आधार से जुड़ा नया AI स्कैम! डिजिटल अरेस्ट के बाद अब ठगों का सबसे खतरनाक दांव, हो गया खुलासा

AI Cyber Fraud: देश में साइबर ठगी के तरीके तेजी से बदल रहे हैं. डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों के बाद अब एक नया और ज्यादा खतरनाक तरीका सामने आया है जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधार डेटा से छेड़छाड़ का इस्तेमाल किया जा रहा है. गुजरात के अहमदाबाद में ऐसा ही एक मामला उजागर हुआ जहां साइबर क्राइम पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. कैसे सामने आया पूरा मामला यह मामला तब सामने आया जब थलतेज इलाके के एक कारोबारी ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर बिना उनकी जानकारी के बदल दिया गया है. यह बदलाव सामान्य नहीं था बल्कि इसके पीछे एक सुनियोजित साइबर ठगी का खेल चल रहा था. ऐसे दिया गया ठगी को अंजाम जांच में पता चला कि आरोपियों ने आधार रिकॉर्ड में बदलाव करके पीड़ित का मोबाइल नंबर हटाकर अपना नंबर जोड़ लिया. इसके बाद उनके पास आने वाले OTP सीधे ठगों तक पहुंचने लगे. इसी के जरिए उन्होंने बैंकिंग ऐप्स और डिजिलॉकर जैसे संवेदनशील अकाउंट्स तक पहुंच बना ली. इतना ही नहीं, ठगों ने KYC डिटेल्स में भी बदलाव किया जिससे पूरा कंट्रोल उनके हाथ में आ गया और असली यूजर को इसकी भनक तक नहीं लगी. AI का खतरनाक इस्तेमाल इस केस की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि ठगों ने AI टूल्स का भी सहारा लिया. उन्होंने पीड़ित की फोटो से छोटे-छोटे वीडियो क्लिप तैयार किए, जिनमें चेहरे की हल्की हरकतें दिखाई देती थीं. इन क्लिप्स का इस्तेमाल बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन सिस्टम को धोखा देने के लिए किया गया जो आमतौर पर लाइवनेस डिटेक्शन पर आधारित होता है. बैंक अकाउंट और लोन तक पहुंच ठगों ने पीड़ित की जानकारी का इस्तेमाल करके तीन अलग-अलग बैंकों में e-KYC के जरिए अकाउंट खोलने की कोशिश की. इसके अलावा, उनके नाम पर जियो पेमेंट्स बैंक से 25,000 रुपये का लोन भी ले लिया गया. जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने आधार अपडेट किट का गलत इस्तेमाल किया. ये किट कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के जरिए इस्तेमाल की जाती हैं लेकिन इन्हें अवैध तरीके से हासिल कर आधार रिकॉर्ड में बदलाव किए जा रहे थे. क्या करें अगर आप साइबर फ्रॉड का शिकार हों अगर आपको किसी भी तरह की ऑनलाइन ठगी का शक हो तो तुरंत कार्रवाई करना बेहद जरूरी है. आप 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सकते हैं या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं. साथ ही, अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज कराएं और तुरंत बैंक से संपर्क करके अपने अकाउंट और कार्ड्स को सुरक्षित करें. यह भी पढ़ें: लैपटॉप चलाते समय ये एक छोटी सी गलती बन सकती है बड़ा खतरा! अभी नहीं सुधारे तो होगा भारी नुकसान

May 4, 2026 - 00:30
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आधार से जुड़ा नया AI स्कैम! डिजिटल अरेस्ट के बाद अब ठगों का सबसे खतरनाक दांव, हो गया खुलासा

AI Cyber Fraud: देश में साइबर ठगी के तरीके तेजी से बदल रहे हैं. डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों के बाद अब एक नया और ज्यादा खतरनाक तरीका सामने आया है जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधार डेटा से छेड़छाड़ का इस्तेमाल किया जा रहा है. गुजरात के अहमदाबाद में ऐसा ही एक मामला उजागर हुआ जहां साइबर क्राइम पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

कैसे सामने आया पूरा मामला

यह मामला तब सामने आया जब थलतेज इलाके के एक कारोबारी ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर बिना उनकी जानकारी के बदल दिया गया है. यह बदलाव सामान्य नहीं था बल्कि इसके पीछे एक सुनियोजित साइबर ठगी का खेल चल रहा था.

ऐसे दिया गया ठगी को अंजाम

जांच में पता चला कि आरोपियों ने आधार रिकॉर्ड में बदलाव करके पीड़ित का मोबाइल नंबर हटाकर अपना नंबर जोड़ लिया. इसके बाद उनके पास आने वाले OTP सीधे ठगों तक पहुंचने लगे. इसी के जरिए उन्होंने बैंकिंग ऐप्स और डिजिलॉकर जैसे संवेदनशील अकाउंट्स तक पहुंच बना ली. इतना ही नहीं, ठगों ने KYC डिटेल्स में भी बदलाव किया जिससे पूरा कंट्रोल उनके हाथ में आ गया और असली यूजर को इसकी भनक तक नहीं लगी.

AI का खतरनाक इस्तेमाल

इस केस की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि ठगों ने AI टूल्स का भी सहारा लिया. उन्होंने पीड़ित की फोटो से छोटे-छोटे वीडियो क्लिप तैयार किए, जिनमें चेहरे की हल्की हरकतें दिखाई देती थीं. इन क्लिप्स का इस्तेमाल बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन सिस्टम को धोखा देने के लिए किया गया जो आमतौर पर लाइवनेस डिटेक्शन पर आधारित होता है.

बैंक अकाउंट और लोन तक पहुंच

ठगों ने पीड़ित की जानकारी का इस्तेमाल करके तीन अलग-अलग बैंकों में e-KYC के जरिए अकाउंट खोलने की कोशिश की. इसके अलावा, उनके नाम पर जियो पेमेंट्स बैंक से 25,000 रुपये का लोन भी ले लिया गया. जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने आधार अपडेट किट का गलत इस्तेमाल किया. ये किट कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के जरिए इस्तेमाल की जाती हैं लेकिन इन्हें अवैध तरीके से हासिल कर आधार रिकॉर्ड में बदलाव किए जा रहे थे.

क्या करें अगर आप साइबर फ्रॉड का शिकार हों

अगर आपको किसी भी तरह की ऑनलाइन ठगी का शक हो तो तुरंत कार्रवाई करना बेहद जरूरी है. आप 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सकते हैं या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं. साथ ही, अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज कराएं और तुरंत बैंक से संपर्क करके अपने अकाउंट और कार्ड्स को सुरक्षित करें.

यह भी पढ़ें:

लैपटॉप चलाते समय ये एक छोटी सी गलती बन सकती है बड़ा खतरा! अभी नहीं सुधारे तो होगा भारी नुकसान

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