Weight Gain Reasons: सिर्फ 2 रोटी खाते हैं फिर भी बढ़ रहा वजन? ये हो सकती है वजह
Hidden Causes Of Unexplained Weight Gain: अगर आप खाने में सिर्फ 2 रोटी खाते हैं और फिर भी वजन लगातार बढ़ रहा है, तो इसका कारण सिर्फ रोटी को मान लेना सही नहीं होगा. वजन बढ़ने पर सबसे पहले लोग यह सोचते हैं कि शायद वे ज्यादा खा रहे हैं, लेकिन शरीर के वजन पर खान-पान के अलावा भी कई चीजों का असर पड़ता है. तनाव, नींद की कमी, दिनभर कम एक्टिव रहना और कुछ दवाइयां भी वजन बढ़ने की वजह बन सकती हैं. इसलिए अगर आपकी डाइट में रोटी की मात्रा कम है, फिर भी वजन बढ़ रहा है, तो पूरे दिन की खाने की आदतों और लाइफस्टाइल पर ध्यान देना जरूरी है. सिर्फ रोटी कम करना काफी नहीं हेल्थ के बारे में जानकारी देने वाली वेबसाइट हेल्थलाइन के अनुसार, वजन बढ़ने का संबंध सिर्फ इस बात से नहीं है कि आपने कितनी रोटियां खाईं. अगर बाकी खाने में ज्यादा प्रोसेस्ड फूड, मीठी चीजें या ज्यादा कैलोरी वाली चीजें शामिल हैं, तो कम रोटी खाने के बावजूद वजन बढ़ सकता है. अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड में अक्सर कैलोरी ज्यादा होती है, जबकि प्रोटीन और फाइबर जैसे पोषक तत्व कम होते हैं. ऐसे खाने से पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस नहीं होता और व्यक्ति जरूरत से ज्यादा खा सकता है. पैकेज्ड स्नैक्स, फास्ट फूड, मीठे सीरियल और रेडी-टू-ईट खाने इसके उदाहरण हैं. खाने में छिपी चीनी भी बन सकती है वजह अगर आप दो रोटी खाते हैं लेकिन दिनभर चाय, कॉफी, मिठाई, कोल्ड ड्रिंक या दूसरे मीठे पेय लेते रहते हैं, तो कुल कैलोरी काफी बढ़ सकती है. ज्यादा चीनी वाले खाने और ड्रिंक्स को वजन बढ़ने से जोड़ा गया है. खासकर मीठे पेय आसानी से ज्यादा कैलोरी दे सकते हैं, क्योंकि इन्हें पीने पर उतनी देर तक पेट भरा हुआ महसूस नहीं होता जितना ठोस खाना खाने के बाद हो सकता है. इसलिए वजन को समझने के लिए सिर्फ रोटी की गिनती करने के बजाय पूरे दिन क्या और कितना खाया-पीया जा रहा है, यह देखना जरूरी है. दिनभर बैठे रहना भी पड़ सकता है भारी अगर आपका काम ज्यादातर बैठकर होता है, ऑफिस के बाद भी टीवी या मोबाइल के सामने समय गुजरता है और रोजाना चलना-फिरना कम है, तो शरीर की एक्टिविटी काफी कम हो सकती है. एक स्टडी में ज्यादा वजन वाले लोगों के बीच रोजाना कई घंटे बैठने का समय देखा गया था. रिसर्च में यह भी पाया गया कि लंबे समय तक बैठे रहने की जगह कुछ समय खड़े रहने से शरीर की फैट मास और कमर के घेराव में सुधार देखा जा सकता है. इसलिए अगर वजन बढ़ रहा है, तो सिर्फ खाना कम करने के बजाय रोजाना की फिजिकल एक्टिविटी पर भी ध्यान देना जरूरी है. खाने के बाद थोड़ी देर टहलना, लंच ब्रेक में चलना या दिनभर बैठने के बीच छोटे-छोटे ब्रेक लेना मददगार हो सकता है. बार-बार डाइट बदलना भी सही तरीका नहीं कई लोग वजन कम करने के लिए अचानक बहुत कम खाना शुरू कर देते हैं. कुछ समय तक वजन कम होता है और फिर सामान्य डाइट पर लौटने के बाद वजन दोबारा बढ़ जाता है. वजन कम करने और फिर वापस बढ़ने के इस चक्र को यो-यो डाइटिंग कहा जाता