Salary Claim: '2.5 लाख है अब 1 लाख के बराबर', सोशल मीडिया पर इस आंत्रप्रिन्योर की सैलरी पर पोस्ट ने छेड़ी बहस

Salary Claim: ये दौर महंगाई का दौर है, इस बात से किसी भी तरह से कोई मुकर नहीं सकता. महंगाई इस समय में दिन दोगुनी और रात चौगुनी की रफ्तार से बढ़ रही है. तेल- गैस के दामों में इजाफा, किराया- भाड़ा में बढ़ोतरी, ब्याजदरों में बढ़ोतरी, हर तरह से जनता के ऊपर महंगाई की मार पड़ रही है. इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि लोगों की सैलरी भी अब ना के बराबर लगती है. ऐसा हम नहीं बल्कि बेंगलुरु के एक आंतत्रप्रिन्योर का कहना है. दरअसल सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है. जिसमें नए दौर की नई सैलरी के बारे में बात की जा रही है. इस पोस्ट में बताया गया है कि आजकल मेट्रो सिटी में जो सैलरी लोगों को मिल रही है, वो असल खर्च से काफी कम है. ये पोस्ट बेंगलुरु के रहने वाले एक आंत्रप्रिन्योर की है, जिनके इस इस पोस्ट ने सोशल मीडिया पर तगड़ी बहस छेड़ दी है. ये भी पढ़ें: Gold Price: सोने के साथ पिछले 18 सालों में ऐसा नहीं हुआ, जो जून में हुआ, 2008 के बाद सबसे बड़ी मासिक गिरावट दर्ज क्या है पोस्ट?बेंगुलुरु के रहने वाले एक आंत्रप्रिन्योर निकेत राज द्विवेदी ने कुछ दिन पहले एक ट्वीट किया. इस ट्वीट में उन्होंने लिखा, '2.5 लाख हर महीने नया 1 लाख रुपये है'. जिसका सीधे तौर पर मतलब है कि यदि आपकी सैलरी ढाई लाख रुपये है तो ये आज के दौर के हिसाब से 1 लाख रुपये के बराबर है. इतना ही नहीं उन्होंने इसके लिए दो शहरों का नाम भी लिखा, 'खासतौर से मुंबई और बेंगलुरु' जैसे शहरों के लिए. यहां देखें पोस्ट: 2.5 Lac per month is the new 1 Lac — Niket Raj Dwivedi (@niketrajdwivedi) June 24, 2026 सोशल मीडिया पर छिड़ी बहसनिकेत के इस ट्वीट को लेकर सोशल मीडिया पर काफी तगड़ी बहस छिड़ गई है. कई यूजर्स उनके इस ट्वीट से सहमत हैं, तो कई लोग इसके खिलाफ भी नजर आ रहे हैं. एक यूजर ने इस पर कमेंट करते हुए लिखा, 'कई लोग असलियत से कितना दूर है, ये बात वाकई इम्प्रेसिव है.' तो वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा, 'वाकई, अब 28 लाख LPA को नॉर्मल समझना चाहिए.' तो वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा, '1 लाख हर महीने सैलरी को 20 हजार समझना चाहिए.' Genuinely impressive how detached from reality some people are — Vaibhav Shivrain (@Vaibnof) June 25, 2026   Genuinely impressive how detached from reality some people are — Vaibhav Shivrain (@Vaibnof) June 25, 2026 ये भी पढ़ें: सरकार ने PNB-SBI और केनरा बैंक के विलय को दी मंजूरी? क्या इन बैंकों में है आपका खाता? पढ़ लें ये जरूरी खबर इस पोस्ट पर इसी तरह के कमेंट्स लोगों के आ रहे हैं. ये बात तो साफ है कि महंगाई का दौर है, रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाले सामान तक काफी महंगे हो रहे हैं. ऐसे में निकेत की बात को पूरी तरह से सिरे से खारिज भी नहीं किया जा सकता. हालांकि निकेत केवल मेट्रो सिटीज की बात कर रहे हैं. छोटे शहरों में कई लोगों की सैलरी 40-50 हजार या उससे कम भी होती है, जिसमें उन्हें हर हाल में गुजारा करना पड़ता है.

