अब AirPods बनेंगे ‘कान के डॉक्टर’! Apple ने भारत में लॉन्च किया ऐसा फीचर, घर बैठे कर सकेंगे Hearing Test

Apple AirPods: Apple ने भारत में अपने प्रीमियम ईयरबड्स के लिए एक बड़ा हेल्थ अपडेट जारी किया है. अब AirPods केवल गाने सुनने का साधन नहीं रहेंगे बल्कि ये यूजर्स की सुनने की क्षमता यानी Hearing Health पर भी नजर रखेंगे. कंपनी ने भारत में नया Hearing Test फीचर शुरू किया है जिसकी मदद से लोग घर बैठे कुछ ही मिनटों में अपनी सुनने की क्षमता की जांच कर सकेंगे. घर बैठे सिर्फ 5 मिनट में होगा Hearing Test Apple के अनुसार यह नया फीचर AirPods Pro 2 और उससे आगे के मॉडल्स में काम करेगा. इसके लिए डिवाइस में लेटेस्ट Firmware होना जरूरी है और उसे iOS 18 या iPadOS 18 वाले iPhone या iPad से कनेक्ट करना होगा. कंपनी का कहना है कि पूरा टेस्ट लगभग पांच मिनट में पूरा हो जाता है और इसके लिए किसी क्लिनिक या अस्पताल जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. यूजर आराम से घर पर बैठकर ही यह टेस्ट कर सकता है. कैसे काम करेगा यह नया फीचर? Hearing Test के दौरान यूजर को AirPods पहनने होंगे. इसके बाद दोनों कानों में अलग-अलग ऑडियो टोन सुनाई देंगे. जब भी कोई आवाज सुनाई देगी यूजर को उसका जवाब देना होगा. टेस्ट पूरा होने के बाद सिस्टम एक डिटेल रिपोर्ट तैयार करेगा जिसमें दोनों कानों की Hearing Level, Hearing Loss की स्थिति, जरूरी सुझाव और Audiogram Chart शामिल होगा. यह चार्ट अलग-अलग फ्रीक्वेंसी पर सुनने की क्षमता को दिखाता है. यह सभी डेटा सुरक्षित तरीके से Apple Health App में सेव रहेगा. जरूरत पड़ने पर यूजर इसे डॉक्टर या हेल्थ एक्सपर्ट के साथ भी शेयर कर सकता है. शुरुआती दौर में ही पकड़ में आएगी Hearing Problem Apple का मानना है कि कई बार लोगों को लंबे समय तक यह पता ही नहीं चलता कि उनकी सुनने की क्षमता धीरे-धीरे कमजोर हो रही है. ऐसे में यह फीचर शुरुआती स्टेज में ही समस्या की पहचान करने में मदद करेगा. कंपनी की Health and Fitness टीम की वाइस प्रेसिडेंट ने कहा कि टेक्नोलॉजी का मकसद लोगों को अपनी हेल्थ पर बेहतर कंट्रोल देना होना चाहिए. इसी सोच के तहत यह फीचर तैयार किया गया है. Hearing Aid की तरह भी काम करेंगे AirPods इस अपडेट के बाद AirPods Pro हल्की या मध्यम Hearing Loss वाले लोगों के लिए Hearing Assistance डिवाइस की तरह भी काम कर सकेंगे. टेस्ट के दौरान बने पर्सनल Hearing Profile के आधार पर AirPods आसपास की आवाजों और बातचीत को रियल टाइम में ज्यादा साफ और तेज सुनाने में मदद करेंगे. इससे रोजमर्रा की बातचीत समझना आसान हो सकता है. कई सालों की रिसर्च के बाद तैयार हुआ फीचर Apple के मुताबिक कंपनी पिछले कई वर्षों से Hearing Health टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है. शुरुआत में Connected Headphones के जरिए सही रिजल्ट हासिल करने में दिक्कतें आती थीं क्योंकि आसपास का शोर और हार्डवेयर क्वालिटी बड़ी चुनौती थी. हालांकि अब AirPods के बेहतर हार्डवेयर और Noise Isolation तकनीक की मदद से कंपनी ज्यादा भरोसेमंद और क्लिनिकल स्तर के करीब परिणाम देने का दावा कर रही है. Apple अब हेल्थ टेक्नोलॉजी पर दे रहा बड़ा फोकस यह अपडेट दिखाता है कि Apple अब अपने डिवाइसेज को सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक गैजेट नहीं बल्कि हेल्थ कंपेनियन के रूप में पेश करना चाहता है. Hearing फीचर्स के अलावा कंपनी ने भारत में Apple Watch यूजर्स के लिए Sleep Apnoea Notification फीचर भी शुरू किया है. यह फीचर सोते समय सांस रुकने जैसी समस्याओं के संकेत पहचानने में मदद करेगा. Apple Watch में मौजूद सेंसर और Accelerometer सोते समय शरीर की हलचल और Breathing Pattern को ट्रैक करके संभावित समस्या का पता लगाने की कोशिश करेंगे. यह भी पढ़ें: Tips for AC Buying: बाजार में बिक रहे कितने तरह के AC, कैसे समझें आपके लिए कौन-सा परफेक्ट?

