Republic Day 2026: कर्नल सोफिया कुरैशी के अलावा ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े किन 'हीरोज' को मिला अवॉर्ड? जानें

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या के मौके पर भारत सरकार ने पद्म पुरस्कार समेत सैन्य अलंकरण देने की घोषणा की है. इस बार ऑपरेशन सिंदूर के नायकों को उनके अदम्य साहस के लिए सम्मानित करने का फैसला लिया गया है. ऑपरेशन सिंदूर की कमान अपने हाथ में लेने वाले और सैन्य कार्रवाई में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने में प्रत्यक्ष भूमिका निभाने के लिए कर्नल अमित कुमार यादव और कर्नल विनय कुमार पांडेय को सम्मानित किया गया है. इनके अलावा सरकार ने दुनिया में ऑपरेशन सिंदूर की आवाज को पहुंचाने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी को विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित करने की घोषणा की है.  साथ ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने देश की सेवा में उत्कृष्ट, साहसिक और अनुकरणीय योगदान के लिए सशस्त्र बलों एवं बॉर्डर रोड्स डेवलपमेंट बोर्ड (बीआरडीबी) के कुल 98 कर्मियों को मेंशन-इन-डिस्पैचेस प्रदान करने की स्वीकृति दी है. इनमें पांच सम्मान मरणोपरांत दिए गए हैं. इन 98 सम्मानों में भारतीय सेना के 81 कर्मी, भारतीय नौसेना के 15 कर्मी, और बॉर्डर रोड्स डेवलपमेंट बोर्ड के दो कर्मी (दोनों मरणोपरांत) शामिल हैं. 301 जवानों को सैन्य अलंकरण से नवाजा जाएगा राष्ट्रपति ने सशस्त्र बलों और अन्य कर्मियों को 301 सैन्य अलंकरण देने की भी स्वीकृति दी है. इनमें 30 परम विशिष्ट सेवा मेडल, 4 उत्तम युद्ध सेवा मेडल, 56 अति विशिष्ट सेवा मेडल, 9 युद्ध सेवा मेडल, 2 बार टू सेना मेडल, 43 सेना मेडल, 8 नौसेना मेडल, 14 वायु सेना मेडल व 135 विशिष्ट सेवा मेडल शामिल हैं. राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद सरकार ने कर्नल सोफिया कुरैशी को विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) से सम्मानित करने की घोषणा की है. भारतीय सेना के कर्मियों को विभिन्न ऑपरेशनों और विशेष कार्यों में अदम्य साहस, नेतृत्व क्षमता, पेशेवर दक्षता और राष्ट्र के प्रति समर्पण के लिए सम्मानित किया गया है. मरणोपरांत सम्मानित किए जाने वाले वीरों में हवलदार याकूब मसीह, नायक नवीन पौडेल, अग्निवीर अजीत सिंह राजपूत, बॉर्डर रोड्स डेवलपमेंट बोर्ड के सीपी स्किल्ड गणेश सिंह और सीपी मेट ढुन्ना टुडू शामिल हैं. मेंशन-इन-डिस्पैचेस सम्मान किन्हें मिला? मेंशन-इन-डिस्पैचेस सम्मान प्राप्त करने वाले सेना कर्मियों में से 2 सैन्य कर्मी ऑपरेशन सिंदूर से, 17 कर्मी ऑपरेशन रक्षक, 11 कर्मी ऑपरेशन स्नो लेपर्ड, 11 कर्मी ऑपरेशन हिफाजज, 5 कर्मी ऑपरेशन ऑर्किड, 2 कर्मी ऑपरेशन मेघदूत, 1 कर्मी ऑपरेशन राइनो, 3 रेस्क्यू ऑपरेशन, 4 ऑपरेशन कैजुअल्टी एवैकुएशन, 1 ऑपरेशन सॉफेन, और 24 विविध ऑपरेशनों (3 मरणोपरांत) से हैं. इन विभिन्न अभियानों में आतंकवाद-रोधी कार्रवाई, सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा संचालन, उच्च ऊंचाई वाले दुर्गम इलाकों में तैनाती, विशेष बलों के ऑपरेशन, आपदा राहत, चिकित्सा एवं हवाई निकासी जैसे चुनौतीपूर्ण कार्य शामिल रहे. भारतीय नौसेना के 15 अधिकारियों एवं नाविकों को समुद्री सुरक्षा, परिचालन तत्परता, तकनीकी दक्षता तथा राष्ट्रहित में किए गए विशिष्ट योगदान के लिए मेंशन-इन-डिस्पैचेस से सम्मानित किया गया है. बीआरडीबी के दो कर्मियों को मरणोपरांत यह सम्मान प्रदान किया गया है. इन कर्मियों ने दुर्गम और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में राष्ट्र के सामरिक बुनियादी ढांचे के निर्माण एवं रखरखाव में सर्वोच्च बलिदान दिया. मेंशन-इन-डिस्पैचेस उन कर्मियों को दिया जाता है जिन्होंने अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए असाधारण साहस, निष्ठा और पेशेवर उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया हो. यह सम्मान देश की सुरक्षा, अखंडता और नागरिकों की रक्षा में सशस्त्र बलों के निरंतर समर्पण का प्रतीक है.

