Surya Gochar 2026: सूर्य का मीन राशि में गोचर,जानें मेष से मीन सभी राशियों के लिए कैसा रहेगा समय
Surya Gochar 2026: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों का गोचर होना एक भौगोलिक परिवर्तन माना जाता है, साथ ही ग्रहों के परिवर्तन से दैनिक जीवन में खास असर भी दिखाई देता है. ग्रहों के राशि परिवर्तन से दैनिक जीवन में होने वाले घटना तथा दुर्घटना का सटीक आकलन प्राप्त होता है. शनिवार देर रात 01 :06 मिनट पर सूर्य कुंभ राशि से निकालकर मीन राशि में गोचर कर चुके हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य जब एक राशि से दूसरे राशि में गोचर कर सभी राशियों को प्रभावित करते है. सूर्य सिंह राशि के स्वामित्व करते है, तुला राशि में नीच के माने जाते है और मेष राशि में उच्च के माने जाते है. मेष राशि में इनकी सकारत्मक प्रभाव दिखाई देता है. सूर्य आत्मा के कारक, ग्रहों का राजा, पिता के कारक, सत्ता, आत्मा राजकीय कार्य, आकर्षण शक्ति और इच्छा शक्ति का प्रतीक है. सूर्य के मीन राशि में गोचर का प्रभाव सूर्य का गोचर मीन राशि हो चुका है, जहां पहले से ही शनि बैठे हैं. सूर्य के गोचर से मीन राशि में सूर्य और शनि की युति होगी, हालांकि सूर्य और शनि का एक साथ एक राशि में बैठना अनुकूल नहीं माना जाता है, इन दोनों ग्रह का सम्बन्ध आपस मे पिता तथा पुत्र का रिश्ता है. शनि और सूर्य का युति ठीक नहीं माना जाता है. लेकिन सूर्य जिस राशि में गोचर करते है उस राशि में पहले से विराजमान ग्रह का प्रभाव कम हो जाता है. सूर्य जब गुरु की राशि में गोचर करते है, खरमास आरम्भ होता है, जिसमें शुभ कार्य नहीं किए जाते. एक तरह से देखा जाए जब सूर्य गुरु की राशि में संचरण करते है तब दान पुण्य तथा पूजा पाठ पर विशेष ध्यान रखा जाता है. इस समय किया गया दान पुण्य से पितृ प्रसन्न होते तथा परिवार में बहुत सारे खुशियां मिलती है. सूर्य का राशि परिवर्तन से मेष से मीन राशि के लिए कैसा रहेगा मेष राशि (Mesh)- मेष राशि वाले सूर्य पंचम भाव के स्वामी हैं और आपके द्वादश भाव में गोचर कर रहे हैं. सूर्य का द्वादश भाव में गोचर अनुकूल नहीं माना जाता है. यह भाव खर्च का भाव है, जिससे मेष राशि वाले के कार्यक्षेत्र में दबाव बढ़ सकता है, कार्य टारगेट के अनुसार करना पड़ेगा, नई नौकरी की तैयारी कर रहे हैं तो उन्हें सफलता मिलेगी, व्यापार में नुकसान हो सकता है, परिवारिक जीवन मिला जुला रहेगा लेकिन स्वास्थ्य पर ध्यान रखें. वृषभ राशि (Vrishabh)- वृषभ राशि वाले सूर्य चौथे भाव के स्वामी हैं और सूर्य एकादश भाव में गोचर करेंगे. यह भाव लाभ का भाव है, जिससे वृषभ राशि वाले को धन का लाभ होगा. आय के स्त्रोत मजबूत बनेगा,पारिवारिक सुख सुविधा का लाभ मिलेगा, साथ ही करियर में उन्नति होगी, मानसिक स्थति मजबूत बनेगा, नए नौकरी प्राप्त होंगे, नए व्यापार का प्लान किए है उसमें सफलता मिलेगा, प्रेम सम्बन्ध मजबूत बनेगा. मिथुन राशि (Mithun)- सूर्य मिथुन राशि वालों के तीसरे भाव के स्वामी होकर दशम भाव में गोचर हुआ है. इससे नौकरी में पद प्रतिष्ठा का लाभ मिलेगा, वरिष्ठ अधिकारी का सहयोग मिलेगा, जिससे मन प्रसन्न रहेगा. व्यापार में उन्नति होगी और पूंजी निवेश के लिए सही समय है. पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा, परिवार वालों का भरपूर सहयोग मिलेगा, मकान की खरीदारी का प्लान बन सकता है, सरकारी कार्य लंबित पड़ा हुआ है वह पूर्ण होगा, प्रेम सम्बन्ध मजबूत बनेगा. कर्क राशि (Kark)- सूर्य आपकी राशि के दूसरे भाव के स्वामी