असम में सामने आई कांग्रेस की अंतरकलह! गौरव गोगोई पर कार्यकर्ताओं का गंभीर आरोप, सिर मुंडवाने तक की दी धमकी

असम में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में वहां सियासी सरगर्मी देखने को मिल रही है. अब खबर गोलाघाट जिले से हैं. यहां सरूपथर विधानसभा इलाके में राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण हो गया. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पार्टी गठबंधन के फैसले पर विरोध जताया है. दरअसल, पूरा मामला सीट बंटवारे को लेकर है. यहां कांग्रेस ने गठबंधन के आधार पर सरूपथर सीट को असम जातीय परिषद को दे दी है. इस कदम से यहां स्थानीय स्तर के कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखने को मिली है.  जिला कांग्रेस कार्यालय पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया विरोध गोलघाट जिला कांग्रेस कार्यालय के पास माहौल उस समय गरमा गया, जब सरूपथर में कार्यकर्ता बड़ी संख्या में विरोध जताने इकट्ठा हो गए. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने यहां केस सांसद गौरव गोगोई का विरोध जताया और उन्हें इस फैसले के लिए जिम्मेदार ठहराया. कार्यकर्ताओं ने इस फैसले को एकतरफा करार दिया है.  प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं का कहना है कि पार्टी नेतृत्व ने एजेपी को सीट देने से पहले स्थानीय पदाधिकारियों से सलाह नहीं ली है. इस फैसले से कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का हौसला टूट गया है. इनमें वो कार्यकर्ता शामिल हैं, जो सालों से पार्टी के लिए जमीनी स्तर पर काम कर रहे  हैं. पार्टी पर जमीनी कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज करने का आरोप कार्यकर्ताओं का कहना है कि अगर ऐसे फैसले जमीनी कार्यकर्ताओं से बिना पूछे लिए जाएंगे तो हम कैसे काम कर पाएंगे? हम इस फैसले को स्वीकार नहीं कर सकते हैं. साथ ही पार्टी नेतृत्व पर उनकी बात को नजअंदाज करने का आरोप भी उन्होंने लगाया. इसके अलावा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि अगर फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया गया तो वह सार्वजनिक रूप से अपना सिर मुंडवाने जैसा बड़ा कदम उठाएंगे.  चुनाव से ऐन पहले कांग्रेस में अंदरूनी कलाह सामने आई है. कांग्रेस और एपीजे में चुनाव को लेकर आधिकारिक रूप से समझौता हुआ है. इसमें सीट शेयरिंग फॉर्मूले के तहत सीट एजेपी को दी गई है. गोगोई ने बुधवार को ही परिवर्तन यात्रा को हरी झंडी दिखाई है. 

Feb 27, 2026 - 00:30
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असम में सामने आई कांग्रेस की अंतरकलह! गौरव गोगोई पर कार्यकर्ताओं का गंभीर आरोप, सिर मुंडवाने तक की दी धमकी

असम में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में वहां सियासी सरगर्मी देखने को मिल रही है. अब खबर गोलाघाट जिले से हैं. यहां सरूपथर विधानसभा इलाके में राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण हो गया. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पार्टी गठबंधन के फैसले पर विरोध जताया है. दरअसल, पूरा मामला सीट बंटवारे को लेकर है. यहां कांग्रेस ने गठबंधन के आधार पर सरूपथर सीट को असम जातीय परिषद को दे दी है. इस कदम से यहां स्थानीय स्तर के कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखने को मिली है. 

जिला कांग्रेस कार्यालय पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया विरोध

गोलघाट जिला कांग्रेस कार्यालय के पास माहौल उस समय गरमा गया, जब सरूपथर में कार्यकर्ता बड़ी संख्या में विरोध जताने इकट्ठा हो गए. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने यहां केस सांसद गौरव गोगोई का विरोध जताया और उन्हें इस फैसले के लिए जिम्मेदार ठहराया. कार्यकर्ताओं ने इस फैसले को एकतरफा करार दिया है. 

प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं का कहना है कि पार्टी नेतृत्व ने एजेपी को सीट देने से पहले स्थानीय पदाधिकारियों से सलाह नहीं ली है. इस फैसले से कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का हौसला टूट गया है. इनमें वो कार्यकर्ता शामिल हैं, जो सालों से पार्टी के लिए जमीनी स्तर पर काम कर रहे  हैं.

पार्टी पर जमीनी कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज करने का आरोप

कार्यकर्ताओं का कहना है कि अगर ऐसे फैसले जमीनी कार्यकर्ताओं से बिना पूछे लिए जाएंगे तो हम कैसे काम कर पाएंगे? हम इस फैसले को स्वीकार नहीं कर सकते हैं. साथ ही पार्टी नेतृत्व पर उनकी बात को नजअंदाज करने का आरोप भी उन्होंने लगाया. इसके अलावा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि अगर फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया गया तो वह सार्वजनिक रूप से अपना सिर मुंडवाने जैसा बड़ा कदम उठाएंगे. 

चुनाव से ऐन पहले कांग्रेस में अंदरूनी कलाह सामने आई है. कांग्रेस और एपीजे में चुनाव को लेकर आधिकारिक रूप से समझौता हुआ है. इसमें सीट शेयरिंग फॉर्मूले के तहत सीट एजेपी को दी गई है. गोगोई ने बुधवार को ही परिवर्तन यात्रा को हरी झंडी दिखाई है. 

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