Telangana Budget Session 2026: तेलंगाना विधानसभा में वंदे मातरम के दौरान AIMIM विधायक गायब, भड़की BJP बोली- इतनी चिढ़ क्यों?

आज से तेलंगाना विधानसभा का बजट सत्र शुरू हुआ और विधानसभा के आरंभ से पहले जन गण मन और वंदे मातरम पढ़े गए जिसमें सारे पार्टी वाले थे, लेकिन AIMIM के विधायक गैर-हाजिर रहे, जिस पर उन पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा वॉकआउट का आरोप लगाया गया.  राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला के अभिभाषण का आरंभ और समापन दोनों तेलंगाना राज्य गीत 'जय जय हे तेलंगाना' और वंदे मातरम के पूर्ण गायन के साथ हुए, यह केंद्र सरकार के हालिया निर्देश के अनुसार किया गया. केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार ने दी कड़ी प्रतिक्रिया केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार ने AIMIM की इस अनुपस्थिति को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने X पर पोस्ट कर लिखा कि कहा 'यह शर्मनाक है कि MIM के विधायकों ने तेलंगाना विधानसभा से तब वॉकआउट किया, जब 'वंदे मातरम' गाया जा रहा था. यह महज एक विरोध नहीं है, यह हमारे राष्ट्रगीत और हमारी मातृभूमि की भावना का सीधा अपमान है. AIMIM को भारतीय प्रतीकों से इतनी चिढ़ क्यों है? उनका असली चेहरा अब सबके सामने आ गया है.' बंदी संजय का यह बयान तेजी से सोशल मीडिया पर फैल गया और राजनीतिक बहस को नई आंच मिली. AIMIM का वंदे मातरम के विरोध का पहला मामला नहीं यह पहला मौका नहीं है जब AIMIM और वंदे मातरम का मुद्दा सुर्खियों में आया हो. नवंबर 2025 में GHMC की आम बैठक में BJP सांसद रघुनंदन राव के अनुरोध पर जब मेयर ने वंदे मातरम बजाने की अनुमति दी, तो AIMIM पार्षदों ने कड़ा विरोध किया और कुछ पार्षद बैठकर विरोध दर्शाते रहे. उस बैठक में AIMIM और BJP सदस्य कुर्सियों पर चढ़कर नारेबाजी करने लगे थे और मेयर को मार्शल बुलाने की चेतावनी देनी पड़ी थी. इतिहास खुद को दोहराता दिख रहा है. AIMIM का यह रुख नया नहीं है. बिहार विधानसभा में भी पार्टी के विधायकों ने वंदे मातरम गाने से इनकार किया था. पार्टी का तर्क रहा है कि वंदे मातरम गाना इस्लामी मान्यताओं के विरुद्ध है. AIMIM की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. यह भी पढ़ें: व्हाट्सएप चैट बना मौत का कारण, हैदराबाद में कांस्टेबल की चाकू मारकर हत्या

Mar 16, 2026 - 22:30
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Telangana Budget Session 2026: तेलंगाना विधानसभा में वंदे मातरम के दौरान AIMIM विधायक गायब, भड़की BJP बोली- इतनी चिढ़ क्यों?

आज से तेलंगाना विधानसभा का बजट सत्र शुरू हुआ और विधानसभा के आरंभ से पहले जन गण मन और वंदे मातरम पढ़े गए जिसमें सारे पार्टी वाले थे, लेकिन AIMIM के विधायक गैर-हाजिर रहे, जिस पर उन पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा वॉकआउट का आरोप लगाया गया. 

राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला के अभिभाषण का आरंभ और समापन दोनों तेलंगाना राज्य गीत 'जय जय हे तेलंगाना' और वंदे मातरम के पूर्ण गायन के साथ हुए, यह केंद्र सरकार के हालिया निर्देश के अनुसार किया गया.

केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार ने AIMIM की इस अनुपस्थिति को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने X पर पोस्ट कर लिखा कि कहा 'यह शर्मनाक है कि MIM के विधायकों ने तेलंगाना विधानसभा से तब वॉकआउट किया, जब 'वंदे मातरम' गाया जा रहा था. यह महज एक विरोध नहीं है, यह हमारे राष्ट्रगीत और हमारी मातृभूमि की भावना का सीधा अपमान है. AIMIM को भारतीय प्रतीकों से इतनी चिढ़ क्यों है? उनका असली चेहरा अब सबके सामने आ गया है.' बंदी संजय का यह बयान तेजी से सोशल मीडिया पर फैल गया और राजनीतिक बहस को नई आंच मिली.

AIMIM का वंदे मातरम के विरोध का पहला मामला नहीं

यह पहला मौका नहीं है जब AIMIM और वंदे मातरम का मुद्दा सुर्खियों में आया हो. नवंबर 2025 में GHMC की आम बैठक में BJP सांसद रघुनंदन राव के अनुरोध पर जब मेयर ने वंदे मातरम बजाने की अनुमति दी, तो AIMIM पार्षदों ने कड़ा विरोध किया और कुछ पार्षद बैठकर विरोध दर्शाते रहे. उस बैठक में AIMIM और BJP सदस्य कुर्सियों पर चढ़कर नारेबाजी करने लगे थे और मेयर को मार्शल बुलाने की चेतावनी देनी पड़ी थी. इतिहास खुद को दोहराता दिख रहा है.

AIMIM का यह रुख नया नहीं है. बिहार विधानसभा में भी पार्टी के विधायकों ने वंदे मातरम गाने से इनकार किया था. पार्टी का तर्क रहा है कि वंदे मातरम गाना इस्लामी मान्यताओं के विरुद्ध है. AIMIM की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.

यह भी पढ़ें: व्हाट्सएप चैट बना मौत का कारण, हैदराबाद में कांस्टेबल की चाकू मारकर हत्या

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