Wall Paint: दीवार के नए पेंट पर दिखने लगे छोटे छेद? अपनाएं ये 3 उपाय

Why Tiny Holes Appear On Painted Walls: घर की दीवारों पर नया पेंट करवाने के बाद कुछ समय तक सबकुछ साफ-सुथरा और खूबसूरत नजर आता है. लेकिन कई बार कुछ महीनों बाद पेंट की सतह पर छोटे-छोटे छेद, बारीक गड्ढे या उभरे हुए निशान दिखाई देने लगते हैं. शुरुआत में ये इतने छोटे होते हैं कि इन पर किसी का ध्यान नहीं जाता. धीरे-धीरे इनकी संख्या बढ़ने लगती है और दीवार की पूरी फिनिश खराब दिखने लगती है. आमतौर पर ऐसे निशान देखते ही लोगों को लगता है कि दीवार में सीलन आ गई है. हालांकि, हर बार इसकी वजह सिर्फ सीलन नहीं होती. पेंट की सही तैयारी न होना, हवा का फंस जाना, नमी, खराब प्लास्टर और पेंट की परतों के बीच सही बॉन्डिंग न होना भी इसकी वजह बन सकता है. ऐसे में सिर्फ ऊपर से दोबारा पेंट कर देना समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता. दीवार पर छोटे-छोटे छेद क्यों बनने लगते हैं? पेंट की सतह पर छोटे गड्ढे या छेद बनने के पीछे कई कारण हो सकते हैं. जब दीवार की सतह ठीक तरह से तैयार नहीं की जाती और उसके ऊपर सीधे पेंट कर दिया जाता है, तो पेंट दीवार के साथ मजबूत तरीके से चिपक नहीं पाता. दीवार पर मौजूद धूल, गंदगी या पुरानी कमजोर पेंट की परत नई पेंटिंग की पकड़ को प्रभावित कर सकती है. कई बार पेंट की परत के नीचे हवा भी फंस जाती है. समय के साथ ये छोटे एयर पॉकेट सतह पर बारीक गड्ढों या उभार के रूप में नजर आ सकते हैं. अगर पेंट करने से पहले दीवार पूरी तरह सूखी नहीं थी, तो समस्या और बढ़ सकती है. सीलन के अलावा नमी भी हो सकती है वजह दीवार पर नमी होना छोटे छेद और पेंट की खराब फिनिश की एक बड़ी वजह है. जरूरी नहीं कि दीवार में हमेशा तेज सीलन ही हो. कमरे में ज्यादा नमी या भाप के कारण भी दीवार की सतह प्रभावित हो सकती है. किचन और बाथरूम जैसी जगहों पर यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है, खासकर जब कमरे में हवा का सही वेंटिलेशन न हो. दीवार के अंदर या पेंट की परत के नीचे नमी फंसने पर धीरे-धीरे पेंट की पकड़ कमजोर हो सकती है. इसके बाद सतह पर छोटे-छोटे गड्ढे, बुलबुले या उखड़ने के निशान नजर आने लगते हैं. पाइप या छत से पानी का रिसाव भी जांचें कई बार दीवार पर दिखाई देने वाली खराबी का संबंध आसपास की पाइपलाइन से होता है. दीवार के अंदर पानी की पाइप में हल्का रिसाव हो, छत से पानी नीचे आ रहा हो या खिड़की और बालकनी के आसपास से नमी अंदर पहुंच रही हो, तो पेंट की सतह पर धीरे-धीरे असर पड़ सकता है. ऐसी स्थिति में केवल प्रभावित हिस्से पर नया पेंट लगाने से समस्या कुछ समय के लिए छिप सकती है, लेकिन रिसाव जारी रहने पर वही निशान दोबारा दिखाई दे सकते हैं. खराब प्लास्टर भी हो सकता है कारण अगर दीवार के नीचे का प्लास्टर कमजोर, पुराना या असमान है, तो उसके ऊपर किया गया पेंट भी ज्यादा समय तक अच्छी फिनिश नहीं दे पाता. प्लास्टर में मौजूद छोटे छेद, दरारें या ढीले हिस्से पेंट की सतह पर भी दिखाई देने लगते हैं. इसी तरह, अगर पेंट से पहले दीवार पर सही तरीके से पुट्टी और प्राइमर नहीं लगाया गया है, तो पेंट की परत दीवार से अच्छी तरह जुड़ नहीं पाती. कुछ समय बाद जगह-जगह छोटे गड्ढे या खुरदुरापन नजर आने लगता है. पेंट की परतों के बीच सही बॉन्डिंग जरूरी कभी-कभी पुरानी पेंट की परत के ऊपर नई पेंट की परत लगा दी जाती है, जबकि पुरानी सतह कमजोर होती है. अलग-अलग तरह के पेंट का इस्तेमाल करने पर भी दोनों परतों के बीच बॉन्डिंग कमजोर हो सकती है. इसलिए पेंट कराने से पहले पुरानी खराब परत को हटाना, दीवार को साफ करना और जरूरत के अनुसार प्राइमर लगाना जरूरी होता है. इससे नई पेंट की पकड़ बेहतर होती है और सतह पर गड्ढे या उखड़ने की समस्या कम हो सकती है. इसे भी पढ़ें- Floor Tile Care: फर्श की टाइल में क्यों आ जाती है दरार? घर पर ऐसे करें रिपेयर छोटे छेद दिखें तो सिर्फ पेंट न करें अगर दीवार पर छोटे-छोटे छेद या गड्ढे नजर आने लगे हैं, तो सबसे पहले उनकी वजह समझने की कोशिश करें. दीवार को ध्यान से देखें कि कहीं उसके आसपास नमी, दाग, उभरी हुई पेंट की परत या दरार तो नहीं है. इसे भी पढ़ें : Squeaky Door: दरवाजे से आ रही चर्र-चर्र की आवाज, बढ़ई बुलाए बिना करें ठीक

