Telangana High Court : बुलडोजर से पहले हाई कोर्ट की एंट्री! ओवैसी परिवार के फातिमा इंस्टीट्यूशन को मिली बड़ी राहत

तेलंगाना हाई कोर्ट ने सोमवार (6 जुलाई 2026) को ओवैसी परिवार की फातिमा एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन बिल्डिंग को न गिराने का स्टेटस को ऑर्डर जारी किया. इस बिल्डिंग पर आरोप है कि बंदलागुडा में सलकम चेरुवु FTL लिमिट के अंदर है. जस्टिस एनवी श्रवण कुमार की अगुवाई वाली बेंच ने ओवैसी एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन के मैनेजमेंट की तरफ से फाइल की गई एक पिटीशन पर यह मामला उठाया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि कांग्रेस सरकार उनकी बिल्डिंग को गिराने की कोशिश कर रही है. अगली सुनवाई 3 अगस्त तक के लिए टाल दी गई. सुनवाई के दौरान, सरकार के वकील ने जवाब दिया और कोर्ट का ध्यान इस ओर दिलाया कि बिल्डिंग सलकम चेरुवु की FTL लिमिट के अंदर है और इसी मुद्दे पर एक दूसरी बेंच के सामने पहले से ही सुनवाई चल रही है. इसलिए यह तर्क दिया गया कि यह पिटीशन सुनवाई के लायक नहीं है, लेकिन बेंच ने इस बात को ध्यान में रखते हुए कि मैनेजमेंट ने बिल्डिंग को रेगुलराइज़ करने के लिए बिल्डिंग रेगुलराइज़ेशन स्कीम (BRS) के तहत अप्लाई किया था, ऑर्डर दिया कि आखिरी फैसला होने तक स्टेटस को बनाए रखा जाए. यह भी पढ़ें : जम्मू-कश्मीर में विवादित किताब पर सख्ती, सभी स्कूलों और कोचिंग सेंटरों में पुस्तकों की समीक्षा के आदेश झील विवाद गहरायायह विवाद सलकम झील पर अतिक्रमण पर एक बड़ी सुनवाई का हिस्सा है, जो पिछले कुछ महीनों से हाई कोर्ट में चल रही है. कोर्ट ने बिल्डिंग परमिट और FTL तय करने जैसे मुद्दों पर सरकारी डिपार्टमेंट की तरफ से क्लैरिटी की कमी पर बार-बार अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की है. बताया गया है कि इन इंस्टीट्यूशन में दस हज़ार से ज़्यादा स्टूडेंट पढ़ रहे हैं.  3 अगस्त पर नजरमैनेजमेंट को नए स्टे ऑर्डर से कुछ समय के लिए राहत मिली है, लेकिन भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि 3 अगस्त को BRS एप्लीकेशन पर क्या फैसला आता है, साथ ही दूसरी बेंच के सामने पेंडिंग केस पर भी क्या फैसला आता है. यह भी पढ़ें : PM Modi Indonesia Visit: तिरंगा लेकर बच्चों ने किया पीएम मोदी का स्वागत, जानें इंडोनेशिया दौरे से क्या होगा फायदा?

Jul 7, 2026 - 15:30
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Telangana High Court : बुलडोजर से पहले हाई कोर्ट की एंट्री! ओवैसी परिवार के फातिमा इंस्टीट्यूशन को मिली बड़ी राहत

तेलंगाना हाई कोर्ट ने सोमवार (6 जुलाई 2026) को ओवैसी परिवार की फातिमा एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन बिल्डिंग को न गिराने का स्टेटस को ऑर्डर जारी किया. इस बिल्डिंग पर आरोप है कि बंदलागुडा में सलकम चेरुवु FTL लिमिट के अंदर है. जस्टिस एनवी श्रवण कुमार की अगुवाई वाली बेंच ने ओवैसी एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन के मैनेजमेंट की तरफ से फाइल की गई एक पिटीशन पर यह मामला उठाया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि कांग्रेस सरकार उनकी बिल्डिंग को गिराने की कोशिश कर रही है. अगली सुनवाई 3 अगस्त तक के लिए टाल दी गई.

सुनवाई के दौरान, सरकार के वकील ने जवाब दिया और कोर्ट का ध्यान इस ओर दिलाया कि बिल्डिंग सलकम चेरुवु की FTL लिमिट के अंदर है और इसी मुद्दे पर एक दूसरी बेंच के सामने पहले से ही सुनवाई चल रही है. इसलिए यह तर्क दिया गया कि यह पिटीशन सुनवाई के लायक नहीं है, लेकिन बेंच ने इस बात को ध्यान में रखते हुए कि मैनेजमेंट ने बिल्डिंग को रेगुलराइज़ करने के लिए बिल्डिंग रेगुलराइज़ेशन स्कीम (BRS) के तहत अप्लाई किया था, ऑर्डर दिया कि आखिरी फैसला होने तक स्टेटस को बनाए रखा जाए.

यह भी पढ़ें : जम्मू-कश्मीर में विवादित किताब पर सख्ती, सभी स्कूलों और कोचिंग सेंटरों में पुस्तकों की समीक्षा के आदेश

झील विवाद गहराया

यह विवाद सलकम झील पर अतिक्रमण पर एक बड़ी सुनवाई का हिस्सा है, जो पिछले कुछ महीनों से हाई कोर्ट में चल रही है. कोर्ट ने बिल्डिंग परमिट और FTL तय करने जैसे मुद्दों पर सरकारी डिपार्टमेंट की तरफ से क्लैरिटी की कमी पर बार-बार अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की है. बताया गया है कि इन इंस्टीट्यूशन में दस हज़ार से ज़्यादा स्टूडेंट पढ़ रहे हैं. 

3 अगस्त पर नजर

मैनेजमेंट को नए स्टे ऑर्डर से कुछ समय के लिए राहत मिली है, लेकिन भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि 3 अगस्त को BRS एप्लीकेशन पर क्या फैसला आता है, साथ ही दूसरी बेंच के सामने पेंडिंग केस पर भी क्या फैसला आता है.

यह भी पढ़ें : PM Modi Indonesia Visit: तिरंगा लेकर बच्चों ने किया पीएम मोदी का स्वागत, जानें इंडोनेशिया दौरे से क्या होगा फायदा?

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