अमेरिकी एक्शन और रूसी तेल की खरीदारी में भारत की कटौती की रिपोर्ट से क्रूड ऑयल की कीमतों में लगी आग
Crude Oil Price Jumps: मॉस्को की प्रमुख तेल कंपनियों के खिलाफ अमेरिका के नए प्रतिबंध और रूस से सस्ते क्रूड ऑयल की खरीद पर भारतीय तेल कंपनियों की समीक्षा की रिपोर्ट्स के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार को क्रूड ऑयल की कीमत में करीब 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई. रिपोर्ट्स के अनुसार, यूक्रेन युद्ध को रोकने की कोशिश में लगे अमेरिका ने रूस की दो बड़ी तेल उत्पादक कंपनियों Rosneft और Lukoil पर प्रतिबंध लगाए हैं. इसके बाद भारतीय रिफाइनर्स मॉस्को से सस्ते तेल खरीदने की अपनी योजना पर दोबारा विचार कर रही हैं. क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स: $64.71 प्रति बैरल, 2.12 डॉलर यानी 3.4% की बढ़त की हुई है. जबकि यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI): $60.59 प्रति बैरल, 2.09 डॉलर यानी 3.6% की बढ़ोतरी हुई है. गौरतलब है कि 2022 से भारत बड़ी मात्रा में रूस से कच्चा तेल खरीद रहा है. इस साल के पहले नौ महीने के दौरान रोजाना लगभग 1.7 मिलियन बैरल (17 लाख बैरल) तेल का आयात किया गया. रिपोर्ट्स में कहा गया है कि रूस से सस्ते तेल की सबसे बड़ी खरीदार रिलायंस इंडस्ट्रीज ने तेल खरीद में कटौती या आयात रोकने पर विचार किया है. हालांकि, अधिकांश भारतीय सरकारी तेल कंपनियां रूस का तेल मध्यस्थकार के जरिए खरीदती हैं, जिससे सीधे प्रतिबंध का असर कम होगा. अमेरिका की नई चेतावनी अमेरिका ने चेतावनी दी है कि यदि मॉस्को संघर्ष विराम के लिए तैयार नहीं हुआ, तो रूस के खिलाफ नए कदम उठाए जाएंगे. पिछले हफ्ते ब्रिटेन ने भी Rosneft और Lukoil पर प्रतिबंध लगाए हैं, जबकि यूरोपीय यूनियन ने 19वें प्रतिबंध पैकेज को मंजूरी दी है. इसके तहत रूसी LNG आयात पर पूरी तरह प्रतिबंध लग जाएगा. हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि क्रूड ऑयल की इस तेजी का असर ज्यादा दिनों तक नहीं टिकेगा. ये भी पढ़ें: नहीं बाज आ रहे राष्ट्रपति ट्रंप, किया एक और बड़ा दावा, किया इससे बढ़ेंगी भारत की मुश्किलें?
Crude Oil Price Jumps: मॉस्को की प्रमुख तेल कंपनियों के खिलाफ अमेरिका के नए प्रतिबंध और रूस से सस्ते क्रूड ऑयल की खरीद पर भारतीय तेल कंपनियों की समीक्षा की रिपोर्ट्स के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार को क्रूड ऑयल की कीमत में करीब 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई.
रिपोर्ट्स के अनुसार, यूक्रेन युद्ध को रोकने की कोशिश में लगे अमेरिका ने रूस की दो बड़ी तेल उत्पादक कंपनियों Rosneft और Lukoil पर प्रतिबंध लगाए हैं. इसके बाद भारतीय रिफाइनर्स मॉस्को से सस्ते तेल खरीदने की अपनी योजना पर दोबारा विचार कर रही हैं.
क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल
ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स: $64.71 प्रति बैरल, 2.12 डॉलर यानी 3.4% की बढ़त की हुई है. जबकि यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI): $60.59 प्रति बैरल, 2.09 डॉलर यानी 3.6% की बढ़ोतरी हुई है. गौरतलब है कि 2022 से भारत बड़ी मात्रा में रूस से कच्चा तेल खरीद रहा है. इस साल के पहले नौ महीने के दौरान रोजाना लगभग 1.7 मिलियन बैरल (17 लाख बैरल) तेल का आयात किया गया.
रिपोर्ट्स में कहा गया है कि रूस से सस्ते तेल की सबसे बड़ी खरीदार रिलायंस इंडस्ट्रीज ने तेल खरीद में कटौती या आयात रोकने पर विचार किया है. हालांकि, अधिकांश भारतीय सरकारी तेल कंपनियां रूस का तेल मध्यस्थकार के जरिए खरीदती हैं, जिससे सीधे प्रतिबंध का असर कम होगा.
अमेरिका की नई चेतावनी
अमेरिका ने चेतावनी दी है कि यदि मॉस्को संघर्ष विराम के लिए तैयार नहीं हुआ, तो रूस के खिलाफ नए कदम उठाए जाएंगे. पिछले हफ्ते ब्रिटेन ने भी Rosneft और Lukoil पर प्रतिबंध लगाए हैं, जबकि यूरोपीय यूनियन ने 19वें प्रतिबंध पैकेज को मंजूरी दी है. इसके तहत रूसी LNG आयात पर पूरी तरह प्रतिबंध लग जाएगा. हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि क्रूड ऑयल की इस तेजी का असर ज्यादा दिनों तक नहीं टिकेगा.
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