Spam Calls हमेशा आपके नंबर पर कैसे पहुंच जाती हैं? जानें इसकी टेक्निक

Spam Calls: क्या आपको पर्सनल लोन चाहिए? आपके लिए एक शानदार लॉटरी ऑफर है... इस तरह की स्पैम और फ्रॉड कॉल्स से आजकल हर स्मार्टफोन यूजर परेशान है. चाहे आप किसी जरूरी मीटिंग में हों या आराम कर रहे हों, ये कॉल्स दिन में कई बार आपको परेशान कर ही देती हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बिना किसी को अपना नंबर दिए, इन अनजान कंपनियों और स्कैमर्स के पास आपका पर्सनल मोबाइल नंबर आखिर पहुंच कैसे जाता है? आइए इसके पीछे की पूरी टेक्निक को समझते हैं.  आपके नंबर तक कैसे पहुचते हैं स्पैमर्स? दरअसल, इन स्पैम कॉल्स के पीछे एक बहुत बड़ा नेटवर्क और आधुनिक तकनीक काम करती है. जैसे जब आप किसी मॉल में शॉपिंग करते समय बिलिंग काउंटर पर अपना नंबर दर्ज करवाते हैं, या किसी अनजान ऐप पर साइन-अप करते हैं तो आपका वह डेटा पूरी तरह सुरक्षित नहीं रहता, क्योंकि डेटा ब्रोकर्स नाम की कुछ एजेंसियां इस डेटा को बहुत कम दामों में थोक के भाव खरीदती हैं और आगे टेलीमार्केटिंग कंपनियों या फ्रॉड करने वाले स्कैमर्स को बेच देती हैं.  इसके अलावा कई बार स्कैमर्स को आपका नंबर पहले से जानने की जरूरत भी नहीं होती. क्योंकि वे खास कंप्यूटर सॉफ्टवेयर या ऑटो-डायलर्स का उपयोग करते हैं. यह मशीन एक सेकंड में हजारों रैंडम नंबरों की सीरीज पर एक साथ ऑटोमैटिक कॉल मिलाती है. जैसे ही कोई व्यक्ति फोन उठाता है, कंप्यूटर को पता चल जाता है कि यह नंबर एक्टिव है और उसे लाइव लिस्ट में डाल दिया जाता है. साथ ही यदि आपने अपना मोबाइल नंबर फेसबुक, लिंक्डइन, इंस्टाग्राम या किसी जॉब पोर्टल पर पब्लिक छोड़ रखा है, तो इंटरनेट से डेटा चुराने वाले ऑटोमैटिक सॉफ्टवेयर के जरिए आपका नंबर आसानी से स्कैमर्स तक पहुंच जाता है.  यह भी पढ़ें: होटल के फ्री Wi-Fi से कैसे आपका डेटा चुराते हैं हैकर्स? जानें पूरी बात इन स्पैमर्स से कैसे बचे? जब भी हमारे पास कोई फर्जी कॉल आती है तो हम उस नंबर को ब्लॉक कर देते हैं, लेकिन ऐसा करने पर भी आप इस समस्या से बच नहीं सकते. इन सपैमर्स के पास सैकड़ों फर्जी सिम कार्ड और इंटरनेट कॉलिंग के रास्ते होते हैं, जिससे वे हर बार एक नए नंबर से आपको कॉल कर सकते हैं. इस समस्या से बचने के लिए आप भारत सरकार के संचार साथी एप को इंस्टॉल कर लें. उसमें मौजूद चक्षु ऑप्शन पर आप ऐसे ही स्पैमर्स की रिपोर्ट दर्ज करा सकते हैं.  इसके अलावा आप अपने फोन के मैसेज बॉक्स में START 0 लिखकर 1909 पर मैसेज भेजें. इससे आपके मोबाइल नंबर पर फूल डू नॉट डिस्टर्ब सेवा सक्रिय हो जाएगी. इसके ऑन होने से काफी हद तक कमर्शियल कॉल आना बंद हो जाती है.  यह भी पढ़ें: स्पैम कॉल्स से हैं परेशान? TRAI के DND ऐप से मिनटों में करें शिकायत दर्ज

