Shani Dev: नौकरी, पैसा और पारिवारिक समस्या..कहीं शनि आपसे नाराज तो नहीं, न करें ये गलती

Shani Dev: शनि कर्म प्रधान देवता है. उनका न्याय किसी व्यक्ति के पक्ष या विरोध में नहीं, बल्कि उसके कर्मों के आधार पर होता है. आज के दौर में लोग दूसरों के आगे निकलने की होड़ में कुछ ऐसी छोटी गलतिया कर जात हैं जो उनके तमाम सुखों पर ग्रहण लगा देते हैं. मेहनत करने के बाद भी पैसा नहीं बचता, आए दिन किसी बीमारी के शिकार रहते हैं, मानसिक तौर पर समस्याएं कम होने का नाम नहीं लेती. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ऐसा तब होता है जब शनि आपसे नाराज हों. कौन से ऐसे लोग हैं जिसने शनि नाराज रहते हैं. क्या है शनि को प्रसन्न करने के उपाय जान लें.   शनि देव किन लोगों से नाराज रहते हैं अन्याय और धोखा करने वाले लोग जो लोग दूसरों के साथ छल, कपट या बेईमानी करते हैं, शनि देव उन्हें सबक सिखाते हैं. क्या सजा देते हैं - धोखा देने पर शनि वित्तीय नुकसान, कानूनी परेशानी या प्रतिष्ठा गिरने के रूप में दंड देता है. गरीब और कमजोरों को सताने वाले शनि देव को “श्रमिकों और निम्न वर्ग का कारक” माना जाता है. जरूरतमंदों, बुजुर्गों, या मजदूर वर्ग का अपमान करने वालों पर शनि की विशेष दृष्टि कठोर मानी जाती है. क्या सजा देते है - हंसती खेलते जीवन में अचानक कष्ट आना, बीमारी, नौकरी में समस्या या सामाजिक अपमान होना. अहंकारी और घमंडी व्यक्ति ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जो लोग अपनी सफलता पर घमंड करते हैं और दूसरों को नीचा दिखाते हैं, वे शनि के अप्रसन्न होते हैं. अक्सर व्यक्ति पैसे और पद के मद में चूर होकर दूसरों को तन या मन से कष्ट पहुंचाता है. क्या सजा देते हैं - शनि देव व्यक्ति को विनम्रता सिखाते हैं, इन अप्रिय कार्य करने पर शनि व्यक्ति को अर्श से फर्श पर ले आते हैं. इसलिए कई बार अचानक सफलता के बाद गिरावट भी शनि का ही खेल माना जाता है. बुजुर्गों और गुरुओं का अनादर बड़ों, माता-पिता या गुरु का अपमान करना शनि की दृष्टि में गंभीर दोष माना जाता है. क्या सजा देते हैं - बेरोजार रहना, मानसिक प्रताड़ना, परिवार में क्लेश, तलाक तक की नौबत आ जाती है. मेहनत से बचने वाले (आलसी लोग) शनि देव कर्म और परिश्रम के प्रतीक हैं, इसलिए कामचोरी करने वालों को कष्ट झेलना पड़ सकता है. शनि देव बताते हैं बिना मेहनत के स्थायी सफलता नहीं मिलती. क्या सजा देते हैं - काम में रुकावट, प्रमोशन में देरी, बार-बार असफलता गलत आदतों और बुरे कर्मों में लिप्त लोग नशा, गलत संगति, अनैतिक कार्य - ये सब शनि के नकारात्मक प्रभाव को बढ़ाते हैं. आज के दौर में व्यक्ति किसी न किसी तरह के नशे में डूबा है.ज्योतिष में यही उसकी असंतुष्टी और तनाव का कारण माना गया है. क्या सजा देते हैं - आर्थिक नुकसान, स्वास्थ्य समस्या, मानसिक अशांति सच्चे न्यायाधीश कहलाए शनि देव का न्याय डराने के लिए नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित और सही दिशा में ले जाने के लिए होता है.शनि देव अमीर-गरीब, बड़ा-छोटा नहीं देखते. हर किसी के साथ समान और निष्पक्ष व्यवहार करते हैं इसलिए इन्हें सच्चा न्यायाधीश कहा जाता है. वे हमें सिखाते हैं कि जैसा कर्म करेंगे, वैसा ही फल मिलेगा. Vaishakh Amavasya 2026: वैशाख अमावस्या 16 या 17 अप्रैल कब ? स्नान-दान का मुहूर्त, पितृ पूजा किस दिन करें Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. 