May 23, 2026 - 01:30
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अब AirPods बनेंगे ‘कान के डॉक्टर’! Apple ने भारत में लॉन्च किया ऐसा फीचर, घर बैठे कर सकेंगे Hearing Test

Apple AirPods: Apple ने भारत में अपने प्रीमियम ईयरबड्स के लिए एक बड़ा हेल्थ अपडेट जारी किया है. अब AirPods केवल गाने सुनने का साधन नहीं रहेंगे बल्कि ये यूजर्स की सुनने की क्षमता यानी Hearing Health पर भी नजर रखेंगे. कंपनी ने भारत में नया Hearing Test फीचर शुरू किया है जिसकी मदद से लोग घर बैठे कुछ ही मिनटों में अपनी सुनने की क्षमता की जांच कर सकेंगे.

घर बैठे सिर्फ 5 मिनट में होगा Hearing Test

Apple के अनुसार यह नया फीचर AirPods Pro 2 और उससे आगे के मॉडल्स में काम करेगा. इसके लिए डिवाइस में लेटेस्ट Firmware होना जरूरी है और उसे iOS 18 या iPadOS 18 वाले iPhone या iPad से कनेक्ट करना होगा.

कंपनी का कहना है कि पूरा टेस्ट लगभग पांच मिनट में पूरा हो जाता है और इसके लिए किसी क्लिनिक या अस्पताल जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. यूजर आराम से घर पर बैठकर ही यह टेस्ट कर सकता है.

कैसे काम करेगा यह नया फीचर?

Hearing Test के दौरान यूजर को AirPods पहनने होंगे. इसके बाद दोनों कानों में अलग-अलग ऑडियो टोन सुनाई देंगे. जब भी कोई आवाज सुनाई देगी यूजर को उसका जवाब देना होगा.

टेस्ट पूरा होने के बाद सिस्टम एक डिटेल रिपोर्ट तैयार करेगा जिसमें दोनों कानों की Hearing Level, Hearing Loss की स्थिति, जरूरी सुझाव और Audiogram Chart शामिल होगा. यह चार्ट अलग-अलग फ्रीक्वेंसी पर सुनने की क्षमता को दिखाता है. यह सभी डेटा सुरक्षित तरीके से Apple Health App में सेव रहेगा. जरूरत पड़ने पर यूजर इसे डॉक्टर या हेल्थ एक्सपर्ट के साथ भी शेयर कर सकता है.

शुरुआती दौर में ही पकड़ में आएगी Hearing Problem

Apple का मानना है कि कई बार लोगों को लंबे समय तक यह पता ही नहीं चलता कि उनकी सुनने की क्षमता धीरे-धीरे कमजोर हो रही है. ऐसे में यह फीचर शुरुआती स्टेज में ही समस्या की पहचान करने में मदद करेगा.

कंपनी की Health and Fitness टीम की वाइस प्रेसिडेंट ने कहा कि टेक्नोलॉजी का मकसद लोगों को अपनी हेल्थ पर बेहतर कंट्रोल देना होना चाहिए. इसी सोच के तहत यह फीचर तैयार किया गया है.

Hearing Aid की तरह भी काम करेंगे AirPods

इस अपडेट के बाद AirPods Pro हल्की या मध्यम Hearing Loss वाले लोगों के लिए Hearing Assistance डिवाइस की तरह भी काम कर सकेंगे. टेस्ट के दौरान बने पर्सनल Hearing Profile के आधार पर AirPods आसपास की आवाजों और बातचीत को रियल टाइम में ज्यादा साफ और तेज सुनाने में मदद करेंगे. इससे रोजमर्रा की बातचीत समझना आसान हो सकता है.

कई सालों की रिसर्च के बाद तैयार हुआ फीचर

Apple के मुताबिक कंपनी पिछले कई वर्षों से Hearing Health टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है. शुरुआत में Connected Headphones के जरिए सही रिजल्ट हासिल करने में दिक्कतें आती थीं क्योंकि आसपास का शोर और हार्डवेयर क्वालिटी बड़ी चुनौती थी. हालांकि अब AirPods के बेहतर हार्डवेयर और Noise Isolation तकनीक की मदद से कंपनी ज्यादा भरोसेमंद और क्लिनिकल स्तर के करीब परिणाम देने का दावा कर रही है.

Apple अब हेल्थ टेक्नोलॉजी पर दे रहा बड़ा फोकस

यह अपडेट दिखाता है कि Apple अब अपने डिवाइसेज को सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक गैजेट नहीं बल्कि हेल्थ कंपेनियन के रूप में पेश करना चाहता है. Hearing फीचर्स के अलावा कंपनी ने भारत में Apple Watch यूजर्स के लिए Sleep Apnoea Notification फीचर भी शुरू किया है. यह फीचर सोते समय सांस रुकने जैसी समस्याओं के संकेत पहचानने में मदद करेगा.

Apple Watch में मौजूद सेंसर और Accelerometer सोते समय शरीर की हलचल और Breathing Pattern को ट्रैक करके संभावित समस्या का पता लगाने की कोशिश करेंगे.

यह भी पढ़ें:

Tips for AC Buying: बाजार में बिक रहे कितने तरह के AC, कैसे समझें आपके लिए कौन-सा परफेक्ट?

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