Sep 15, 2026 - 13:30
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Wall Paint: दीवार के नए पेंट पर दिखने लगे छोटे छेद? अपनाएं ये 3 उपाय

Why Tiny Holes Appear On Painted Walls: घर की दीवारों पर नया पेंट करवाने के बाद कुछ समय तक सबकुछ साफ-सुथरा और खूबसूरत नजर आता है. लेकिन कई बार कुछ महीनों बाद पेंट की सतह पर छोटे-छोटे छेद, बारीक गड्ढे या उभरे हुए निशान दिखाई देने लगते हैं. शुरुआत में ये इतने छोटे होते हैं कि इन पर किसी का ध्यान नहीं जाता. धीरे-धीरे इनकी संख्या बढ़ने लगती है और दीवार की पूरी फिनिश खराब दिखने लगती है.

आमतौर पर ऐसे निशान देखते ही लोगों को लगता है कि दीवार में सीलन आ गई है. हालांकि, हर बार इसकी वजह सिर्फ सीलन नहीं होती. पेंट की सही तैयारी न होना, हवा का फंस जाना, नमी, खराब प्लास्टर और पेंट की परतों के बीच सही बॉन्डिंग न होना भी इसकी वजह बन सकता है. ऐसे में सिर्फ ऊपर से दोबारा पेंट कर देना समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता.

दीवार पर छोटे-छोटे छेद क्यों बनने लगते हैं?

पेंट की सतह पर छोटे गड्ढे या छेद बनने के पीछे कई कारण हो सकते हैं. जब दीवार की सतह ठीक तरह से तैयार नहीं की जाती और उसके ऊपर सीधे पेंट कर दिया जाता है, तो पेंट दीवार के साथ मजबूत तरीके से चिपक नहीं पाता. दीवार पर मौजूद धूल, गंदगी या पुरानी कमजोर पेंट की परत नई पेंटिंग की पकड़ को प्रभावित कर सकती है. कई बार पेंट की परत के नीचे हवा भी फंस जाती है. समय के साथ ये छोटे एयर पॉकेट सतह पर बारीक गड्ढों या उभार के रूप में नजर आ सकते हैं. अगर पेंट करने से पहले दीवार पूरी तरह सूखी नहीं थी, तो समस्या और बढ़ सकती है.


