Vedanta के नाम एक और नई कंपनी, NCLT के फैसले के साथ चमके शेयर; शुरुआती कारोबार में 2 परसेंट चढ़ा भाव

Vedanta Shares: Vedanta लिमिटेड के पोर्टफोलियो में एक नई कंपनी जुड़ने जा रही है. दरअसल, नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की कोलकाता बेंच ने बुधवार को कर्ज में डूबी इंकैब इंडस्ट्रीज लिमिटेड (Incab Industries Ltd) के लिए वेदांता के रेजोल्यूशन प्लान को मंजूरी दे दी है. यानी कि अब इस कंपनी पर 100 परसेंट मालिकाना हक वेदांता का हो जाएगा. पिछले छह साल से यह कंपनी IBC (Insolvency and Bankruptcy Code) में फंसी हुई थी. कितने में होगा सौदा? NCLT ने बताया कि इंकैब इंडस्ट्रीज के पेड-अप इक्विटी शेयरों में 100 परसेंट हिस्सेदारी खरीदने के लिए वेदांता 545 करोड़ रुपये का फाइनेंशियल पैकेज देगी. इसके अलावा, वेदांता ग्रेच्युटी और एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन के सभी स्वीकृत दावों का भी निपटारा करेगी. ट्रिब्यूनल के इसी फैसले के साथ गुरुवार को कारोबार के दौरान वेदांता लिमिटेड के शेयर 2 परसेंट चढ़ गए और इसकी कीमत 542 रुपये के हाई लेवल पर पहुंच गई.  वेदांता को क्या होगा फायदा?  इंकैब इंडस्ट्रीज पावर केबल, इंडस्ट्रियल तार वायर, फाइबर ऑप्टिक केबज जैसे उत्पाद बनाती है, जिसमें मुख्य कच्चे माल के तौर पर कॉपर और एल्युमीनियम का इस्तेमाल होता है. इस अधिग्रहण के साथ वेदांता डाउनस्ट्रीम कॉपर और एल्युमीनियम इंडस्ट्री में अपनी पकड़ और मजबूत बनाएगी. वेदांता ने स्टॉक एक्सचेंज NSE और NSE को बताया, "पावर केबल और इंडस्ट्रियल वायर बनाने में कॉपर और एल्युमिनियम मुख्य रॉ मटेरियल हैं इसलिए इस एक्विजिशन से वेदांता को वर्टिकल और डाउनस्ट्रीम सिनर्जी मिलेगी. इसके अलावा, पुणे प्लांट वेदांता की सिलवासा कॉपर यूनिट से सिर्फ 300 km दूर है. इस एक्विजिशन से ग्रुप को डाउनस्ट्रीम कॉपर और एल्युमिनियम में ग्रोथ और इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रांसमिशन में विस्तार में मदद मिलेगी." Incab के दो बड़े मैन्युफैक्चरिंग प्लांट जमशेदपुर और पुणे में है. दोनों फिलहाल बंद है. कंपनी को खरीदने के बाद वेदांता इसे वापस चालू करा सकती है, जिसके लिए कंपनी को इसमें कैपेक्स और वर्किंग कैपिटल लगाने होंगे. वेदांता के प्रोडक्शन सेटअप में पहले से ही कॉपर रॉड, एल्यूमिनियम रॉड और वायर मिल जैसी यूनिट शामिल हैं, जिनका अलग-अलग इंडस्ट्रीज में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है. अब Incab Industries के कंपनी के पोर्टफोलियो में जुड़ने से इसे सीधे डाउनस्ट्रीम बिजनेस में सीधे एंट्री मिल जाएगी. पावर केबल और ट्रांसमिशन सेक्टर में एंट्री मिलेगी. इससे देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को बूम मिलेगी.   डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.) ये भी पढ़ें: खाना पकाने से लेकर गाड़ी चलाना... रुपये में आई गिरावट से पड़ेगी महंगाई की मार, जानें इसके क्या है नुकसान? 

