West Bengal: बाबरी मस्जिद ट्रस्ट के नाम पर नकली क्यूआर कोड से फंड ठगी का खुलासा, पुलिस ने शुरु की जांच

West Bengal News: बाबरी मस्जिद निर्माण के लिए हुंकार भर रहे हुमायूं कबीर को दूसरे ही दिन बड़ा झटका लगा. पहले, मंच पर सऊदी अरब से आने का दावा करने वाले दो लोगों के मामले में धोखाधड़ी सामने आई और फिर उनके साथ दिखे चार सुरक्षाकर्मियों पर भी सवाल खड़े हो गए. हुमायूं कबीर ने दावा किया था कि हैदराबाद से 8 प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मी उनकी सुरक्षा में तैनात होंगे. मंगलवार को उनके साथ चार सुरक्षाकर्मी दिखाई भी दिए, लेकिन जल्द ही उन्हें पता चला कि ये लोग हैदराबाद के नहीं, बल्कि स्थानीय निकले. इससे वे बेहद असहज महसूस करने लगे. उन्होंने कहा, "मैंने उन्हें तुरंत हटा दिया. मैं किसी स्थानीय को सुरक्षा में नहीं रखूंगा. मेरे खिलाफ साजिशें रची जा रही हैं. समय आने पर सब बताऊंगा." नकली क्यूआर कोड से बाबरी मस्जिद ट्रस्ट में धोखाधड़ी का आरोप हुमायूं कबीर के बाबरी मस्जिद ट्रस्ट के नाम पर दूसरी बड़ी गड़बड़ी सामने आई है. बहरमपुर साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज हुई है कि ट्रस्ट की जानकारी कॉपी करके तीन लोगों ने नकली क्यूआर कोड बना लिए हैं. वेस्ट बंगाल इस्लामिक फाउंडेशन ऑफ इंडिया के कोषाध्यक्ष मोहम्मद अमीनुल शेख ने आरोप लगाया कि 9 दिसंबर से लगातार नकली क्यूआर कोड के जरिए फंड जुटाने की कोशिश की जा रही है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. सऊदी अरब का दावा भी निकला फर्जी 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद के प्रस्तावित शिलान्यास कार्यक्रम के मंच पर दो लोग दिखाई दिए, जिनकी ड्रेस और लुक बिल्कुल अरब देशों जैसा था. घोषणा की गई कि ये सऊदी अरब से आए विधायक हैं,लेकिन बाद में खुलासा हुआ कि दोनों स्थानीय युवक थे. किसी ने हुमायूं से पैसे लेकर इन दो लोगों को अरब लुक में तैयार करवाकर मंच पर भेज दिया. हुमायूं कबीर ने मीडिया से कहा कि यह उनके खिलाफ बड़ी साजिश का हिस्सा है और उन्हें जानबूझकर बदनाम किया जा रहा है. हुमायूं कबीर ने इन घटनाओं के पीछे तृणमूल नेता सिद्दीकुल्ला चौधरी के संगठन पर आरोप लगाए हैं. उनका दावा है कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद के सचिव मौलाना यूसुफ, जो भरतपुर के ही हैं, उन्होंने ही “सऊदी अरब से मौलाना लाने” का प्रस्ताव दिया था. लगातार बनते विवाद और बढ़ती राजनीतिक गर्मी हुमायूं ने कहा, “ये साजिश उसी संगठन ने की है. यह एक बड़ा खेल है. इसका जवाब समय आने पर दूंगा.” धर्मगुरु से लेकर सुरक्षाकर्मियों और क्यूआर कोड धोखाधड़ी तक, लगातार सामने आ रही घटनाओं ने पूरे मामले को उलझा दिया है. हुमायूं कबीर का दावा है कि यह सब उन्हें बदनाम करने और उनकी मुहिम को कमजोर करने की कोशिश है. फिलहाल पुलिस कई स्तरों पर जांच कर रही है.

