सबरीमाला सोना चोरी मामले में आरोपी पद्मकुमार को राहत नहीं, जमानत याचिका खारिज

केरल की एक अदालत ने शुक्रवार (12 दिसंबर, 2025) को सबरीमाला के भगवान अय्यप्पा मंदिर के गर्भगृह के द्वार की चौखट से सोना गायब होने के मामले में टीडीबी के पूर्व अध्यक्ष ए. पद्मकुमार की जमानत याचिका खारिज कर दी. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार कोल्लम सतर्कता अदालत ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पूर्व विधायक पद्मकुमार को राहत देने से इनकार कर दिया.लोक अभियोजक सिजू राजन ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध किया, क्योंकि उनके खिलाफ अपराध साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं. एडवोकेट राजन ने कहा कि त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (TDB) के पूर्व अध्यक्ष ने अधिक आयु और स्वास्थ्य समस्याओं समेत विभिन्न आधारों पर जमानत मांगी थी. पद्मकुमार को इस महीने की शुरुआत में पुलिस ने सबरीमाला के द्वारपालक की मूर्तियों से सोना गायब होने के मामले में आरोपी बनाया था. इस बीच, द्वारपालक की मूर्तियों और श्रीकोविल (गर्भगृह) द्वार के फ्रेम से सोना गायब होने के मामलों में मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पी. ने नियमित जमानत के लिए याचिका दायर की है. अभियोजक ने यह जानकारी दी. अभियोजक सिजू राजन ने बताया कि उन्नीकृष्णन ने जमानत इस आधार पर मांगी है कि बिना आरोप पत्र दाखिल किए उन्हें हिरासत में रखने की वैधानिक अवधि पूरी हो चुकी है. पिछले महीने केरल हाईकोर्ट ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था. कोर्ट का कहना है कि जुलाई 2019 में मंदिर का प्रबंधन करने वाले टीडीबी ने मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पी. और सबरीमाला के एक पूर्व सहायक पुजारी को सोने का आवरण चढ़ाने के लिए मूर्तियों को बाहर ले जाने की अनुमति दी थी. दो महीने बाद जब उन्हें वापय लाया तो उनका वजन नहीं तोला गया, लेकिन कोर्ट का कहना है कि बाद में जांच में सामने आया कि उनका वजन 2019 से भ तक लगभग 4.54 किलोग्राम गायब हो चुका है.    यह भी पढ़ें:-बांग्लादेश निर्वासित की गई महिला को इंडियन क्यों बताया जा रहा? न्यूज आर्टिकल्स पर SC में भड़के SG मेहता

Dec 12, 2025 - 19:30
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सबरीमाला सोना चोरी मामले में आरोपी पद्मकुमार को राहत नहीं, जमानत याचिका खारिज

केरल की एक अदालत ने शुक्रवार (12 दिसंबर, 2025) को सबरीमाला के भगवान अय्यप्पा मंदिर के गर्भगृह के द्वार की चौखट से सोना गायब होने के मामले में टीडीबी के पूर्व अध्यक्ष ए. पद्मकुमार की जमानत याचिका खारिज कर दी.

पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार कोल्लम सतर्कता अदालत ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पूर्व विधायक पद्मकुमार को राहत देने से इनकार कर दिया.लोक अभियोजक सिजू राजन ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध किया, क्योंकि उनके खिलाफ अपराध साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं.

एडवोकेट राजन ने कहा कि त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (TDB) के पूर्व अध्यक्ष ने अधिक आयु और स्वास्थ्य समस्याओं समेत विभिन्न आधारों पर जमानत मांगी थी. पद्मकुमार को इस महीने की शुरुआत में पुलिस ने सबरीमाला के द्वारपालक की मूर्तियों से सोना गायब होने के मामले में आरोपी बनाया था.

इस बीच, द्वारपालक की मूर्तियों और श्रीकोविल (गर्भगृह) द्वार के फ्रेम से सोना गायब होने के मामलों में मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पी. ने नियमित जमानत के लिए याचिका दायर की है. अभियोजक ने यह जानकारी दी.

अभियोजक सिजू राजन ने बताया कि उन्नीकृष्णन ने जमानत इस आधार पर मांगी है कि बिना आरोप पत्र दाखिल किए उन्हें हिरासत में रखने की वैधानिक अवधि पूरी हो चुकी है. पिछले महीने केरल हाईकोर्ट ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था. कोर्ट का कहना है कि जुलाई 2019 में मंदिर का प्रबंधन करने वाले टीडीबी ने मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पी. और सबरीमाला के एक पूर्व सहायक पुजारी को सोने का आवरण चढ़ाने के लिए मूर्तियों को बाहर ले जाने की अनुमति दी थी.

दो महीने बाद जब उन्हें वापय लाया तो उनका वजन नहीं तोला गया, लेकिन कोर्ट का कहना है कि बाद में जांच में सामने आया कि उनका वजन 2019 से भ तक लगभग 4.54 किलोग्राम गायब हो चुका है. 

 

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