Aug 15, 2026 - 03:30
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Spam Calls हमेशा आपके नंबर पर कैसे पहुंच जाती हैं? जानें इसकी टेक्निक

Spam Calls: क्या आपको पर्सनल लोन चाहिए? आपके लिए एक शानदार लॉटरी ऑफर है... इस तरह की स्पैम और फ्रॉड कॉल्स से आजकल हर स्मार्टफोन यूजर परेशान है. चाहे आप किसी जरूरी मीटिंग में हों या आराम कर रहे हों, ये कॉल्स दिन में कई बार आपको परेशान कर ही देती हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बिना किसी को अपना नंबर दिए, इन अनजान कंपनियों और स्कैमर्स के पास आपका पर्सनल मोबाइल नंबर आखिर पहुंच कैसे जाता है? आइए इसके पीछे की पूरी टेक्निक को समझते हैं. 

आपके नंबर तक कैसे पहुचते हैं स्पैमर्स?

दरअसल, इन स्पैम कॉल्स के पीछे एक बहुत बड़ा नेटवर्क और आधुनिक तकनीक काम करती है. जैसे जब आप किसी मॉल में शॉपिंग करते समय बिलिंग काउंटर पर अपना नंबर दर्ज करवाते हैं, या किसी अनजान ऐप पर साइन-अप करते हैं तो आपका वह डेटा पूरी तरह सुरक्षित नहीं रहता, क्योंकि डेटा ब्रोकर्स नाम की कुछ एजेंसियां इस डेटा को बहुत कम दामों में थोक के भाव खरीदती हैं और आगे टेलीमार्केटिंग कंपनियों या फ्रॉड करने वाले स्कैमर्स को बेच देती हैं. 

इसके अलावा कई बार स्कैमर्स को आपका नंबर पहले से जानने की जरूरत भी नहीं होती. क्योंकि वे खास कंप्यूटर सॉफ्टवेयर या ऑटो-डायलर्स का उपयोग करते हैं. यह मशीन एक सेकंड में हजारों रैंडम नंबरों की सीरीज पर एक साथ ऑटोमैटिक कॉल मिलाती है. जैसे ही कोई व्यक्ति फोन उठाता है, कंप्यूटर को पता चल जाता है कि यह नंबर एक्टिव है और उसे लाइव लिस्ट में डाल दिया जाता है. साथ ही यदि आपने अपना मोबाइल नंबर फेसबुक, लिंक्डइन, इंस्टाग्राम या किसी जॉब पोर्टल पर पब्लिक छोड़ रखा है, तो इंटरनेट से डेटा चुराने वाले ऑटोमैटिक सॉफ्टवेयर के जरिए आपका नंबर आसानी से स्कैमर्स तक पहुंच जाता है. 

यह भी पढ़ें: होटल के फ्री Wi-Fi से कैसे आपका डेटा चुराते हैं हैकर्स? जानें पूरी बात

इन स्पैमर्स से कैसे बचे?

जब भी हमारे पास कोई फर्जी कॉल आती है तो हम उस नंबर को ब्लॉक कर देते हैं, लेकिन ऐसा करने पर भी आप इस समस्या से बच नहीं सकते. इन सपैमर्स के पास सैकड़ों फर्जी सिम कार्ड और इंटरनेट कॉलिंग के रास्ते होते हैं, जिससे वे हर बार एक नए नंबर से आपको कॉल कर सकते हैं. इस समस्या से बचने के लिए आप भारत सरकार के संचार साथी एप को इंस्टॉल कर लें. उसमें मौजूद चक्षु ऑप्शन पर आप ऐसे ही स्पैमर्स की रिपोर्ट दर्ज करा सकते हैं.  इसके अलावा आप अपने फोन के मैसेज बॉक्स में START 0 लिखकर 1909 पर मैसेज भेजें. इससे आपके मोबाइल नंबर पर फूल डू नॉट डिस्टर्ब सेवा सक्रिय हो जाएगी. इसके ऑन होने से काफी हद तक कमर्शियल कॉल आना बंद हो जाती है. 

यह भी पढ़ें: स्पैम कॉल्स से हैं परेशान? TRAI के DND ऐप से मिनटों में करें शिकायत दर्ज

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