Steroids and Hormonal Imbalance: क्यों लड़कों का निकल रहा है लड़कियों की तरह ब्रेस्ट, जान लें इसका चौंकाने वाला राज

Steroids and Hormonal Imbalance: आजकल जिम में जल्दी बॉडी बनाने की चाहत कई युवाओं पर भारी पड़ रही है. डॉक्टरों का कहना है कि बिना मेडिकल सलाह के स्टेरॉयड लेने का चलन बढ़ने से हार्मोन का संतुलन बिगड़ सकता है. इसका असर इतना गंभीर हो सकता है कि कुछ लड़कों की छाती महिलाओं की तरह उभरने लगती है. इस कंडीशन  को मेडिकल भाषा में गायनेकोमैस्टिया कहा जाता है. विशेषज्ञों के मुताबिक यह सिर्फ शरीर में होने वाला बदलाव नहीं है, बल्कि कई युवाओं के आत्मविश्वास और मानसिक सेहत पर भी असर डालता है. कई मामलों में समस्या इतनी बढ़ जाती है कि सर्जरी तक करानी पड़ती है. स्टेरॉयड कैसे बिगाड़ देता है शरीर विशेषज्ञ बताते हैं कि पुरुषों के शरीर में टेस्टोस्टेरोन और एस्ट्रोजन दोनों हार्मोन मौजूद रहते हैं. आम कंडीशन में टेस्टोस्टेरोन का स्तर अधिक होता है, लेकिन एनाबॉलिक स्टेरॉयड का गलत इस्तेमाल शरीर के प्राकृतिक हार्मोन सिस्टम पर बेहद असर  कर सकता है. इससे टेस्टोस्टेरोन का संतुलन बिगड़ता है और एस्ट्रोजन का असर बढ़ने लगता है. यही बदलाव छाती के आसपास मौजूद ब्रेस्ट टिश्यू को बढ़ा सकता है, जिससे पुरुषों में महिलाओं जैसी ब्रेस्ट दिखाई देने लगती है. यह भी पढ़ें: Copper T Pregnancy: कॉपर टी के बावजूद हो गई प्रेग्नेंसी, जानें कितना है खतरा? हर मामला स्टेरॉयड से नहीं जुड़ा होता डॉक्टरों के अनुसार गायनेकोमैस्टिया की वजह सिर्फ स्टेरॉयड नहीं होती है. मोटापा, बालिग हालत  में हार्मोनल बदलाव, कुछ दवाओं का लंबे समय तक इस्तेमाल, लिवर या किडनी से जुड़ी बीमारियां और हार्मोन असंतुलन भी इसके कारण हो सकते हैं. हालांकि प्लास्टिक सर्जरी और एंडोक्राइन विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के वर्षों में जिम में बिना सलाह लिए स्टेरॉयड और कुछ सप्लीमेंट का इस्तेमाल बढ़ने के साथ ऐसे मामलों में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है.  कब पड़ती है सर्जरी की जरूरत कई उम्र के बढ़ते हालात में यह समस्या उम्र बढ़ने के साथ अपने आप ठीक हो जाती है. लेकिन अगर ब्रेस्ट का आकार लगातार बढ़ रहा हो, दर्द महसूस हो रहा हो या व्यक्ति मानसिक रूप से परेशान रहने लगे तो डॉक्टर जांच की सलाह देते हैं. हार्मोन प्रोफाइल समेत दीगर  जरूरी टेस्ट के बाद इलाज तय किया जाता है. अगर दवाओं से फायदा नहीं मिलता और ब्रेस्ट टिश्यू ज्यादा बढ़ चुका होता है, तो सर्जरी सबसे असरदार तरीका मानी जाती है. आधुनिक तकनीक से होने वाली यह प्रक्रिया सुरक्षित मानी जाती है और रिकवरी भी पहले की तुलना में काफी तेज होती है. इन बातों का रखें खास ध्यान विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बॉडी बनाने के लिए कभी भी बिना डॉक्टर की सलाह के स्टेरॉयड या हार्मोन वाले सप्लीमेंट का इस्तेमाल न करें. संतुलित खानपान, नियमित एक्सरसाइज  और सही मेडिकल सलाह हार्मोन बैलेंस बनाए रखने में मदद करती है. अगर छाती में असामान्य बदलाव, सूजन या दर्द महसूस हो तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए. समय पर इलाज कराने से न सिर्फ वक्त पर मुमकिन इलाज है, बल्कि भविष्य में होने वाली मानसिक और शारीरिक परेशानियों से भी बचा जा सकता है यह भी पढ़ें: Relationship Cheating: एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर अचानक हुई गलती नहीं, जानें क्या कहती है रिसर्च

