाटुकारों और समाजवादी पार्टी की गुलामी करने वालों से पूछना चाहता हूं कि आप 2017 तक मुख्यमंत्री थे. आपने जौहर यूनिवर्सिटी को रेगुलर क्यों नहीं किया?’ अखिलेश यादव पर ओवैसी का तीखा हमला AIMIM प्रमुख ने सपा की इस दलील को पाखंड करार दिया कि पूर्व मंत्री आजम खान ने उन्हें इस मुद्दे के बारे में जानकारी नहीं दी थी. उन्होंने कहा, ‘सपा के लोग कहेंगे- नहीं, आजम खान ने हमें नहीं बताया. तो क्या आप वही करेंगे, जो आजम खान कहेंगे? यह उनका पाखंड है. जब वे मुख्यमंत्री थे, तब वे इमारत को बचा सकते थे, लेकिन अब क्योंकि चुनाव आ रहे हैं, वे आपके सामने ऐसे झूठ पेश कर रहे हैं.’ उन्होंने आगे कहा, ‘रामपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी ने हाल ही में मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की 40 में से 38 इमारतों को गिराने का आदेश दिया था. यह आदेश उत्तर प्रदेश शहरी योजना और विकास अधिनियम, 1973 की धारा 27 के तहत नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए दिया गया था.’ यूपी चुनाव से पहले बढ़ रही सियासी सरगर्मी ओवैसी का यह भाषण उत्तर प्रदेश में बढ़ती राजनीतिक सरगर्मी के बीच आया है. AIMIM प्रमुख ने सत्ताधारी पार्टी के तथाकथित हिंदुत्व एजेंडा के खिलाफ मुसलमानों की एकता पर जोर दिया. इमारतों को गिराने का यह आदेश राज्य की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बन गया है और आने वाले चुनावों से पहले कई पार्टियां इसका इस्तेमाल एक-दूसरे पर हमला करने के लिए कर रही हैं.
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार (25 जुलाई, 2026) को उन युवाओं (Gen-Z) की कोशिशों की तारीफ की, जो अपने मकसद में कामयाब रहे और सरकार को युवाओं के सामने झुकने और धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देने पर मजबूर किया.
मुरादाबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने भाजपा और RSS पर हिंदुत्व की विचारधारा को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया. ओवैसी ने मुसलमानों से अपील की कि वे उत्तर प्रदेश में होने वाले चुनावों से पहले उस राजनीति के खिलाफ एकजुट रहें, जिसे उन्होंने बांटने वाली राजनीति कहा.
जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर बिफरे ओवैसी
इस दौरान हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने जौहर यूनिवर्सिटी को गिराने के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी (SP) के नेता अखिलेश यादव पर खासतौर पर निशाना साधा. उन्होंने सवाल किया कि अखिलेश यादव, जो 2017 तक मुख्यमंत्री रहे, ने अपने कार्यकाल के दौरान यूनिवर्सिटी की इमारतों को रेगुलर क्यों नहीं किया, जबकि उत्तर प्रदेश शहरी विकास अधिनियम, 1973 में ऐसा करने की गुंजाइश थी.
ओवैसी ने सभा से पूछा, ‘अखिलेश यादव ने कानून का हवाला देते हुए कहा था कि उत्तर प्रदेश शहरी विकास अधिनियम, 1973 के तहत जौहर यूनिवर्सिटी को रेगुलर किया जा सकता है. मैं सपा के चाटुकारों और समाजवादी पार्टी की गुलामी करने वालों से पूछना चाहता हूं कि आप 2017 तक मुख्यमंत्री थे. आपने जौहर यूनिवर्सिटी को रेगुलर क्यों नहीं किया?’
अखिलेश यादव पर ओवैसी का तीखा हमला
AIMIM प्रमुख ने सपा की इस दलील को पाखंड करार दिया कि पूर्व मंत्री आजम खान ने उन्हें इस मुद्दे के बारे में जानकारी नहीं दी थी. उन्होंने कहा, ‘सपा के लोग कहेंगे- नहीं, आजम खान ने हमें नहीं बताया. तो क्या आप वही करेंगे, जो आजम खान कहेंगे? यह उनका पाखंड है. जब वे मुख्यमंत्री थे, तब वे इमारत को बचा सकते थे, लेकिन अब क्योंकि चुनाव आ रहे हैं, वे आपके सामने ऐसे झूठ पेश कर रहे हैं.’
उन्होंने आगे कहा, ‘रामपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी ने हाल ही में मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की 40 में से 38 इमारतों को गिराने का आदेश दिया था. यह आदेश उत्तर प्रदेश शहरी योजना और विकास अधिनियम, 1973 की धारा 27 के तहत नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए दिया गया था.’
यूपी चुनाव से पहले बढ़ रही सियासी सरगर्मी
ओवैसी का यह भाषण उत्तर प्रदेश में बढ़ती राजनीतिक सरगर्मी के बीच आया है. AIMIM प्रमुख ने सत्ताधारी पार्टी के तथाकथित हिंदुत्व एजेंडा के खिलाफ मुसलमानों की एकता पर जोर दिया. इमारतों को गिराने का यह आदेश राज्य की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बन गया है और आने वाले चुनावों से पहले कई पार्टियां इसका इस्तेमाल एक-दूसरे पर हमला करने के लिए कर रही हैं.
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