होकर नवम भाव में गोचर हुआ है. नवम भाव में धर्म तथा अध्यात्मिक जीवन के लिए देखा जाता है जिससे मानसिक रूप से स्वस्थ्य रहेंगे, परिवार के साथ अच्छी तालमेल देखने को मिलेगी, करियर में उन्नति करेंगे, प्रतियोगता के क्षेत्र में भाग्य साथ देगा जिसे आपको सफलता मिलेगा. कार्य को लेकर लंबी यात्रा पर जाने का प्लान बनेगा, आर्थिक स्थति मजबूत बनेगी और भौतिक सुख-सुविधा का लाभ मिलेगा. सिंह राशि (Singh)- सिंह आपकी राशि के भाव के स्वामी होकर आठवें भाव में गोचर हुआ है, जिससे मन चिंतित रहेगा, पारिवारिक जीवन में परेशानी बढ़ेगी, कार्य क्षेत्र में परेशानी बढ़ सकती है. इस समय नए कार्य का प्लान नहीं करें, योजना पूरा नहीं होगा. व्यापार अनुकूल स्थति में नहीं चलेगी. जल्दबाजी में निर्णय नहीं लें, परेशानी बढ़ जाएगी. स्वास्थ्य ठीक नहीं रहेगा या आंख से सम्बंधित परेशानी बढ़ेगी. कन्या राशि (Kanya)- सूर्य का गोचर आपकी राशि से सातवे भाव में हुआ है. सातवें भाव में सूर्य का गोचर अनुकूल नहीं माना जाता है. मेहनत खूब होती है, लेकिन परिणाम आपके मन के अनुकूल नहीं मिलेगा, चाहे पारिवारिक जीवन हो या व्यापार सभी क्षेत्र में सावधान रहना पड़ेगा. नौकरी कर रहे जातकों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा. परिवार के सदस्यों के साथ छोटी-छोटी बात पर मतभेद बनेगा, इस समय प्रयास करे किसी से जल्द कर्ज नहीं ले. तुला राशि (Tula)- तुला राशि वाले छठे भाव में गोचर कर सूर्य मेहनत का अनुकूल परिणाम देंगे. कार्य में उन्नति होगी, नौकरी पहले से कर रहे है आपके कार्य को सराहा जाएगा, व्यापार में लाभ होगा. मानसिक स्थति मजबूत बनेगी, नए नौकरी की तलाश में है सफलता मिलेगी, आर्थिक स्थति मजबूत बनेगा,वैवाहिक जीवन मधुर बनेगा और स्वास्थ्य ठीक रहेगा. वृश्चिक राशि (Vrishchik)- सूर्य का गोचर आपकी राशि से पंचम भाव में हुआ है, जिससे वृश्चिक राशि वाले को सुख सुविधा का भरपूर सुख प्राप्त होगा. मानसिक स्थिति मजबूत बनेगी, आपके प्रोफेसनल लाइफ बहुत मजबूत बनेगा. विधार्थियों के लिए यह समय अनुकूल रहेगा, उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे हैं उन्हें सफलता मिलेगा. व्यापार में लाभ होगा, प्रेम संबंध मजबूत बनेगा और पार्टनर से सहयोग मिलेगा. धनु राशि (Dhanu)- धनु राशि वाले को सूर्य नवम भाव के स्वामी है और चौथे भाव में गोचर हुआ है, जिससे धन संपति का लाभ होगा. भूमि भवन की खरीदारी का प्लान बन सकता है. परिवारिक जीवन अनुकूल रहेगा, परिवार में जरुरत की वस्तु की खरीदारी हो सकती है, व्यापार में लाभ होगा भूमि या भवन की खरीदारी का योजना ब
Surya Gochar 2026: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों का गोचर होना एक भौगोलिक परिवर्तन माना जाता है, साथ ही ग्रहों के परिवर्तन से दैनिक जीवन में खास असर भी दिखाई देता है. ग्रहों के राशि परिवर्तन से दैनिक जीवन में होने वाले घटना तथा दुर्घटना का सटीक आकलन प्राप्त होता है.
शनिवार देर रात 01 :06 मिनट पर सूर्य कुंभ राशि से निकालकर मीन राशि में गोचर कर चुके हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य जब एक राशि से दूसरे राशि में गोचर कर सभी राशियों को प्रभावित करते है. सूर्य सिंह राशि के स्वामित्व करते है, तुला राशि में नीच के माने जाते है और मेष राशि में उच्च के माने जाते है. मेष राशि में इनकी सकारत्मक प्रभाव दिखाई देता है. सूर्य आत्मा के कारक, ग्रहों का राजा, पिता के कारक, सत्ता, आत्मा राजकीय कार्य, आकर्षण शक्ति और इच्छा शक्ति का प्रतीक है.