Aug 4, 2026 - 07:30
 0
Steroids and Hormonal Imbalance: क्यों लड़कों का निकल रहा है लड़कियों की तरह ब्रेस्ट, जान लें इसका चौंकाने वाला राज

Steroids and Hormonal Imbalance: आजकल जिम में जल्दी बॉडी बनाने की चाहत कई युवाओं पर भारी पड़ रही है. डॉक्टरों का कहना है कि बिना मेडिकल सलाह के स्टेरॉयड लेने का चलन बढ़ने से हार्मोन का संतुलन बिगड़ सकता है. इसका असर इतना गंभीर हो सकता है कि कुछ लड़कों की छाती महिलाओं की तरह उभरने लगती है. इस कंडीशन  को मेडिकल भाषा में गायनेकोमैस्टिया कहा जाता है. विशेषज्ञों के मुताबिक यह सिर्फ शरीर में होने वाला बदलाव नहीं है, बल्कि कई युवाओं के आत्मविश्वास और मानसिक सेहत पर भी असर डालता है. कई मामलों में समस्या इतनी बढ़ जाती है कि सर्जरी तक करानी पड़ती है.

स्टेरॉयड कैसे बिगाड़ देता है शरीर

विशेषज्ञ बताते हैं कि पुरुषों के शरीर में टेस्टोस्टेरोन और एस्ट्रोजन दोनों हार्मोन मौजूद रहते हैं. आम कंडीशन में टेस्टोस्टेरोन का स्तर अधिक होता है, लेकिन एनाबॉलिक स्टेरॉयड का गलत इस्तेमाल शरीर के प्राकृतिक हार्मोन सिस्टम पर बेहद असर  कर सकता है. इससे टेस्टोस्टेरोन का संतुलन बिगड़ता है और एस्ट्रोजन का असर बढ़ने लगता है. यही बदलाव छाती के आसपास मौजूद ब्रेस्ट टिश्यू को बढ़ा सकता है, जिससे पुरुषों में महिलाओं जैसी ब्रेस्ट दिखाई देने लगती है.

यह भी पढ़ें: Copper T Pregnancy: कॉपर टी के बावजूद हो गई प्रेग्नेंसी, जानें कितना है खतरा?

हर मामला स्टेरॉयड से नहीं जुड़ा होता

डॉक्टरों के अनुसार गायनेकोमैस्टिया की वजह सिर्फ स्टेरॉयड नहीं होती है. मोटापा, बालिग हालत  में हार्मोनल बदलाव, कुछ दवाओं का लंबे समय तक इस्तेमाल, लिवर या किडनी से जुड़ी बीमारियां और हार्मोन असंतुलन भी इसके कारण हो सकते हैं. हालांकि प्लास्टिक सर्जरी और एंडोक्राइन विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के वर्षों में जिम में बिना सलाह लिए स्टेरॉयड और कुछ सप्लीमेंट का इस्तेमाल बढ़ने के साथ ऐसे मामलों में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है. 

कब पड़ती है सर्जरी की जरूरत

कई उम्र के बढ़ते हालात में यह समस्या उम्र बढ़ने के साथ अपने आप ठीक हो जाती है. लेकिन अगर ब्रेस्ट का आकार लगातार बढ़ रहा हो, दर्द महसूस हो रहा हो या व्यक्ति मानसिक रूप से परेशान रहने लगे तो डॉक्टर जांच की सलाह देते हैं. हार्मोन प्रोफाइल समेत दीगर  जरूरी टेस्ट के बाद इलाज तय किया जाता है. अगर दवाओं से फायदा नहीं मिलता और ब्रेस्ट टिश्यू ज्यादा बढ़ चुका होता है, तो सर्जरी सबसे असरदार तरीका मानी जाती है. आधुनिक तकनीक से होने वाली यह प्रक्रिया सुरक्षित मानी जाती है और रिकवरी भी पहले की तुलना में काफी तेज होती है.

इन बातों का रखें खास ध्यान

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बॉडी बनाने के लिए कभी भी बिना डॉक्टर की सलाह के स्टेरॉयड या हार्मोन वाले सप्लीमेंट का इस्तेमाल न करें. संतुलित खानपान, नियमित एक्सरसाइज  और सही मेडिकल सलाह हार्मोन बैलेंस बनाए रखने में मदद करती है. अगर छाती में असामान्य बदलाव, सूजन या दर्द महसूस हो तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए. समय पर इलाज कराने से न सिर्फ वक्त पर मुमकिन इलाज है, बल्कि भविष्य में होने वाली मानसिक और शारीरिक परेशानियों से भी बचा जा सकता है

यह भी पढ़ें: Relationship Cheating: एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर अचानक हुई गलती नहीं, जानें क्या कहती है रिसर्च

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow