Virat Anushka Vrindavan: विराट-अनुष्का को प्रेमानंद जी महाराज ने दे दिया कौन सा मंत्र, सोशल मीडिया पर हो रही जिसकी चर्चा

Premananda Maharaj and Virat-Anushka: आध्यात्मिक संत प्रेमानंद जी महाराज अपने विचारों से कई लोगों को जीवन की सही राह दिखाते हैं. प्रेमानंद जी के अनमोल विचार जिंदगी को सुधारने और संतुलन बनाएं रखने में मार्गदर्शन करते हैं. यही वजह है कि कई नामचीन हस्तियां उनका आशीर्वाद और उनसे ज्ञान प्राप्त करने के लिए वृंदावन उनके आश्रम आती हैं. इन्हीं में से एक हैं विराट कोहली और अनुष्का शर्मा. हाल ही में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद विराट और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा प्रेमानंद महाराज से मिलने वृंदावन पहुंचे. इस दौरन उनकी चर्चा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस मुलाकात के वीडियो में प्रेमानंद जी महाराज ने विराट-अनुष्का को कौन सा ऐसा विशेष मंत्र बताया है जिसकी चर्चा जोरों पर है आइए जानते हैं. प्रेमानंद जी महाराज ने विराट-अनुष्का को दिया विशेष मंत्र संत प्रेमानंद महाराज ने विराट अनुष्का को सही मार्ग पर चलने और यश की तरफ न भागने की भी सलाह दी. उन्होंने कहा जीवन में वैभव मिलना, यश बढ़ना ईश्वर की कृपा नहीं है, ये पुण्य है. प्रभु की कृपा तब होती है जब व्यक्ति अपने अंदर के चिंतन को बदलता है. Virat Kohli & Anushka Sharma से पूज्य महाराज जी की क्या वार्तालाप हुई ? Bhajan Marg pic.twitter.com/7IWWjIfJHB — Bhajan Marg (@RadhaKeliKunj) May 13, 2025 भगवान जब कृपा करते हैं, तो संत समागम देते हैं. दूसरी जब कृपा होती है, तो विपरीतिता देते हैं. संत प्रेमानंद महाराज ने आगे कहा कि बिना प्रतिकूलता के संसार का राग नष्ट नहीं होता है. किसी को भी वैराग्य होता है, तो संसार की प्रतिकूलता देखकर होता है. सबकुछ हमारे अनुकूल है, तो हम आनंदित होकर उसका भोग करते हैं. जब हमारे अंदर प्रतिकूलता आती है, तब सोचते हैं कि इतना झूठा संसार है. आज तक जितने महान संत और महान लोग हुए हैं और उनका जीवन बदला है, तो प्रतिकूलता का दर्शन कर बदला है. इसलिए आत्म चिंतन परम शांति का रास्ता है. नाम जप का सही तरीका और महत्व क्या है ? प्रेमानंद महाराज ने बताया कि बहुत अधिक नाम जपने की चेष्ठा नहीं करनी है. संख्या कम हो लेकिन सच्चे मन से लिया गया ईश्वर का नाम व्यक्ति को परम सुख प्रदान करता है. उन्होंने कहा कि मन ही मन राधा-राधा 10 हजार बार जपने का फल एक बार प्राप्त होता है. Hindi Panchang 14 May 2025: 14 मई को गुरु का मिथुन में गोचर, इस दिन का शुभ योग, जानें मुहूर्त, राहुकाल Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. 

May 13, 2025 - 20:30
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Virat Anushka Vrindavan: विराट-अनुष्का को प्रेमानंद जी महाराज ने दे दिया कौन सा मंत्र, सोशल मीडिया पर हो रही जिसकी चर्चा

Premananda Maharaj and Virat-Anushka: आध्यात्मिक संत प्रेमानंद जी महाराज अपने विचारों से कई लोगों को जीवन की सही राह दिखाते हैं. प्रेमानंद जी के अनमोल विचार जिंदगी को सुधारने और संतुलन बनाएं रखने में मार्गदर्शन करते हैं. यही वजह है कि कई नामचीन हस्तियां उनका आशीर्वाद और उनसे ज्ञान प्राप्त करने के लिए वृंदावन उनके आश्रम आती हैं.

इन्हीं में से एक हैं विराट कोहली और अनुष्का शर्मा. हाल ही में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद विराट और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा प्रेमानंद महाराज से मिलने वृंदावन पहुंचे. इस दौरन उनकी चर्चा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस मुलाकात के वीडियो में प्रेमानंद जी महाराज ने विराट-अनुष्का को कौन सा ऐसा विशेष मंत्र बताया है जिसकी चर्चा जोरों पर है आइए जानते हैं.

प्रेमानंद जी महाराज ने विराट-अनुष्का को दिया विशेष मंत्र

संत प्रेमानंद महाराज ने विराट अनुष्का को सही मार्ग पर चलने और यश की तरफ न भागने की भी सलाह दी. उन्होंने कहा जीवन में वैभव मिलना, यश बढ़ना ईश्वर की कृपा नहीं है, ये पुण्य है. प्रभु की कृपा तब होती है जब व्यक्ति अपने अंदर के चिंतन को बदलता है.

भगवान जब कृपा करते हैं, तो संत समागम देते हैं. दूसरी जब कृपा होती है, तो विपरीतिता देते हैं. संत प्रेमानंद महाराज ने आगे कहा कि बिना प्रतिकूलता के संसार का राग नष्ट नहीं होता है. किसी को भी वैराग्य होता है, तो संसार की प्रतिकूलता देखकर होता है. सबकुछ हमारे अनुकूल है, तो हम आनंदित होकर उसका भोग करते हैं. जब हमारे अंदर प्रतिकूलता आती है, तब सोचते हैं कि इतना झूठा संसार है.

आज तक जितने महान संत और महान लोग हुए हैं और उनका जीवन बदला है, तो प्रतिकूलता का दर्शन कर बदला है. इसलिए आत्म चिंतन परम शांति का रास्ता है.

नाम जप का सही तरीका और महत्व क्या है ?

प्रेमानंद महाराज ने बताया कि बहुत अधिक नाम जपने की चेष्ठा नहीं करनी है. संख्या कम हो लेकिन सच्चे मन से लिया गया ईश्वर का नाम व्यक्ति को परम सुख प्रदान करता है. उन्होंने कहा कि मन ही मन राधा-राधा 10 हजार बार जपने का फल एक बार प्राप्त होता है.

Hindi Panchang 14 May 2025: 14 मई को गुरु का मिथुन में गोचर, इस दिन का शुभ योग, जानें मुहूर्त, राहुकाल

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. 

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