है. सख्त डाइट लंबे समय तक बनाए रखना मुश्किल हो सकता है. इसलिए वजन कम करने के लिए ऐसी आदतें बनाना ज्यादा बेहतर है जिन्हें लंबे समय तक जारी रखा जा सके. नियमित एक्सरसाइज, संतुलित खाना और कम प्रोसेस्ड फूड इसमें मदद कर सकते हैं. इसे भी पढ़ेंः Delhi NCR Health Study: दिल्ली-NCR में हर 20 में से 1 को 2 गंभीर बीमारियां! स्टडी में बड़ा खुलासा नींद कम है तो इसे भी देखें वजन बढ़ने के पीछे नींद की कमी भी एक वजह हो सकती है. अगर आप रोजाना पर्याप्त नींद नहीं लेते, रात में बार-बार जागते हैं या आपकी नींद की क्वालिटी खराब है, तो इसका असर खाने की आदतों और फिजिकल एक्टिविटी पर पड़ सकता है. रिसर्च की समीक्षा में खराब नींद को ज्यादा बार खाने और कार्बोहाइड्रेट व अनहेल्दी फैट वाले खाने की अधिक खपत से जोड़ा गया है. आम तौर पर कम नींद को भी वजन बढ़ने और मोटापे के जोखिम से जोड़ा गया है. इसलिए सिर्फ डाइट पर ध्यान देने के साथ रोजाना पर्याप्त और अच्छी क्वालिटी की नींद लेना भी जरूरी है. शरीर से जुड़ी कोई समस्या भी हो सकती है अगर खाने-पीने और लाइफस्टाइल में खास बदलाव नहीं हुआ है, फिर भी वजन लगातार बढ़ रहा है, तो इसके पीछे कोई स्वास्थ्य संबंधी कारण भी हो सकता है. हाइपोथायरॉइडिज्म, डिप्रेशन, डायबिटीज जैसी कुछ स्थितियां अनचाहे वजन बढ़ने से जुड़ी हो सकती हैं. कुछ दवाइयों, खासकर कुछ एंटीडिप्रेसेंट और एंटीसाइकोटिक दवाओं से भी वजन बढ़ सकता है. अगर आपको लगता है कि वजन बढ़ने का संबंध किसी दवा या स्वास्थ्य समस्या से हो सकता है, तो डॉक्टर से बात करना बेहतर है. इसे भी पढ़ेंः Smoking Side Effects: क्या पहली ही सिगरेट से खराब होने लगते हैं फेफड़े? जानें सच Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
Hidden Causes Of Unexplained Weight Gain: अगर आप खाने में सिर्फ 2 रोटी खाते हैं और फिर भी वजन लगातार बढ़ रहा है, तो इसका कारण सिर्फ रोटी को मान लेना सही नहीं होगा. वजन बढ़ने पर सबसे पहले लोग यह सोचते हैं कि शायद वे ज्यादा खा रहे हैं, लेकिन शरीर के वजन पर खान-पान के अलावा भी कई चीजों का असर पड़ता है. तनाव, नींद की कमी, दिनभर कम एक्टिव रहना और कुछ दवाइयां भी वजन बढ़ने की वजह बन सकती हैं. इसलिए अगर आपकी डाइट में रोटी की मात्रा कम है, फिर भी वजन बढ़ रहा है, तो पूरे दिन की खाने की आदतों और लाइफस्टाइल पर ध्यान देना जरूरी है.
सिर्फ रोटी कम करना काफी नहीं
हेल्थ के बारे में जानकारी देने वाली वेबसाइट हेल्थलाइन के अनुसार, वजन बढ़ने का संबंध सिर्फ इस बात से नहीं है कि आपने कितनी रोटियां खाईं. अगर बाकी खाने में ज्यादा प्रोसेस्ड फूड, मीठी चीजें या ज्यादा कैलोरी वाली चीजें शामिल हैं, तो कम रोटी खाने के बावजूद वजन बढ़ सकता है. अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड में अक्सर कैलोरी ज्यादा होती है, जबकि प्रोटीन और फाइबर जैसे पोषक तत्व कम होते हैं. ऐसे खाने से पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस नहीं होता और व्यक्ति जरूरत से ज्यादा खा सकता है. पैकेज्ड स्नैक्स, फास्ट फूड, मीठे सीरियल और रेडी-टू-ईट खाने इसके उदाहरण हैं.