सूर्य के मीन राशि में गोचर का प्रभाव
सूर्य का गोचर मीन राशि हो चुका है, जहां पहले से ही शनि बैठे हैं. सूर्य के गोचर से मीन राशि में सूर्य और शनि की युति होगी, हालांकि सूर्य और शनि का एक साथ एक राशि में बैठना अनुकूल नहीं माना जाता है, इन दोनों ग्रह का सम्बन्ध आपस मे पिता तथा पुत्र का रिश्ता है. शनि और सूर्य का युति ठीक नहीं माना जाता है. लेकिन सूर्य जिस राशि में गोचर करते है उस राशि में पहले से विराजमान ग्रह का प्रभाव कम हो जाता है. सूर्य जब गुरु की राशि में गोचर करते है, खरमास आरम्भ होता है, जिसमें शुभ कार्य नहीं किए जाते. एक तरह से देखा जाए जब सूर्य गुरु की राशि में संचरण करते है तब दान पुण्य तथा पूजा पाठ पर विशेष ध्यान रखा जाता है. इस समय किया गया दान पुण्य से पितृ प्रसन्न होते तथा परिवार में बहुत सारे खुशियां मिलती है.
सूर्य का राशि परिवर्तन से मेष से मीन राशि के लिए कैसा रहेगा
मेष राशि (Mesh)- मेष राशि वाले सूर्य पंचम भाव के स्वामी हैं और आपके द्वादश भाव में गोचर कर रहे हैं. सूर्य का द्वादश भाव में गोचर अनुकूल नहीं माना जाता है. यह भाव खर्च का भाव है, जिससे मेष राशि वाले के कार्यक्षेत्र में दबाव बढ़ सकता है, कार्य टारगेट के अनुसार करना पड़ेगा, नई नौकरी की तैयारी कर रहे हैं तो उन्हें सफलता मिलेगी, व्यापार में नुकसान हो सकता है, परिवारिक जीवन मिला जुला रहेगा लेकिन स्वास्थ्य पर ध्यान रखें.
वृषभ राशि (Vrishabh)- वृषभ राशि वाले सूर्य चौथे भाव के स्वामी हैं और सूर्य एकादश भाव में गोचर करेंगे. यह भाव लाभ का भाव है, जिससे वृषभ राशि वाले को धन का लाभ होगा. आय के स्त्रोत मजबूत बनेगा,पारिवारिक सुख सुविधा का लाभ मिलेगा, साथ ही करियर में उन्नति होगी, मानसिक स्थति मजबूत बनेगा, नए नौकरी प्राप्त होंगे, नए व्यापार का प्लान किए है उसमें सफलता मिलेगा, प्रेम सम्बन्ध मजबूत बनेगा.
मिथुन राशि (Mithun)- सूर्य मिथुन राशि वालों के तीसरे भाव के स्वामी होकर दशम भाव में गोचर हुआ है. इससे नौकरी में पद प्रतिष्ठा का लाभ मिलेगा, वरिष्ठ अधिकारी का सहयोग मिलेगा, जिससे मन प्रसन्न रहेगा. व्यापार में उन्नति होगी और पूंजी निवेश के लिए सही समय है. पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा, परिवार वालों का भरपूर सहयोग मिलेगा, मकान की खरीदारी का प्लान बन सकता है, सरकारी कार्य लंबित पड़ा हुआ है वह पूर्ण होगा, प्रेम सम्बन्ध मजबूत बनेगा.
कर्क राशि (Kark)- सूर्य आपकी राशि के दूसरे भाव के स्वामी होकर नवम भाव में गोचर हुआ है. नवम भाव में धर्म तथा अध्यात्मिक जीवन के लिए देखा जाता है जिससे मानसिक रूप से स्वस्थ्य रहेंगे, परिवार के साथ अच्छी तालमेल देखने को मिलेगी, करियर में उन्नति करेंगे, प्रतियोगता के क्षेत्र में भाग्य साथ देगा जिसे आपको सफलता मिलेगा. कार्य को लेकर लंबी यात्रा पर जाने का प्लान बनेगा, आर्थिक स्थति मजबूत बनेगी और भौतिक सुख-सुविधा का लाभ मिलेगा.