Jan 25, 2026 - 23:30
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Republic Day 2026: कर्नल सोफिया कुरैशी के अलावा ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े किन 'हीरोज' को मिला अवॉर्ड? जानें

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या के मौके पर भारत सरकार ने पद्म पुरस्कार समेत सैन्य अलंकरण देने की घोषणा की है. इस बार ऑपरेशन सिंदूर के नायकों को उनके अदम्य साहस के लिए सम्मानित करने का फैसला लिया गया है. ऑपरेशन सिंदूर की कमान अपने हाथ में लेने वाले और सैन्य कार्रवाई में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने में प्रत्यक्ष भूमिका निभाने के लिए कर्नल अमित कुमार यादव और कर्नल विनय कुमार पांडेय को सम्मानित किया गया है. इनके अलावा सरकार ने दुनिया में ऑपरेशन सिंदूर की आवाज को पहुंचाने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी को विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित करने की घोषणा की है. 

साथ ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने देश की सेवा में उत्कृष्ट, साहसिक और अनुकरणीय योगदान के लिए सशस्त्र बलों एवं बॉर्डर रोड्स डेवलपमेंट बोर्ड (बीआरडीबी) के कुल 98 कर्मियों को मेंशन-इन-डिस्पैचेस प्रदान करने की स्वीकृति दी है. इनमें पांच सम्मान मरणोपरांत दिए गए हैं. इन 98 सम्मानों में भारतीय सेना के 81 कर्मी, भारतीय नौसेना के 15 कर्मी, और बॉर्डर रोड्स डेवलपमेंट बोर्ड के दो कर्मी (दोनों मरणोपरांत) शामिल हैं.

301 जवानों को सैन्य अलंकरण से नवाजा जाएगा

राष्ट्रपति ने सशस्त्र बलों और अन्य कर्मियों को 301 सैन्य अलंकरण देने की भी स्वीकृति दी है. इनमें 30 परम विशिष्ट सेवा मेडल, 4 उत्तम युद्ध सेवा मेडल, 56 अति विशिष्ट सेवा मेडल, 9 युद्ध सेवा मेडल, 2 बार टू सेना मेडल, 43 सेना मेडल, 8 नौसेना मेडल, 14 वायु सेना मेडल व 135 विशिष्ट सेवा मेडल शामिल हैं. राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद सरकार ने कर्नल सोफिया कुरैशी को विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) से सम्मानित करने की घोषणा की है.

भारतीय सेना के कर्मियों को विभिन्न ऑपरेशनों और विशेष कार्यों में अदम्य साहस, नेतृत्व क्षमता, पेशेवर दक्षता और राष्ट्र के प्रति समर्पण के लिए सम्मानित किया गया है. मरणोपरांत सम्मानित किए जाने वाले वीरों में हवलदार याकूब मसीह, नायक नवीन पौडेल, अग्निवीर अजीत सिंह राजपूत, बॉर्डर रोड्स डेवलपमेंट बोर्ड के सीपी स्किल्ड गणेश सिंह और सीपी मेट ढुन्ना टुडू शामिल हैं.

मेंशन-इन-डिस्पैचेस सम्मान किन्हें मिला?

मेंशन-इन-डिस्पैचेस सम्मान प्राप्त करने वाले सेना कर्मियों में से 2 सैन्य कर्मी ऑपरेशन सिंदूर से, 17 कर्मी ऑपरेशन रक्षक, 11 कर्मी ऑपरेशन स्नो लेपर्ड, 11 कर्मी ऑपरेशन हिफाजज, 5 कर्मी ऑपरेशन ऑर्किड, 2 कर्मी ऑपरेशन मेघदूत, 1 कर्मी ऑपरेशन राइनो, 3 रेस्क्यू ऑपरेशन, 4 ऑपरेशन कैजुअल्टी एवैकुएशन, 1 ऑपरेशन सॉफेन, और 24 विविध ऑपरेशनों (3 मरणोपरांत) से हैं.

इन विभिन्न अभियानों में आतंकवाद-रोधी कार्रवाई, सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा संचालन, उच्च ऊंचाई वाले दुर्गम इलाकों में तैनाती, विशेष बलों के ऑपरेशन, आपदा राहत, चिकित्सा एवं हवाई निकासी जैसे चुनौतीपूर्ण कार्य शामिल रहे.

भारतीय नौसेना के 15 अधिकारियों एवं नाविकों को समुद्री सुरक्षा, परिचालन तत्परता, तकनीकी दक्षता तथा राष्ट्रहित में किए गए विशिष्ट योगदान के लिए मेंशन-इन-डिस्पैचेस से सम्मानित किया गया है. बीआरडीबी के दो कर्मियों को मरणोपरांत यह सम्मान प्रदान किया गया है. इन कर्मियों ने दुर्गम और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में राष्ट्र के सामरिक बुनियादी ढांचे के निर्माण एवं रखरखाव में सर्वोच्च बलिदान दिया.

मेंशन-इन-डिस्पैचेस उन कर्मियों को दिया जाता है जिन्होंने अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए असाधारण साहस, निष्ठा और पेशेवर उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया हो. यह सम्मान देश की सुरक्षा, अखंडता और नागरिकों की रक्षा में सशस्त्र बलों के निरंतर समर्पण का प्रतीक है.

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