Telangana Budget 2026: तेलंगाना में कांग्रेस सरकार का बड़ा ऐलान, 26 से शुरू होगा बजट सत्र, डिप्टी सीएम भट्टी 28 को पेश करेंगे बजट
तेलंगाना में कांग्रेस सरकार ने विधानसभा के बजट सत्र की तारीखों का ऐलान कर दिया है. राज्य सरकार की ओर से निर्णय लिया गया है कि इस महीने 26 तारीख से विधानसभा का बजट सत्र शुरू होगा. सबसे अहम बात ये है कि 28 तारीख को राज्य के वित्त मंत्री और डिप्टी मुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्का वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए वार्षिक बजट पेश करेंगे. सूत्रों की मानें तो सरकार ने इस बार सदन का कामकाज करीब 15 दिनों तक चलाने की रणनीति बनाई है, ताकि जनता के मुद्दों और विकास कार्यों पर विस्तार से चर्चा हो सके. यह सत्र कांग्रेस सरकार के लिए बेहद मायने रखता है, क्योंकि पिछले चुनाव में किए गए 'छह गारंटी' के वादों को पूरा करने की दिशा में यह बजट एक बड़ा कदम साबित होगा. विधानसभा भवन में सत्र के पहले दिन यानी 26 तारीख को राज्यपाल का अभिभाषण होगा, जिसके बाद सदन में विधायी कार्यों का सिलसिला शुरू हो जाएगा. दो दिन बाद 28 तारीख को डिप्टी सीएम भट्टी विक्रमार्का बजट पेश करेंगे. उम्मीद है कि इस बजट में किसानों, महिलाओं और बेरोजगार युवाओं के लिए विशेष प्रावधान किए जाएंगे. यह भट्टी विक्रमार्का के लिए भी एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि उन्हें विपक्ष के हमलों का सामना करते हुए राज्य की वित्तीय स्थिति को संतुलित रखना है. तेलंगाना की आर्थिक स्थिति को लेकर काफी बहस पिछले कुछ महीनों में राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर काफी बहस हुई थी. विपक्षी दल, खासकर भारत राष्ट्र समिति (BRS) और भाजपा (BJP), सरकार पर वित्तीय गलत प्रबंधन का आरोप लगाते रहे हैं. ऐसे में यह बजट सरकार को उन सभी आरोपों का जवाब देने का मौका देगा. विश्लेषकों का मानना है कि 15 दिनों का लंबा सत्र सरकार की ओर से एक सकारात्मक संदेश देता है कि वह लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में विश्वास रखती है और विपक्ष के साथ मुद्दों पर बहस के लिए तैयार है. सदन में विपक्ष के नेता बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देंगे और सरकारी नीतियों का पोस्टमॉर्टम करेंगे, जिससे आम जनता को पता चलेगा कि आने वाले साल उनके लिए क्या है. तेलंगाना के कल्याणकारी योजनाओं के लिए फंडिंग आम नागरिकों की नजरें इस बजट पर हैं. खासकर महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर. सरकार को इस बात का ध्यान रखना होगा कि कल्याणकारी योजनाओं के लिए फंडिंग का इंतजाम कैसे किया जाए, ताकि विकास का काम भी रुके नहीं. अगर यह बजट जनता की उम्मीदों पर खरा उतरा तो कांग्रेस के लिए यह राजनीतिक जीत साबित हो सकती है, वरना विपक्ष के हाथ में खेलने का मौका मिल सकता है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि 28 तारीख को भट्टी विक्रमार्का के हाथों में कौन-कौन से अच्छी खबरें आती हैं.
तेलंगाना में कांग्रेस सरकार ने विधानसभा के बजट सत्र की तारीखों का ऐलान कर दिया है. राज्य सरकार की ओर से निर्णय लिया गया है कि इस महीने 26 तारीख से विधानसभा का बजट सत्र शुरू होगा. सबसे अहम बात ये है कि 28 तारीख को राज्य के वित्त मंत्री और डिप्टी मुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्का वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए वार्षिक बजट पेश करेंगे. सूत्रों की मानें तो सरकार ने इस बार सदन का कामकाज करीब 15 दिनों तक चलाने की रणनीति बनाई है, ताकि जनता के मुद्दों और विकास कार्यों पर विस्तार से चर्चा हो सके.
यह सत्र कांग्रेस सरकार के लिए बेहद मायने रखता है, क्योंकि पिछले चुनाव में किए गए 'छह गारंटी' के वादों को पूरा करने की दिशा में यह बजट एक बड़ा कदम साबित होगा. विधानसभा भवन में सत्र के पहले दिन यानी 26 तारीख को राज्यपाल का अभिभाषण होगा, जिसके बाद सदन में विधायी कार्यों का सिलसिला शुरू हो जाएगा. दो दिन बाद 28 तारीख को डिप्टी सीएम भट्टी विक्रमार्का बजट पेश करेंगे. उम्मीद है कि इस बजट में किसानों, महिलाओं और बेरोजगार युवाओं के लिए विशेष प्रावधान किए जाएंगे. यह भट्टी विक्रमार्का के लिए भी एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि उन्हें विपक्ष के हमलों का सामना करते हुए राज्य की वित्तीय स्थिति को संतुलित रखना है.
तेलंगाना की आर्थिक स्थिति को लेकर काफी बहस
पिछले कुछ महीनों में राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर काफी बहस हुई थी. विपक्षी दल, खासकर भारत राष्ट्र समिति (BRS) और भाजपा (BJP), सरकार पर वित्तीय गलत प्रबंधन का आरोप लगाते रहे हैं. ऐसे में यह बजट सरकार को उन सभी आरोपों का जवाब देने का मौका देगा. विश्लेषकों का मानना है कि 15 दिनों का लंबा सत्र सरकार की ओर से एक सकारात्मक संदेश देता है कि वह लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में विश्वास रखती है और विपक्ष के साथ मुद्दों पर बहस के लिए तैयार है. सदन में विपक्ष के नेता बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देंगे और सरकारी नीतियों का पोस्टमॉर्टम करेंगे, जिससे आम जनता को पता चलेगा कि आने वाले साल उनके लिए क्या है.
तेलंगाना के कल्याणकारी योजनाओं के लिए फंडिंग
आम नागरिकों की नजरें इस बजट पर हैं. खासकर महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर. सरकार को इस बात का ध्यान रखना होगा कि कल्याणकारी योजनाओं के लिए फंडिंग का इंतजाम कैसे किया जाए, ताकि विकास का काम भी रुके नहीं. अगर यह बजट जनता की उम्मीदों पर खरा उतरा तो कांग्रेस के लिए यह राजनीतिक जीत साबित हो सकती है, वरना विपक्ष के हाथ में खेलने का मौका मिल सकता है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि 28 तारीख को भट्टी विक्रमार्का के हाथों में कौन-कौन से अच्छी खबरें आती हैं.
What's Your Reaction?