आजम खान के जेल से बाहर आने के बाद यूपी की सियासत में क्या होगा बदलाव? अखिलेश से कैसे होंगे रिश्ते, जानें सब कुछ

समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता और उत्तर प्रदेश में मुस्लिम राजनीति के बड़े चेहरे आजम खान करीब 2 सालों के बाद जेल से रिहा होने वाले हैं. उन्हें मंगलवार (23 सितंबर) को रिहा कर दिया जाएगा. अदालत से जमानत मिलने के बाद आजम की आजादी का रास्ता साफ हो गया था. वे फिलहाल सीतापुर जेल में बंद हैं. आजम की वापसी से यूपी की सियासत में बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव के साथ उनके रिश्तों की भी चर्चा होगी.  आजम का रामपुर की सियासत के धुरी रहे हैं, लेकिन उनके जेल में जाने के बाद समीकरण काफी हद तक बदल गए. रामपुर पर फिलहाल सपा का ही कब्जा है, लेकिन आजम का रंग फीका पड़ चुका है. इस सीट पर कई दिग्गजों की नजर होगी. अब यह देखना होगा कि आजम की वापसी रामपुर और यूपी की सियासत में क्या बदलवा ला सकती है. आजम खान को करीब 23 महीनों बाद मिलेगी आज आजम के बेटे अब्दुल्ला को दो जन्म प्रणाम पत्र मामले में 18 अक्टूबर 2023 को अदालत ने सजा सुनाई थी. आजम खान और बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला को सात-सात साल जेल की सजा सुनाई गई थी. इसमें आजम की पत्नी पूर्व सांसद डॉ. तंजीन फातिमा भी शामिल हैं, लेकिन फातिमा को 7 महीने और 11 दिन में बाद जमानत मिल गई. अब्दुला को 17 महीने और आजम को 23 महीनों बाद राहत मिली. आजम खान की रिहाई से उत्तर प्रदेश की सियासत पर क्या होगा असर आजम के जेल में जाने के बाद उनके समर्थक शांत थे, लेकिन अब वे एक्टिव हो जाएंगे. आजम समाजवादी पार्टी में प्रेशर पॉलिटिक्स के दांव चलते रहे हैं, लेकिन अब यह देखना होगा कि आजम की क्या रणनीति होगी. हालांकि यह लगभग तय है कि उनकी वापसी से रामपुर की राजनीति में बदलाव दिखेगा. सपा में सांसद मोहिबुल्लाह नदवी का प्रभाव कम हो सकता है, वहीं आजम का दबदबा बढ़ सकता है. इसका बड़ा कारण यह है कि रामपुर के सपा संगठन में आजम के अधिकतर करीबी हैं. अखिलेश यादव के साथ कैसी होगी केमिस्ट्री  आजम खान पिछले 23 महीनों से सीतापुर की जेल में बंद हैं, लेकिन इस दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव महज एक-दो बार ही उनसे मिलने गए. उनकी रिहाई को लेकर भी कोई बड़ा प्रयास नहीं हुआ. लिहाजा आजम और उनके बीच थोड़ी दूरी देखने को मिल सकती है. इस बीच नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने आजम से मुलाकात की थी. दावा किया जा रहा है कि आजम सपा छोड़ने वाले हैं, लेकिन इसकी बहुत कम संभावना है.

Sep 23, 2025 - 12:30
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आजम खान के जेल से बाहर आने के बाद यूपी की सियासत में क्या होगा बदलाव? अखिलेश से कैसे होंगे रिश्ते, जानें सब कुछ

समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता और उत्तर प्रदेश में मुस्लिम राजनीति के बड़े चेहरे आजम खान करीब 2 सालों के बाद जेल से रिहा होने वाले हैं. उन्हें मंगलवार (23 सितंबर) को रिहा कर दिया जाएगा. अदालत से जमानत मिलने के बाद आजम की आजादी का रास्ता साफ हो गया था. वे फिलहाल सीतापुर जेल में बंद हैं. आजम की वापसी से यूपी की सियासत में बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव के साथ उनके रिश्तों की भी चर्चा होगी. 

आजम का रामपुर की सियासत के धुरी रहे हैं, लेकिन उनके जेल में जाने के बाद समीकरण काफी हद तक बदल गए. रामपुर पर फिलहाल सपा का ही कब्जा है, लेकिन आजम का रंग फीका पड़ चुका है. इस सीट पर कई दिग्गजों की नजर होगी. अब यह देखना होगा कि आजम की वापसी रामपुर और यूपी की सियासत में क्या बदलवा ला सकती है.

आजम खान को करीब 23 महीनों बाद मिलेगी आज

आजम के बेटे अब्दुल्ला को दो जन्म प्रणाम पत्र मामले में 18 अक्टूबर 2023 को अदालत ने सजा सुनाई थी. आजम खान और बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला को सात-सात साल जेल की सजा सुनाई गई थी. इसमें आजम की पत्नी पूर्व सांसद डॉ. तंजीन फातिमा भी शामिल हैं, लेकिन फातिमा को 7 महीने और 11 दिन में बाद जमानत मिल गई. अब्दुला को 17 महीने और आजम को 23 महीनों बाद राहत मिली.

आजम खान की रिहाई से उत्तर प्रदेश की सियासत पर क्या होगा असर

आजम के जेल में जाने के बाद उनके समर्थक शांत थे, लेकिन अब वे एक्टिव हो जाएंगे. आजम समाजवादी पार्टी में प्रेशर पॉलिटिक्स के दांव चलते रहे हैं, लेकिन अब यह देखना होगा कि आजम की क्या रणनीति होगी. हालांकि यह लगभग तय है कि उनकी वापसी से रामपुर की राजनीति में बदलाव दिखेगा. सपा में सांसद मोहिबुल्लाह नदवी का प्रभाव कम हो सकता है, वहीं आजम का दबदबा बढ़ सकता है. इसका बड़ा कारण यह है कि रामपुर के सपा संगठन में आजम के अधिकतर करीबी हैं.

अखिलेश यादव के साथ कैसी होगी केमिस्ट्री 

आजम खान पिछले 23 महीनों से सीतापुर की जेल में बंद हैं, लेकिन इस दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव महज एक-दो बार ही उनसे मिलने गए. उनकी रिहाई को लेकर भी कोई बड़ा प्रयास नहीं हुआ. लिहाजा आजम और उनके बीच थोड़ी दूरी देखने को मिल सकती है. इस बीच नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने आजम से मुलाकात की थी. दावा किया जा रहा है कि आजम सपा छोड़ने वाले हैं, लेकिन इसकी बहुत कम संभावना है.

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