Dec 12, 2025 - 15:30
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West Bengal: बाबरी मस्जिद ट्रस्ट के नाम पर नकली क्यूआर कोड से फंड ठगी का खुलासा, पुलिस ने शुरु की जांच

West Bengal News: बाबरी मस्जिद निर्माण के लिए हुंकार भर रहे हुमायूं कबीर को दूसरे ही दिन बड़ा झटका लगा. पहले, मंच पर सऊदी अरब से आने का दावा करने वाले दो लोगों के मामले में धोखाधड़ी सामने आई और फिर उनके साथ दिखे चार सुरक्षाकर्मियों पर भी सवाल खड़े हो गए.

हुमायूं कबीर ने दावा किया था कि हैदराबाद से 8 प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मी उनकी सुरक्षा में तैनात होंगे. मंगलवार को उनके साथ चार सुरक्षाकर्मी दिखाई भी दिए, लेकिन जल्द ही उन्हें पता चला कि ये लोग हैदराबाद के नहीं, बल्कि स्थानीय निकले. इससे वे बेहद असहज महसूस करने लगे. उन्होंने कहा, "मैंने उन्हें तुरंत हटा दिया. मैं किसी स्थानीय को सुरक्षा में नहीं रखूंगा. मेरे खिलाफ साजिशें रची जा रही हैं. समय आने पर सब बताऊंगा."

नकली क्यूआर कोड से बाबरी मस्जिद ट्रस्ट में धोखाधड़ी का आरोप

हुमायूं कबीर के बाबरी मस्जिद ट्रस्ट के नाम पर दूसरी बड़ी गड़बड़ी सामने आई है. बहरमपुर साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज हुई है कि ट्रस्ट की जानकारी कॉपी करके तीन लोगों ने नकली क्यूआर कोड बना लिए हैं.

वेस्ट बंगाल इस्लामिक फाउंडेशन ऑफ इंडिया के कोषाध्यक्ष मोहम्मद अमीनुल शेख ने आरोप लगाया कि 9 दिसंबर से लगातार नकली क्यूआर कोड के जरिए फंड जुटाने की कोशिश की जा रही है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

सऊदी अरब का दावा भी निकला फर्जी

6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद के प्रस्तावित शिलान्यास कार्यक्रम के मंच पर दो लोग दिखाई दिए, जिनकी ड्रेस और लुक बिल्कुल अरब देशों जैसा था. घोषणा की गई कि ये सऊदी अरब से आए विधायक हैं,लेकिन बाद में खुलासा हुआ कि दोनों स्थानीय युवक थे. किसी ने हुमायूं से पैसे लेकर इन दो लोगों को अरब लुक में तैयार करवाकर मंच पर भेज दिया.

हुमायूं कबीर ने मीडिया से कहा कि यह उनके खिलाफ बड़ी साजिश का हिस्सा है और उन्हें जानबूझकर बदनाम किया जा रहा है. हुमायूं कबीर ने इन घटनाओं के पीछे तृणमूल नेता सिद्दीकुल्ला चौधरी के संगठन पर आरोप लगाए हैं. उनका दावा है कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद के सचिव मौलाना यूसुफ, जो भरतपुर के ही हैं, उन्होंने ही “सऊदी अरब से मौलाना लाने” का प्रस्ताव दिया था.

लगातार बनते विवाद और बढ़ती राजनीतिक गर्मी

हुमायूं ने कहा, “ये साजिश उसी संगठन ने की है. यह एक बड़ा खेल है. इसका जवाब समय आने पर दूंगा.” धर्मगुरु से लेकर सुरक्षाकर्मियों और क्यूआर कोड धोखाधड़ी तक, लगातार सामने आ रही घटनाओं ने पूरे मामले को उलझा दिया है. हुमायूं कबीर का दावा है कि यह सब उन्हें बदनाम करने और उनकी मुहिम को कमजोर करने की कोशिश है. फिलहाल पुलिस कई स्तरों पर जांच कर रही है.

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