Wi-Fi का पासवर्ड बदलने के बाद भी पुराना डिवाइस कैसे जुड़ा रहता है? चेक करें ये Setting
घर के Wi-Fi का पासवर्ड बदलने के बाद आमतौर पर माना जाता है कि पुराने सभी डिवाइस नेटवर्क से डिस्कनेक्ट हो जाएंगे. लेकिन कई बार ऐसा नहीं होता है. स्मार्टफोन, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी या दूसरे डिवाइस में नेटवर्क की पुरानी जानकारी सेव होने के कारण कंडिशन थोड़ी अलग होती है. वहीं कुछ राउटर सेटिंग्स ऐसी भी होती हैं जिनकी वजह से पुराने डिवाइस को दोबारा कनेक्ट होने में आसानी होती है. पासवर्ड बदलने के बाद क्या होता है? आपको बता दें कि जब आप राउटर का Wi-Fi पासवर्ड बदलते हैं तो नॉर्मली पुराने पासवर्ड से कनेक्टेड डिवाइस का कनेक्शन टूट जाना चाहिए. इसके बाद उस डिवाइस को नए पासवर्ड की जरूरत होती है. अगर किसी फोन या लैपटॉप में नेटवर्क की पुरानी जानकारी सेव है तो वह नए पासवर्ड के बिना इंटरनेट से दोबारा कनेक्ट नहीं कर पाएगा. हालांकि, कुछ डिवाइस में नेटवर्क प्रोफाइल सेव रहती है. ऐसे में डिवाइस Wi-Fi नेटवर्क को पहचानता रहता है और नया पासवर्ड डालने का ऑप्शन दिखा सकता है. कहीं WPS तो ऑन नहीं? बताते चलें कि राउटर की WPS (Wi-Fi Protected Setup) सेटिंग को भी जरूर चेक करें. WPS की मदद से कई डिवाइस को बिना Wi-Fi पासवर्ड टाइप किए नेटवर्क से कनेक्ट किया जा सकता है. अगर आपके राउटर में WPS एक्टिव है और कोई पुराना डिवाइस पहले से इसकी मदद से पेयर किया गया है तो यह आपके लिए सुरक्षा का एक्सट्रा पहलू बन सकता है. इसलिए राउटर के एडमिन पैनल में जाकर WPS ऑप्शन को चेक करें. जरूरत नहीं है तो इसे बंद रखना ही बेहतर माना जाता है. यह भी पढ़ें: Wi-Fi Router में क्यों लगे होते हैं इतनी सारे Antenna? सामने आ गई वजह Remembered Network भी हो सकता है कारण फोन या कंप्यूटर Wi-Fi नेटवर्क की जानकारी सेव करके रखता है. इसे Saved Network या Remembered Network कहा जाता है. पासवर्ड बदलने के बाद भी नेटवर्क का नाम डिवाइस में दिखाई देता रहता है. अगर आप चाहते हैं कि कोई पुराना डिवाइस भविष्य में अपने आप कनेक्ट न हो तो उस डिवाइस में जाकर Wi-Fi नेटवर्क को Forget कर दें. इसके बाद उसे दोबारा कनेक्ट करने के लिए नया पासवर्ड डालना होगा. राउटर में Connected Devices जरूर देखें अगर आपको शक है कि कोई पुराना या अनजान डिवाइस अभी भी Wi-Fi इस्तेमाल कर रहा है तो राउटर के एडमिन पैनल में Connected Devices, Client List या Device List जैसे ऑप्शन देखें. यहां नेटवर्क से जुड़े डिवाइस की जानकारी मिल सकती है. अगर कोई अनजान डिवाइस नजर आए तो पहले उसका कनेक्शन ब्लॉक करें और Wi-Fi पासवर्ड बदलें. इसके साथ ही राउटर का एडमिन पासवर्ड भी बदलना समझदारी है. Wi-Fi की Security Setting भी चेक करें सिर्फ पासवर्ड बदलना ही काफी नहीं होता है. राउटर में WPA2 या WPA3 जैसी एडवांस सेफ्टी सिस्टम इस्तेमाल करें. अगर राउटर में पुराना और कमजोर सिक्योरिटी मोड एक्टिव है तो उसे बदलना बेहतर है. साथ ही Wi-Fi का नाम और पासवर्ड मजबूत रखें. पासवर्ड में केवल मोबाइल नंबर, नाम या आसान शब्द इस्तेमाल करने से बचें. यह भी पढ़ें: Noise Cancelling Headphones यूज करने से पहले जानें सच्चाई! नहीं तो पड़ेगा पछताना
घर के Wi-Fi का पासवर्ड बदलने के बाद आमतौर पर माना जाता है कि पुराने सभी डिवाइस नेटवर्क से डिस्कनेक्ट हो जाएंगे. लेकिन कई बार ऐसा नहीं होता है. स्मार्टफोन, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी या दूसरे डिवाइस में नेटवर्क की पुरानी जानकारी सेव होने के कारण कंडिशन थोड़ी अलग होती है. वहीं कुछ राउटर सेटिंग्स ऐसी भी होती हैं जिनकी वजह से पुराने डिवाइस को दोबारा कनेक्ट होने में आसानी होती है.