सिंह राशि (Singh)- सिंह आपकी राशि के भाव के स्वामी होकर आठवें भाव में गोचर हुआ है, जिससे मन चिंतित रहेगा, पारिवारिक जीवन में परेशानी बढ़ेगी, कार्य क्षेत्र में परेशानी बढ़ सकती है. इस समय नए कार्य का प्लान नहीं करें, योजना पूरा नहीं होगा. व्यापार अनुकूल स्थति में नहीं चलेगी. जल्दबाजी में निर्णय नहीं लें, परेशानी बढ़ जाएगी. स्वास्थ्य ठीक नहीं रहेगा या आंख से सम्बंधित परेशानी बढ़ेगी.
कन्या राशि (Kanya)- सूर्य का गोचर आपकी राशि से सातवे भाव में हुआ है. सातवें भाव में सूर्य का गोचर अनुकूल नहीं माना जाता है. मेहनत खूब होती है, लेकिन परिणाम आपके मन के अनुकूल नहीं मिलेगा, चाहे पारिवारिक जीवन हो या व्यापार सभी क्षेत्र में सावधान रहना पड़ेगा. नौकरी कर रहे जातकों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा. परिवार के सदस्यों के साथ छोटी-छोटी बात पर मतभेद बनेगा, इस समय प्रयास करे किसी से जल्द कर्ज नहीं ले.
तुला राशि (Tula)- तुला राशि वाले छठे भाव में गोचर कर सूर्य मेहनत का अनुकूल परिणाम देंगे. कार्य में उन्नति होगी, नौकरी पहले से कर रहे है आपके कार्य को सराहा जाएगा, व्यापार में लाभ होगा. मानसिक स्थति मजबूत बनेगी, नए नौकरी की तलाश में है सफलता मिलेगी, आर्थिक स्थति मजबूत बनेगा,वैवाहिक जीवन मधुर बनेगा और स्वास्थ्य ठीक रहेगा.
वृश्चिक राशि (Vrishchik)- सूर्य का गोचर आपकी राशि से पंचम भाव में हुआ है, जिससे वृश्चिक राशि वाले को सुख सुविधा का भरपूर सुख प्राप्त होगा. मानसिक स्थिति मजबूत बनेगी, आपके प्रोफेसनल लाइफ बहुत मजबूत बनेगा. विधार्थियों के लिए यह समय अनुकूल रहेगा, उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे हैं उन्हें सफलता मिलेगा. व्यापार में लाभ होगा, प्रेम संबंध मजबूत बनेगा और पार्टनर से सहयोग मिलेगा.
धनु राशि (Dhanu)- धनु राशि वाले को सूर्य नवम भाव के स्वामी है और चौथे भाव में गोचर हुआ है, जिससे धन संपति का लाभ होगा. भूमि भवन की खरीदारी का प्लान बन सकता है. परिवारिक जीवन अनुकूल रहेगा, परिवार में जरुरत की वस्तु की खरीदारी हो सकती है, व्यापार में लाभ होगा भूमि या भवन की खरीदारी का योजना बनेगा. पार्टनर के साथ अच्छी साझेदारी देखने को मिलेगी,स्वस्थ्य ठीक रहेगा.
मकर राशि (Makar)- मकर राशि वाले को सूर्य आठवें भाव के स्वामी है और आपके तीसरे भाव में गोचर हुआ है, जिससे भौतिक सुख संपति का लाभ प्राप्त होगा, नौकरी अच्छी स्थति में चलेगी और नई नौकरी का प्लान है को सफलता मिलेगी. व्यापार अच्छी स्थिति दिखाई दे रही है. ग्राहक के साथ अच्छी तालमेल बनेगी, उधारी पैसा वापस मिलेगा, भाई बहन का सहयोग मिलेगा, पत्नी से आर्थिक सहयोग मिलेगा, लेकिन स्वास्थ्य का ध्यान रखें.
कुंभ राशि (Kumbh)- कुंभ राशि वालों के दूसरे भाव में गोचर कर सूर्य कार्य में उन्नति प्रदान करेंगे, धन का लाभ होगा, परिवार के साथ अच्छी तालमेल देखने को मिलेगी, करियर में उन्नति होगी. साथ ही आय के स्त्रोत बढ़ेंगे. नई नौकरी का प्लान है तो सफलता मिलेगी, कार्य करने के तौर तरीके में बदलाव होगा और स्वास्थ्य ठीक रहेगा.
मीन राशि (Meen)- मीन राशि वालों के लग्न यानी पहले भाव में गोचर कर सूर्य सामान्य फलदायी साबित होंगे. इस समय खुद का ख्याल रखना बहुत जरूरी है, थोड़ी लापरवाही ज्यादा नुकसान करा सकती है. व्यापार के लिए समय अनुकूल रहेगा, करियर में उन्नति होगी लेकिन समझदारी से कार्य करें, आर्थिक स्थति मजबूत बनेगी.
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