Jul 1, 2026 - 02:30
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Salary Claim: '2.5 लाख है अब 1 लाख के बराबर', सोशल मीडिया पर इस आंत्रप्रिन्योर की सैलरी पर पोस्ट ने छेड़ी बहस

Salary Claim: ये दौर महंगाई का दौर है, इस बात से किसी भी तरह से कोई मुकर नहीं सकता. महंगाई इस समय में दिन दोगुनी और रात चौगुनी की रफ्तार से बढ़ रही है. तेल- गैस के दामों में इजाफा, किराया- भाड़ा में बढ़ोतरी, ब्याजदरों में बढ़ोतरी, हर तरह से जनता के ऊपर महंगाई की मार पड़ रही है. इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि लोगों की सैलरी भी अब ना के बराबर लगती है. ऐसा हम नहीं बल्कि बेंगलुरु के एक आंतत्रप्रिन्योर का कहना है.

दरअसल सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है. जिसमें नए दौर की नई सैलरी के बारे में बात की जा रही है. इस पोस्ट में बताया गया है कि आजकल मेट्रो सिटी में जो सैलरी लोगों को मिल रही है, वो असल खर्च से काफी कम है. ये पोस्ट बेंगलुरु के रहने वाले एक आंत्रप्रिन्योर की है, जिनके इस इस पोस्ट ने सोशल मीडिया पर तगड़ी बहस छेड़ दी है.

ये भी पढ़ें: Gold Price: सोने के साथ पिछले 18 सालों में ऐसा नहीं हुआ, जो जून में हुआ, 2008 के बाद सबसे बड़ी मासिक गिरावट दर्ज

क्या है पोस्ट?
बेंगुलुरु के रहने वाले एक आंत्रप्रिन्योर निकेत राज द्विवेदी ने कुछ दिन पहले एक ट्वीट किया. इस ट्वीट में उन्होंने लिखा, '2.5 लाख हर महीने नया 1 लाख रुपये है'. जिसका सीधे तौर पर मतलब है कि यदि आपकी सैलरी ढाई लाख रुपये है तो ये आज के दौर के हिसाब से 1 लाख रुपये के बराबर है. इतना ही नहीं उन्होंने इसके लिए दो शहरों का नाम भी लिखा, 'खासतौर से मुंबई और बेंगलुरु' जैसे शहरों के लिए. यहां देखें पोस्ट:

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
निकेत के इस ट्वीट को लेकर सोशल मीडिया पर काफी तगड़ी बहस छिड़ गई है. कई यूजर्स उनके इस ट्वीट से सहमत हैं, तो कई लोग इसके खिलाफ भी नजर आ रहे हैं. एक यूजर ने इस पर कमेंट करते हुए लिखा, 'कई लोग असलियत से कितना दूर है, ये बात वाकई इम्प्रेसिव है.' तो वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा, 'वाकई, अब 28 लाख LPA को नॉर्मल समझना चाहिए.' तो वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा, '1 लाख हर महीने सैलरी को 20 हजार समझना चाहिए.'

 

ये भी पढ़ें: सरकार ने PNB-SBI और केनरा बैंक के विलय को दी मंजूरी? क्या इन बैंकों में है आपका खाता? पढ़ लें ये जरूरी खबर

इस पोस्ट पर इसी तरह के कमेंट्स लोगों के आ रहे हैं. ये बात तो साफ है कि महंगाई का दौर है, रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाले सामान तक काफी महंगे हो रहे हैं. ऐसे में निकेत की बात को पूरी तरह से सिरे से खारिज भी नहीं किया जा सकता. हालांकि निकेत केवल मेट्रो सिटीज की बात कर रहे हैं. छोटे शहरों में कई लोगों की सैलरी 40-50 हजार या उससे कम भी होती है, जिसमें उन्हें हर हाल में गुजारा करना पड़ता है.

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