US Fed FOMC Meeting: मंदी की कगार पर खड़ी अमेरिकी इकोनॉमी को बचाने की कोशिश, US फेड ने ब्याज दरों में की 0.25% की कटौती

US Federal Reserve Cut Interest Rate: अमेरिका में मंदी का खतरा लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में वहां के केंद्रीय बैंक यूएस फेडरल रिजर्व ने बड़ा कदम उठाया है. फेडरल रिजर्व ने बुधवार को ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती का ऐलान किया. यानी अब अमेरिका में कर्ज लेना पहले की तुलना में थोड़ा सस्ता हो जाएगा. फेडरल रिजर्व ने संकेत दिया है कि इस साल के अंत तक वह दो बार और ब्याज दरों में कटौती कर सकता है. दरअसल, अमेरिका में श्रम बाजार (Job Market) को लेकर गंभीर चिंताएं बनी हुई हैं. नई नौकरियों की रफ्तार धीमी हो गई है और बेरोजगारी बढ़ने का खतरा है. ऐसे में ब्याज दरों में कटौती करके सरकार निवेश और खपत को बढ़ावा देना चाहती है. क्या होगा असर? कर्ज और होम लोन की ईएमआई घट सकती है, जिससे लोगों के खर्च करने की क्षमता बढ़ेगी. विदेशी निवेशक फिर से उभरते बाजारों (Emerging Markets) की ओर रुख कर सकते हैं, जिससे शेयर बाजार में तेजी आ सकती है. डॉलर के मुकाबले अन्य मुद्राओं की स्थिति मजबूत हो सकती है, और सोने-तेल जैसी वस्तुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा. ये भी पढ़ें: जीएसटी कट को लेकर सरकारी ने जारी किया नोटिफिकेशन, कंपनियां तैयार, जानें 22 सितंबर से क्या-क्या होगा सस्ता

Sep 18, 2025 - 09:30
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US Fed FOMC Meeting: मंदी की कगार पर खड़ी अमेरिकी इकोनॉमी को बचाने की कोशिश, US फेड ने ब्याज दरों में की 0.25% की कटौती

US Federal Reserve Cut Interest Rate: अमेरिका में मंदी का खतरा लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में वहां के केंद्रीय बैंक यूएस फेडरल रिजर्व ने बड़ा कदम उठाया है. फेडरल रिजर्व ने बुधवार को ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती का ऐलान किया. यानी अब अमेरिका में कर्ज लेना पहले की तुलना में थोड़ा सस्ता हो जाएगा.

फेडरल रिजर्व ने संकेत दिया है कि इस साल के अंत तक वह दो बार और ब्याज दरों में कटौती कर सकता है. दरअसल, अमेरिका में श्रम बाजार (Job Market) को लेकर गंभीर चिंताएं बनी हुई हैं. नई नौकरियों की रफ्तार धीमी हो गई है और बेरोजगारी बढ़ने का खतरा है. ऐसे में ब्याज दरों में कटौती करके सरकार निवेश और खपत को बढ़ावा देना चाहती है.

क्या होगा असर?

कर्ज और होम लोन की ईएमआई घट सकती है, जिससे लोगों के खर्च करने की क्षमता बढ़ेगी. विदेशी निवेशक फिर से उभरते बाजारों (Emerging Markets) की ओर रुख कर सकते हैं, जिससे शेयर बाजार में तेजी आ सकती है. डॉलर के मुकाबले अन्य मुद्राओं की स्थिति मजबूत हो सकती है, और सोने-तेल जैसी वस्तुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा.

ये भी पढ़ें: जीएसटी कट को लेकर सरकारी ने जारी किया नोटिफिकेशन, कंपनियां तैयार, जानें 22 सितंबर से क्या-क्या होगा सस्ता

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