असम में भूकंप से कांपी जमीन, चश्मदीद बोले- 'लगा छत गिर जाएगी, पैर अभी भी कांप रहे'

असम में रविवार (14 सितंबर, 2025) को आए 5.9 तीव्रता के भूकंप ने लोगों को दहशत में डाल दिया. गुवाहाटी के निवासी दहशत में अपने घरों से बाहर निकल आए. भूकंप के बाद असम की राजधानी के लोगों ने उस पल को याद किया, जब भूकंप के झटके आए थे. कुछ दिन पहले भी असम के सोनितपुर में 3.2 तीव्रता का भूकंप आया था. दरअसल असम का इलाका भूकंप संवेदनशील क्षेत्र में आता है. यह पूर्वी हिमालय पर्वतमाला में यूरेशियन और सुंडा प्लेटों के टकराव की स्थिति पर स्थित है. जान-माल का नुकसान नहीं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए एक असम निवासी ने कहा, 'भूकंप इतना भयानक था कि मेरे पैर अभी भी कांप रहे हैं'. वहीं एक और शख्स ने लिखा कि उन्हें लगा कि अगर भूकंप के झटके ऐसे चलते रहे तो उनका घर गिर जाएगा. हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए असम निवासी अनीत गोस्वामी ने बताया, 'शुरुआत में झटके धीमे थे और उन्होंने सोचा कि भूकंप जल्द ही थम जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और तभी मुझे घबराहट होने लगी. मेरा भाई ऊपर था और मैं सोचती रही, अगर छत गिर गई तो क्या होगा?' खबरों के अनुसार, भूकंप के झटके शाम 4 बजकर 41 मिनट पर आए, जिसका केंद्र बिंदु उदलगुरी जिला था. अधिकारियों ने बताया कि भूकंप की गहराई 5 किलोमीटर थी. वहीं पीटीआई रिपोर्ट के मुताबकि, किसी भी जान-माल के तत्काल नुकसान की कोई खबर नहीं है. असम पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने की प्रार्थना केंद्रीय मंत्री और असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भूकंप के बाद निवासियों की सुरक्षा और उनकी कुशलता की प्रार्थना की. सोनोवाल ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, 'असम में भीषण भूकंप. सभी की सुरक्षा और कुशलता के लिए मेरी प्रार्थनाएं. सभी से सतर्क रहने का आग्रह.' ये भी पढ़ें:- चार्ली किर्क हत्या मामले में नया खुलासा, टायलर रॉबिन्सन के 'डिस्कॉर्ड चैट' में छिपी है मर्डर मिस्ट्री

Sep 14, 2025 - 19:30
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असम में भूकंप से कांपी जमीन, चश्मदीद बोले- 'लगा छत गिर जाएगी, पैर अभी भी कांप रहे'

असम में रविवार (14 सितंबर, 2025) को आए 5.9 तीव्रता के भूकंप ने लोगों को दहशत में डाल दिया. गुवाहाटी के निवासी दहशत में अपने घरों से बाहर निकल आए. भूकंप के बाद असम की राजधानी के लोगों ने उस पल को याद किया, जब भूकंप के झटके आए थे.

कुछ दिन पहले भी असम के सोनितपुर में 3.2 तीव्रता का भूकंप आया था. दरअसल असम का इलाका भूकंप संवेदनशील क्षेत्र में आता है. यह पूर्वी हिमालय पर्वतमाला में यूरेशियन और सुंडा प्लेटों के टकराव की स्थिति पर स्थित है.

जान-माल का नुकसान नहीं

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए एक असम निवासी ने कहा, 'भूकंप इतना भयानक था कि मेरे पैर अभी भी कांप रहे हैं'. वहीं एक और शख्स ने लिखा कि उन्हें लगा कि अगर भूकंप के झटके ऐसे चलते रहे तो उनका घर गिर जाएगा. हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए असम निवासी अनीत गोस्वामी ने बताया, 'शुरुआत में झटके धीमे थे और उन्होंने सोचा कि भूकंप जल्द ही थम जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और तभी मुझे घबराहट होने लगी. मेरा भाई ऊपर था और मैं सोचती रही, अगर छत गिर गई तो क्या होगा?'

खबरों के अनुसार, भूकंप के झटके शाम 4 बजकर 41 मिनट पर आए, जिसका केंद्र बिंदु उदलगुरी जिला था. अधिकारियों ने बताया कि भूकंप की गहराई 5 किलोमीटर थी. वहीं पीटीआई रिपोर्ट के मुताबकि, किसी भी जान-माल के तत्काल नुकसान की कोई खबर नहीं है.

असम पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने की प्रार्थना

केंद्रीय मंत्री और असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भूकंप के बाद निवासियों की सुरक्षा और उनकी कुशलता की प्रार्थना की. सोनोवाल ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, 'असम में भीषण भूकंप. सभी की सुरक्षा और कुशलता के लिए मेरी प्रार्थनाएं. सभी से सतर्क रहने का आग्रह.'

ये भी पढ़ें:- चार्ली किर्क हत्या मामले में नया खुलासा, टायलर रॉबिन्सन के 'डिस्कॉर्ड चैट' में छिपी है मर्डर मिस्ट्री

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