Solar Panel लगवाने के बाद भी नहीं मिल रहा फायदा? ये हो सकते हैं कारण
Common Solar Panel Problems: लोग बिजली बिल की बचत और पावर कट की टेंशन से मुक्ति के लिए सोलर पैनल लगवाते हैं. कई बार मौसम से लेकर मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट और इंस्टॉलेशन में गड़बड़ जैसे कारणों से सोलर एनर्जी सिस्टम ठीक तरीके से काम नहीं कर पाता. अगर समय पर इन दिक्कतों को दूर न किया जाए तो बड़ा नुकसान हो सकता है. आज हम आपको उन कॉमन प्रॉब्लम के बारे में बताने जा रहे हैं, जो सोलर एनर्जी सिस्टम को प्रभावति कर सकती हैं. साथ ही इनके समाधान के बारे में भी जानेंगे. पैनल पर धूल-मिट्टी जमा होना सोलर पैनल पर धूल-मिट्टी जमा होना सबसे कॉमन प्रॉब्लम है. कई जगहों पर प्रदूषण और कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी के कारण भी धूल ज्यादा उड़ती है जो पैनल पर जमा हो जाती है. अगर इसे समय रहते साफ न किया जा तो एनर्जी जनरेशन कम हो जाता है. धूल-मिट्टी सनलाइट को ब्लॉक कर देती है और पैनल की एफिशिएंसी कम होने लगती है. इससे बचने के लिए पैनल को महीने में कम से कम एक बार साफ कर लें. सोलर पैनल में हॉटस्पॉट कई बार पैनल का एक छोटा-सा हिस्सा बाकी सरफेस से ज्यादा गर्म हो जाता है. आमतौर पर क्रैक या इंटरनल डैमेज के कारण ऐसा होता है. जब उस जगह से इलेक्ट्रिसिटी पास नहीं हो पाती है तो वहां एक स्पॉट बन जाता है, जिसे हॉटस्पॉट कहा जाता है. ये आसानी से नजर नहीं आते, लेकिन कई बार पूरे पैनल की परफॉर्मेंस को कम कर देते हैं. समाधान की बात करें तो प्रोफेशनल टेक्निशियन को बुलाकर इसे दिखाना चाहिए. क्रैक या फिजिकल डैमेज ट्रांसपोर्टेशन से लेकर इंस्टॉलेशन तक पैनल में क्रैक या फिजिकल डैमेज आने का खतरा रहता है. क्रैक ग्लास सरफेस पर भी हो सकती है और इंटरनल सोलर सेल में भी. अगर कहीं भी एक छोटी-सी भी क्रैक है तो यह पूरे पैनल में इलेक्ट्रिसिटी के फ्लो पर डिस्टर्ब कर सकती है, जिससे सोलर एनर्जी सिस्टम की परफॉर्मेंस कम हो जाती है. इसी तरह कई बार मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस में गड़बड़ के कारण भी डिलेमिनेशन और सॉल्डरिंग डिफेक्ट जैसी दिक्कतें रह जाती हैं, जो परफॉर्मेंस और एफिशिएंसी पर असर डालती हैं. वायरिंग डिफेक्ट कई बार ऐसा भी हो सकता है कि सोलर पैनल में कोई दिक्कत नहीं होती, लेकिन फिर भी यह सिस्टम पूरी ताकत के साथ काम नहीं कर पाता. ऐसा तब होता है, जब वायरिंग में कोई प्रॉब्लम रह गई हो. कनेक्शन लूज रह जाना, खराब क्वालिटी का वायर यूज करना या वायर को ठीक से मैनेज न किए जाने पर भी परफॉर्मेंस में कमी आ सकती है. ये भी पढ़ें- अब मशीनों को मिलेगा इंसानी दिमाग? स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक स्किन बनाने में जुटे रिसर्चर
Common Solar Panel Problems: लोग बिजली बिल की बचत और पावर कट की टेंशन से मुक्ति के लिए सोलर पैनल लगवाते हैं. कई बार मौसम से लेकर मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट और इंस्टॉलेशन में गड़बड़ जैसे कारणों से सोलर एनर्जी सिस्टम ठीक तरीके से काम नहीं कर पाता. अगर समय पर इन दिक्कतों को दूर न किया जाए तो बड़ा नुकसान हो सकता है. आज हम आपको उन कॉमन प्रॉब्लम के बारे में बताने जा रहे हैं, जो सोलर एनर्जी सिस्टम को प्रभावति कर सकती हैं. साथ ही इनके समाधान के बारे में भी जानेंगे.
पैनल पर धूल-मिट्टी जमा होना
सोलर पैनल पर धूल-मिट्टी जमा होना सबसे कॉमन प्रॉब्लम है. कई जगहों पर प्रदूषण और कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी के कारण भी धूल ज्यादा उड़ती है जो पैनल पर जमा हो जाती है. अगर इसे समय रहते साफ न किया जा तो एनर्जी जनरेशन कम हो जाता है. धूल-मिट्टी सनलाइट को ब्लॉक कर देती है और पैनल की एफिशिएंसी कम होने लगती है. इससे बचने के लिए पैनल को महीने में कम से कम एक बार साफ कर लें.
सोलर पैनल में हॉटस्पॉट
कई बार पैनल का एक छोटा-सा हिस्सा बाकी सरफेस से ज्यादा गर्म हो जाता है. आमतौर पर क्रैक या इंटरनल डैमेज के कारण ऐसा होता है. जब उस जगह से इलेक्ट्रिसिटी पास नहीं हो पाती है तो वहां एक स्पॉट बन जाता है, जिसे हॉटस्पॉट कहा जाता है. ये आसानी से नजर नहीं आते, लेकिन कई बार पूरे पैनल की परफॉर्मेंस को कम कर देते हैं. समाधान की बात करें तो प्रोफेशनल टेक्निशियन को बुलाकर इसे दिखाना चाहिए.
क्रैक या फिजिकल डैमेज
ट्रांसपोर्टेशन से लेकर इंस्टॉलेशन तक पैनल में क्रैक या फिजिकल डैमेज आने का खतरा रहता है. क्रैक ग्लास सरफेस पर भी हो सकती है और इंटरनल सोलर सेल में भी. अगर कहीं भी एक छोटी-सी भी क्रैक है तो यह पूरे पैनल में इलेक्ट्रिसिटी के फ्लो पर डिस्टर्ब कर सकती है, जिससे सोलर एनर्जी सिस्टम की परफॉर्मेंस कम हो जाती है. इसी तरह कई बार मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस में गड़बड़ के कारण भी डिलेमिनेशन और सॉल्डरिंग डिफेक्ट जैसी दिक्कतें रह जाती हैं, जो परफॉर्मेंस और एफिशिएंसी पर असर डालती हैं.
वायरिंग डिफेक्ट
कई बार ऐसा भी हो सकता है कि सोलर पैनल में कोई दिक्कत नहीं होती, लेकिन फिर भी यह सिस्टम पूरी ताकत के साथ काम नहीं कर पाता. ऐसा तब होता है, जब वायरिंग में कोई प्रॉब्लम रह गई हो. कनेक्शन लूज रह जाना, खराब क्वालिटी का वायर यूज करना या वायर को ठीक से मैनेज न किए जाने पर भी परफॉर्मेंस में कमी आ सकती है.
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अब मशीनों को मिलेगा इंसानी दिमाग? स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक स्किन बनाने में जुटे रिसर्चर
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