पासवर्ड बदलने के बाद क्या होता है?
आपको बता दें कि जब आप राउटर का Wi-Fi पासवर्ड बदलते हैं तो नॉर्मली पुराने पासवर्ड से कनेक्टेड डिवाइस का कनेक्शन टूट जाना चाहिए. इसके बाद उस डिवाइस को नए पासवर्ड की जरूरत होती है. अगर किसी फोन या लैपटॉप में नेटवर्क की पुरानी जानकारी सेव है तो वह नए पासवर्ड के बिना इंटरनेट से दोबारा कनेक्ट नहीं कर पाएगा. हालांकि, कुछ डिवाइस में नेटवर्क प्रोफाइल सेव रहती है. ऐसे में डिवाइस Wi-Fi नेटवर्क को पहचानता रहता है और नया पासवर्ड डालने का ऑप्शन दिखा सकता है.
कहीं WPS तो ऑन नहीं?
बताते चलें कि राउटर की WPS (Wi-Fi Protected Setup) सेटिंग को भी जरूर चेक करें. WPS की मदद से कई डिवाइस को बिना Wi-Fi पासवर्ड टाइप किए नेटवर्क से कनेक्ट किया जा सकता है. अगर आपके राउटर में WPS एक्टिव है और कोई पुराना डिवाइस पहले से इसकी मदद से पेयर किया गया है तो यह आपके लिए सुरक्षा का एक्सट्रा पहलू बन सकता है. इसलिए राउटर के एडमिन पैनल में जाकर WPS ऑप्शन को चेक करें. जरूरत नहीं है तो इसे बंद रखना ही बेहतर माना जाता है.
यह भी पढ़ें: Wi-Fi Router में क्यों लगे होते हैं इतनी सारे Antenna? सामने आ गई वजह
Remembered Network भी हो सकता है कारण
फोन या कंप्यूटर Wi-Fi नेटवर्क की जानकारी सेव करके रखता है. इसे Saved Network या Remembered Network कहा जाता है. पासवर्ड बदलने के बाद भी नेटवर्क का नाम डिवाइस में दिखाई देता रहता है. अगर आप चाहते हैं कि कोई पुराना डिवाइस भविष्य में अपने आप कनेक्ट न हो तो उस डिवाइस में जाकर Wi-Fi नेटवर्क को Forget कर दें. इसके बाद उसे दोबारा कनेक्ट करने के लिए नया पासवर्ड डालना होगा.
राउटर में Connected Devices जरूर देखें
अगर आपको शक है कि कोई पुराना या अनजान डिवाइस अभी भी Wi-Fi इस्तेमाल कर रहा है तो राउटर के एडमिन पैनल में Connected Devices, Client List या Device List जैसे ऑप्शन देखें. यहां नेटवर्क से जुड़े डिवाइस की जानकारी मिल सकती है.
अगर कोई अनजान डिवाइस नजर आए तो पहले उसका कनेक्शन ब्लॉक करें और Wi-Fi पासवर्ड बदलें. इसके साथ ही राउटर का एडमिन पासवर्ड भी बदलना समझदारी है.
Wi-Fi की Security Setting भी चेक करें
सिर्फ पासवर्ड बदलना ही काफी नहीं होता है. राउटर में WPA2 या WPA3 जैसी एडवांस सेफ्टी सिस्टम इस्तेमाल करें. अगर राउटर में पुराना और कमजोर सिक्योरिटी मोड एक्टिव है तो उसे बदलना बेहतर है. साथ ही Wi-Fi का नाम और पासवर्ड मजबूत रखें. पासवर्ड में केवल मोबाइल नंबर, नाम या आसान शब्द इस्तेमाल करने से बचें.
यह भी पढ़ें:
Noise Cancelling Headphones यूज करने से पहले जानें सच्चाई! नहीं तो पड़ेगा पछताना
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