खाने में छिपी चीनी भी बन सकती है वजह
अगर आप दो रोटी खाते हैं लेकिन दिनभर चाय, कॉफी, मिठाई, कोल्ड ड्रिंक या दूसरे मीठे पेय लेते रहते हैं, तो कुल कैलोरी काफी बढ़ सकती है. ज्यादा चीनी वाले खाने और ड्रिंक्स को वजन बढ़ने से जोड़ा गया है. खासकर मीठे पेय आसानी से ज्यादा कैलोरी दे सकते हैं, क्योंकि इन्हें पीने पर उतनी देर तक पेट भरा हुआ महसूस नहीं होता जितना ठोस खाना खाने के बाद हो सकता है. इसलिए वजन को समझने के लिए सिर्फ रोटी की गिनती करने के बजाय पूरे दिन क्या और कितना खाया-पीया जा रहा है, यह देखना जरूरी है.
दिनभर बैठे रहना भी पड़ सकता है भारी
अगर आपका काम ज्यादातर बैठकर होता है, ऑफिस के बाद भी टीवी या मोबाइल के सामने समय गुजरता है और रोजाना चलना-फिरना कम है, तो शरीर की एक्टिविटी काफी कम हो सकती है. एक स्टडी में ज्यादा वजन वाले लोगों के बीच रोजाना कई घंटे बैठने का समय देखा गया था. रिसर्च में यह भी पाया गया कि लंबे समय तक बैठे रहने की जगह कुछ समय खड़े रहने से शरीर की फैट मास और कमर के घेराव में सुधार देखा जा सकता है.
इसलिए अगर वजन बढ़ रहा है, तो सिर्फ खाना कम करने के बजाय रोजाना की फिजिकल एक्टिविटी पर भी ध्यान देना जरूरी है. खाने के बाद थोड़ी देर टहलना, लंच ब्रेक में चलना या दिनभर बैठने के बीच छोटे-छोटे ब्रेक लेना मददगार हो सकता है.
बार-बार डाइट बदलना भी सही तरीका नहीं
कई लोग वजन कम करने के लिए अचानक बहुत कम खाना शुरू कर देते हैं. कुछ समय तक वजन कम होता है और फिर सामान्य डाइट पर लौटने के बाद वजन दोबारा बढ़ जाता है. वजन कम करने और फिर वापस बढ़ने के इस चक्र को यो-यो डाइटिंग कहा जाता है. सख्त डाइट लंबे समय तक बनाए रखना मुश्किल हो सकता है. इसलिए वजन कम करने के लिए ऐसी आदतें बनाना ज्यादा बेहतर है जिन्हें लंबे समय तक जारी रखा जा सके. नियमित एक्सरसाइज, संतुलित खाना और कम प्रोसेस्ड फूड इसमें मदद कर सकते हैं.
इसे भी पढ़ेंः Delhi NCR Health Study: दिल्ली-NCR में हर 20 में से 1 को 2 गंभीर बीमारियां! स्टडी में बड़ा खुलासा
नींद कम है तो इसे भी देखें
वजन बढ़ने के पीछे नींद की कमी भी एक वजह हो सकती है. अगर आप रोजाना पर्याप्त नींद नहीं लेते, रात में बार-बार जागते हैं या आपकी नींद की क्वालिटी खराब है, तो इसका असर खाने की आदतों और फिजिकल एक्टिविटी पर पड़ सकता है. रिसर्च की समीक्षा में खराब नींद को ज्यादा बार खाने और कार्बोहाइड्रेट व अनहेल्दी फैट वाले खाने की अधिक खपत से जोड़ा गया है. आम तौर पर कम नींद को भी वजन बढ़ने और मोटापे के जोखिम से जोड़ा गया है. इसलिए सिर्फ डाइट पर ध्यान देने के साथ रोजाना पर्याप्त और अच्छी क्वालिटी की नींद लेना भी जरूरी है.
शरीर से जुड़ी कोई समस्या भी हो सकती है
अगर खाने-पीने और लाइफस्टाइल में खास बदलाव नहीं हुआ है, फिर भी वजन लगातार बढ़ रहा है, तो इसके पीछे कोई स्वास्थ्य संबंधी कारण भी हो सकता है. हाइपोथायरॉइडिज्म, डिप्रेशन, डायबिटीज जैसी कुछ स्थितियां अनचाहे वजन बढ़ने से जुड़ी हो सकती हैं. कुछ दवाइयों, खासकर कुछ एंटीडिप्रेसेंट और एंटीसाइकोटिक दवाओं से भी वजन बढ़ सकता है. अगर आपको लगता है कि वजन बढ़ने का संबंध किसी दवा या स्वास्थ्य समस्या से हो सकता है, तो डॉक्टर से बात करना बेहतर है.
इसे भी पढ़ेंः Smoking Side Effects: क्या पहली ही सिगरेट से खराब होने लगते हैं फेफड़े? जानें सच
Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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