Dec 4, 2025 - 12:30
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Vedanta के नाम एक और नई कंपनी, NCLT के फैसले के साथ चमके शेयर; शुरुआती कारोबार में 2 परसेंट चढ़ा भाव

Vedanta Shares: Vedanta लिमिटेड के पोर्टफोलियो में एक नई कंपनी जुड़ने जा रही है. दरअसल, नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की कोलकाता बेंच ने बुधवार को कर्ज में डूबी इंकैब इंडस्ट्रीज लिमिटेड (Incab Industries Ltd) के लिए वेदांता के रेजोल्यूशन प्लान को मंजूरी दे दी है. यानी कि अब इस कंपनी पर 100 परसेंट मालिकाना हक वेदांता का हो जाएगा. पिछले छह साल से यह कंपनी IBC (Insolvency and Bankruptcy Code) में फंसी हुई थी.

कितने में होगा सौदा?

NCLT ने बताया कि इंकैब इंडस्ट्रीज के पेड-अप इक्विटी शेयरों में 100 परसेंट हिस्सेदारी खरीदने के लिए वेदांता 545 करोड़ रुपये का फाइनेंशियल पैकेज देगी. इसके अलावा, वेदांता ग्रेच्युटी और एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन के सभी स्वीकृत दावों का भी निपटारा करेगी. ट्रिब्यूनल के इसी फैसले के साथ गुरुवार को कारोबार के दौरान वेदांता लिमिटेड के शेयर 2 परसेंट चढ़ गए और इसकी कीमत 542 रुपये के हाई लेवल पर पहुंच गई. 

वेदांता को क्या होगा फायदा? 

इंकैब इंडस्ट्रीज पावर केबल, इंडस्ट्रियल तार वायर, फाइबर ऑप्टिक केबज जैसे उत्पाद बनाती है, जिसमें मुख्य कच्चे माल के तौर पर कॉपर और एल्युमीनियम का इस्तेमाल होता है. इस अधिग्रहण के साथ वेदांता डाउनस्ट्रीम कॉपर और एल्युमीनियम इंडस्ट्री में अपनी पकड़ और मजबूत बनाएगी.

वेदांता ने स्टॉक एक्सचेंज NSE और NSE को बताया, "पावर केबल और इंडस्ट्रियल वायर बनाने में कॉपर और एल्युमिनियम मुख्य रॉ मटेरियल हैं इसलिए इस एक्विजिशन से वेदांता को वर्टिकल और डाउनस्ट्रीम सिनर्जी मिलेगी. इसके अलावा, पुणे प्लांट वेदांता की सिलवासा कॉपर यूनिट से सिर्फ 300 km दूर है. इस एक्विजिशन से ग्रुप को डाउनस्ट्रीम कॉपर और एल्युमिनियम में ग्रोथ और इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रांसमिशन में विस्तार में मदद मिलेगी."

Incab के दो बड़े मैन्युफैक्चरिंग प्लांट जमशेदपुर और पुणे में है. दोनों फिलहाल बंद है. कंपनी को खरीदने के बाद वेदांता इसे वापस चालू करा सकती है, जिसके लिए कंपनी को इसमें कैपेक्स और वर्किंग कैपिटल लगाने होंगे. वेदांता के प्रोडक्शन सेटअप में पहले से ही कॉपर रॉड, एल्यूमिनियम रॉड और वायर मिल जैसी यूनिट शामिल हैं, जिनका अलग-अलग इंडस्ट्रीज में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है. अब Incab Industries के कंपनी के पोर्टफोलियो में जुड़ने से इसे सीधे डाउनस्ट्रीम बिजनेस में सीधे एंट्री मिल जाएगी. पावर केबल और ट्रांसमिशन सेक्टर में एंट्री मिलेगी. इससे देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को बूम मिलेगी.

 

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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खाना पकाने से लेकर गाड़ी चलाना... रुपये में आई गिरावट से पड़ेगी महंगाई की मार, जानें इसके क्या है नुकसान? 

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