Apr 16, 2026 - 16:30
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Shani Dev: शनि कर्म प्रधान देवता है. उनका न्याय किसी व्यक्ति के पक्ष या विरोध में नहीं, बल्कि उसके कर्मों के आधार पर होता है. आज के दौर में लोग दूसरों के आगे निकलने की होड़ में कुछ ऐसी छोटी गलतिया कर जात हैं जो उनके तमाम सुखों पर ग्रहण लगा देते हैं.

मेहनत करने के बाद भी पैसा नहीं बचता, आए दिन किसी बीमारी के शिकार रहते हैं, मानसिक तौर पर समस्याएं कम होने का नाम नहीं लेती. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ऐसा तब होता है जब शनि आपसे नाराज हों. कौन से ऐसे लोग हैं जिसने शनि नाराज रहते हैं. क्या है शनि को प्रसन्न करने के उपाय जान लें.

 

शनि देव किन लोगों से नाराज रहते हैं

अन्याय और धोखा करने वाले लोग

जो लोग दूसरों के साथ छल, कपट या बेईमानी करते हैं, शनि देव उन्हें सबक सिखाते हैं.

  • क्या सजा देते हैं - धोखा देने पर शनि वित्तीय नुकसान, कानूनी परेशानी या प्रतिष्ठा गिरने के रूप में दंड देता है.

गरीब और कमजोरों को सताने वाले

शनि देव को “श्रमिकों और निम्न वर्ग का कारक” माना जाता है. जरूरतमंदों, बुजुर्गों, या मजदूर वर्ग का अपमान करने वालों पर शनि की विशेष दृष्टि कठोर मानी जाती है.

क्या सजा देते है - हंसती खेलते जीवन में अचानक कष्ट आना, बीमारी, नौकरी में समस्या या सामाजिक अपमान होना.

अहंकारी और घमंडी व्यक्ति

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जो लोग अपनी सफलता पर घमंड करते हैं और दूसरों को नीचा दिखाते हैं, वे शनि के अप्रसन्न होते हैं. अक्सर व्यक्ति पैसे और पद के मद में चूर होकर दूसरों को तन या मन से कष्ट पहुंचाता है.

  • क्या सजा देते हैं - शनि देव व्यक्ति को विनम्रता सिखाते हैं, इन अप्रिय कार्य करने पर शनि व्यक्ति को अर्श से फर्श पर ले आते हैं. इसलिए कई बार अचानक सफलता के बाद गिरावट भी शनि का ही खेल माना जाता है.

बुजुर्गों और गुरुओं का अनादर

बड़ों, माता-पिता या गुरु का अपमान करना शनि की दृष्टि में गंभीर दोष माना जाता है.

  • क्या सजा देते हैं - बेरोजार रहना, मानसिक प्रताड़ना, परिवार में क्लेश, तलाक तक की नौबत आ जाती है.

मेहनत से बचने वाले (आलसी लोग)

शनि देव कर्म और परिश्रम के प्रतीक हैं, इसलिए कामचोरी करने वालों को कष्ट झेलना पड़ सकता है. शनि देव बताते हैं बिना मेहनत के स्थायी सफलता नहीं मिलती.

  • क्या सजा देते हैं - काम में रुकावट, प्रमोशन में देरी, बार-बार असफलता

गलत आदतों और बुरे कर्मों में लिप्त लोग

नशा, गलत संगति, अनैतिक कार्य - ये सब शनि के नकारात्मक प्रभाव को बढ़ाते हैं. आज के दौर में व्यक्ति किसी न किसी तरह के नशे में डूबा है.ज्योतिष में यही उसकी असंतुष्टी और तनाव का कारण माना गया है.

  • क्या सजा देते हैं - आर्थिक नुकसान, स्वास्थ्य समस्या, मानसिक अशांति

सच्चे न्यायाधीश कहलाए

शनि देव का न्याय डराने के लिए नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित और सही दिशा में ले जाने के लिए होता है.शनि देव अमीर-गरीब, बड़ा-छोटा नहीं देखते. हर किसी के साथ समान और निष्पक्ष व्यवहार करते हैं इसलिए इन्हें सच्चा न्यायाधीश कहा जाता है. वे हमें सिखाते हैं कि जैसा कर्म करेंगे, वैसा ही फल मिलेगा.

Vaishakh Amavasya 2026: वैशाख अमावस्या 16 या 17 अप्रैल कब ? स्नान-दान का मुहूर्त, पितृ पूजा किस दिन करें

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. 

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