सीलन के अलावा नमी भी हो सकती है वजह

दीवार पर नमी होना छोटे छेद और पेंट की खराब फिनिश की एक बड़ी वजह है. जरूरी नहीं कि दीवार में हमेशा तेज सीलन ही हो. कमरे में ज्यादा नमी या भाप के कारण भी दीवार की सतह प्रभावित हो सकती है. किचन और बाथरूम जैसी जगहों पर यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है, खासकर जब कमरे में हवा का सही वेंटिलेशन न हो. दीवार के अंदर या पेंट की परत के नीचे नमी फंसने पर धीरे-धीरे पेंट की पकड़ कमजोर हो सकती है. इसके बाद सतह पर छोटे-छोटे गड्ढे, बुलबुले या उखड़ने के निशान नजर आने लगते हैं.


पाइप या छत से पानी का रिसाव भी जांचें

कई बार दीवार पर दिखाई देने वाली खराबी का संबंध आसपास की पाइपलाइन से होता है. दीवार के अंदर पानी की पाइप में हल्का रिसाव हो, छत से पानी नीचे आ रहा हो या खिड़की और बालकनी के आसपास से नमी अंदर पहुंच रही हो, तो पेंट की सतह पर धीरे-धीरे असर पड़ सकता है. ऐसी स्थिति में केवल प्रभावित हिस्से पर नया पेंट लगाने से समस्या कुछ समय के लिए छिप सकती है, लेकिन रिसाव जारी रहने पर वही निशान दोबारा दिखाई दे सकते हैं.

खराब प्लास्टर भी हो सकता है कारण

अगर दीवार के नीचे का प्लास्टर कमजोर, पुराना या असमान है, तो उसके ऊपर किया गया पेंट भी ज्यादा समय तक अच्छी फिनिश नहीं दे पाता. प्लास्टर में मौजूद छोटे छेद, दरारें या ढीले हिस्से पेंट की सतह पर भी दिखाई देने लगते हैं. इसी तरह, अगर पेंट से पहले दीवार पर सही तरीके से पुट्टी और प्राइमर नहीं लगाया गया है, तो पेंट की परत दीवार से अच्छी तरह जुड़ नहीं पाती. कुछ समय बाद जगह-जगह छोटे गड्ढे या खुरदुरापन नजर आने लगता है.

पेंट की परतों के बीच सही बॉन्डिंग जरूरी

कभी-कभी पुरानी पेंट की परत के ऊपर नई पेंट की परत लगा दी जाती है, जबकि पुरानी सतह कमजोर होती है. अलग-अलग तरह के पेंट का इस्तेमाल करने पर भी दोनों परतों के बीच बॉन्डिंग कमजोर हो सकती है. इसलिए पेंट कराने से पहले पुरानी खराब परत को हटाना, दीवार को साफ करना और जरूरत के अनुसार प्राइमर लगाना जरूरी होता है. इससे नई पेंट की पकड़ बेहतर होती है और सतह पर गड्ढे या उखड़ने की समस्या कम हो सकती है.

इसे भी पढ़ें- Floor Tile Care: फर्श की टाइल में क्यों आ जाती है दरार? घर पर ऐसे करें रिपेयर

छोटे छेद दिखें तो सिर्फ पेंट न करें

अगर दीवार पर छोटे-छोटे छेद या गड्ढे नजर आने लगे हैं, तो सबसे पहले उनकी वजह समझने की कोशिश करें. दीवार को ध्यान से देखें कि कहीं उसके आसपास नमी, दाग, उभरी हुई पेंट की परत या दरार तो नहीं है.

इसे भी पढ़ें : Squeaky Door: दरवाजे से आ रही चर्र-चर्र की आवाज, बढ़ई बुलाए बिना करें ठीक

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