UPI के 10 साल: किन 11 देशों में चलता है भारत का पैसा? जुलाई में बना ये नया रिकॉर्ड

भारत में UPI से पेमेंट करना अब रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है. लेकिन पिछले 10 साल में इसकी पहुंच सिर्फ भारत तक नहीं रही. अब विदेशों में भी लोग UPI के जरिए पेमेंट या भारत के साथ पैसे भेजने की सर्विस का इस्तेमाल कर रहे है. सरकार के मुताबिक, UPI अब 11 देशों में पहुंच चुका है. वहीं जुलाई 2026 में इसके जरिए 29.87 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन हुए. इन देशों में UPI पेमेंट एक्सेप्ट करने और कुछ जगहों पर भारत के साथ सीमा पार पैसे भेजने की सर्विस के लिए इस्तेमाल हो रहा है. ग्रीस और मालदीव UPI से जुड़ने वाले सबसे नए देशों में हैं. इसके अलावा भूटान, नेपाल, सिंगापुर, यूएई, फ्रांस, श्रीलंका, मॉरीशस, कतर, कंबोडिया, ग्रीस, मालदीव जैसे 11 देश भारतीय UPI से ट्रांजैक्शन एक्सेप्ट करते हैं. यह भी पढ़े : सावन के आखिरी सोमवार बम-बम बोल रहा शेयर बाजार, निफ्टी 24000 के पार; सेंसेक्स भी ऊपर जुलाई में हुआ बड़ा लेनदेन जुलाई 2026 में UPI से 2,365.8 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए. इनकी कुल रकम 29.87 लाख करोड़ रुपये रही. इस समय UPI से 741 बैंक जुड़े हुए थे. सरकार के अनुसार, वित्त वर्ष 2016-17 से 2025-26 के बीच UPI के साल के ट्रांजैक्शन की संख्या करीब 12,000 गुना ज्यादा हुई है. UPI को 2016 में शुरू किया गया था. इसके बाद इसमें कई नई सर्विसेस जोड़ी गईं. 2020 से 2022 के बीच UPI AutoPay, UPI PAY और UPI Lite जैसी सर्विसेस आईं. क्रेडिट कार्ड को UPI से जोड़ने की सर्विस भी शुरू हुई. इसी दौरान भूटान में UPI की अंतरराष्ट्रीय शुरुआत हुई. 2024 में UPI Circle शुरू किया गया, जिससे मुख्य यूजर किसी दूसरे व्यक्ति को फिक्स समय के अंदर अपने बैंक अकाउंट से पेमेंट करने की इजाजत दे सकता है. टैक्स पेमेंट के लिए UPI की सीमा भी 1 लाख से ज्यादा होकर 5 लाख रुपये कर दी गई. UPI 123PAY की सीमा 10,000 रुपये और UPI Lite की वॉलेट सीमा 5,000 रुपये की गई. दुनिया में भी बनी पहचान 2025 में UPI में फोन के फिंगरप्रिंट या फेस अनलॉक से पेमेंट और आधार से फेस ऑथेंटिकेशन जैसी सर्विसेस जोड़ी गईं. IMF की जून 2025 की रिपोर्ट में बताया गया कि 2024 में दुनिया के रियल टाइम पेमेंट ट्रांजैक्शन में UPI की हिस्सेदारी करीब 49% थी. यानी 10 साल में UPI ने भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम को बदलने के साथ साथ विदेशों में भी अपनी जगह बनाई है. अब 11 देशों में इसकी मौजूदगी भारत के डिजिटल पेमेंट मॉडल की बढ़ती हुई पहचान को दिखाती है. यह भी पढ़े :सोना 1,62,000 के पार तो चांदी के गिरे दाम, जानें गोल्ड- सिल्वर की ताजा रेट लिस्ट

Aug 25, 2026 - 20:30
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UPI के 10 साल: किन 11 देशों में चलता है भारत का पैसा? जुलाई में बना ये नया रिकॉर्ड

भारत में UPI से पेमेंट करना अब रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है. लेकिन पिछले 10 साल में इसकी पहुंच सिर्फ भारत तक नहीं रही. अब विदेशों में भी लोग UPI के जरिए पेमेंट या भारत के साथ पैसे भेजने की सर्विस का इस्तेमाल कर रहे है. सरकार के मुताबिक, UPI अब 11 देशों में पहुंच चुका है. वहीं जुलाई 2026 में इसके जरिए 29.87 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन हुए.

इन देशों में UPI पेमेंट एक्सेप्ट करने और कुछ जगहों पर भारत के साथ सीमा पार पैसे भेजने की सर्विस के लिए इस्तेमाल हो रहा है. ग्रीस और मालदीव UPI से जुड़ने वाले सबसे नए देशों में हैं. इसके अलावा भूटान, नेपाल, सिंगापुर, यूएई, फ्रांस, श्रीलंका, मॉरीशस, कतर, कंबोडिया, ग्रीस, मालदीव जैसे 11 देश भारतीय UPI से ट्रांजैक्शन एक्सेप्ट करते हैं.

यह भी पढ़े : सावन के आखिरी सोमवार बम-बम बोल रहा शेयर बाजार, निफ्टी 24000 के पार; सेंसेक्स भी ऊपर

जुलाई में हुआ बड़ा लेनदेन

जुलाई 2026 में UPI से 2,365.8 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए. इनकी कुल रकम 29.87 लाख करोड़ रुपये रही. इस समय UPI से 741 बैंक जुड़े हुए थे. सरकार के अनुसार, वित्त वर्ष 2016-17 से 2025-26 के बीच UPI के साल के ट्रांजैक्शन की संख्या करीब 12,000 गुना ज्यादा हुई है.

UPI को 2016 में शुरू किया गया था. इसके बाद इसमें कई नई सर्विसेस जोड़ी गईं. 2020 से 2022 के बीच UPI AutoPay, UPI PAY और UPI Lite जैसी सर्विसेस आईं. क्रेडिट कार्ड को UPI से जोड़ने की सर्विस भी शुरू हुई. इसी दौरान भूटान में UPI की अंतरराष्ट्रीय शुरुआत हुई.

2024 में UPI Circle शुरू किया गया, जिससे मुख्य यूजर किसी दूसरे व्यक्ति को फिक्स समय के अंदर अपने बैंक अकाउंट से पेमेंट करने की इजाजत दे सकता है. टैक्स पेमेंट के लिए UPI की सीमा भी 1 लाख से ज्यादा होकर 5 लाख रुपये कर दी गई. UPI 123PAY की सीमा 10,000 रुपये और UPI Lite की वॉलेट सीमा 5,000 रुपये की गई.

दुनिया में भी बनी पहचान

2025 में UPI में फोन के फिंगरप्रिंट या फेस अनलॉक से पेमेंट और आधार से फेस ऑथेंटिकेशन जैसी सर्विसेस जोड़ी गईं. IMF की जून 2025 की रिपोर्ट में बताया गया कि 2024 में दुनिया के रियल टाइम पेमेंट ट्रांजैक्शन में UPI की हिस्सेदारी करीब 49% थी. यानी 10 साल में UPI ने भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम को बदलने के साथ साथ विदेशों में भी अपनी जगह बनाई है. अब 11 देशों में इसकी मौजूदगी भारत के डिजिटल पेमेंट मॉडल की बढ़ती हुई पहचान को दिखाती है.

यह भी पढ़े :सोना 1,62,000 के पार तो चांदी के गिरे दाम, जानें गोल्ड- सिल्वर की ताजा रेट लिस्ट

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