Red Chilli Cancer Link: जरूरत से ज्यादा तीखा तो नहीं खा रहे हैं आप, बन सकता है कैंसर का कारण

Cancer Risk From Spicy Food: दुनिया भर में लोग तीखा खाने के शौकीन हैं, चाहे बात हो भारतीय करी की या मैक्सिकन साल्सा की. लाल मिर्च न सिर्फ खाने का स्वाद और गर्माहट बढ़ाती है, बल्कि मेटाबॉलिज्म को भी थोड़ा तेज करती है. लेकिन पिछले कुछ सालों में साइंटिस्ट यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या लगातार बहुत ज्यादा मिर्च खाने से डाइजेशन से जुड़े कुछ कैंसर का खतरा बढ़ सकता है. Frontiers in Nutrition जर्नल में पब्लिश एक स्टडी में इस विषय को विस्तार से परखा गया है. रिसर्च के अनुसार, मिर्च में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट गुण थोड़ी मात्रा में फायदेमंद हो सकते हैं, लेकिन बहुत अधिक सेवन से अन्ननली, पेट और कोलन कैंसर का खतरा बढ़ सकता है. भारत में कोलोरेक्टल कैंसर तीसरा सबसे आम कैंसर है और समय रहते इलाज शुरू हो जाए तो इसका उपचार पूरी तरह संभव है. कैसे ज्यादा मिर्च खाना कितना खतरनाक? मिर्च में मौजूद कैप्सेसिन वह तत्व है जो इसे तीखापन देता है. इसे दर्द कम करने, सूजन घटाने और फैट बर्निंग जैसी खूबियों के लिए जाना जाता है. लेकिन कैंसर को इसके प्रभावों को लेकर मिक्स परिणाम सामने आए हैं. ज्यादा मात्रा में लाल मिर्च खासतौर पर कच्ची या बहुत तीखी लंबे समय तक खाने से डाइजेशन सिस्टम में जलन और सूजन बढ़ सकती है. धीरे-धीरे यही सूजन सेल्स को नुकसान पहुंचा सकती है, जिससे कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है. वहीं कम मात्रा में मिर्च, खासकर यदि आहार में पर्याप्त सब्जियां, फल और फाइबर हों, तो नुकसान नहीं पहुंचाती. दही जैसे कूलिंग खाने के पदार्थों के साथ मिर्च खाना या पकाकर खाना पेट की जलन कम करता है. बहुत ज्यादा मिर्च खाने से पेट के कैंसर का खतरा Frontiers in Nutrition में पब्लिश स्टडी ने दुनिया भर के हजारों लोगों पर हुई रिसर्च को शामिल किया. निष्कर्ष ये बताते हैं कि बहुत तीखा खाना रोजाना या बड़ी मात्रा में खाने वाले लोगों में डाइजेशन सिस्टम के कैंसर का जोखिम बढ़ा पाया गया. हल्के से मध्यम स्तर पर मिर्च का सेवन नुकसान नहीं करता, और कैप्सेसिन के कारण कुछ फायदे भी दे सकता है. बहुत ज्यादा मिर्च खाने और धूम्रपान या शराब सेवन करने पर खतरा और बढ़ जाता है. किस प्रकार की मिर्च खाई जा रही है और आपकी बाकी डाइट कैसी है, यह सब जोखिम को प्रभावित करता है. मिर्च खाने के फायदे लाल मिर्च नुकसानदायक नहीं है, बल्कि सही मात्रा में कई फायदे देती है. इससे मेटाबॉलिज्म बढ़ाती है, कैप्सेसिन कैलोरी बर्न करने में मदद करती है. यह दिल के लिए भी अच्छा है, सीमित मात्रा में खाने से ब्लड फ्लो और कोलेस्ट्रॉल पर अच्छा असर हो सकता है. इसे एंटीऑक्सिडेंट्स का सोर्स भी माना जाता है, जिससे विटामिन C, बीटा-कैरोटीन और अन्य घटक शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाते हैं. इसे भी पढ़ें: कौन-सी दवाएं ज्यादा बनाती है देश की फार्मा इंडस्ट्री, आपकी सेहत के लिए क्या है फ्यूचर प्लानिंग? Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Nov 27, 2025 - 17:30
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Red Chilli Cancer Link: जरूरत से ज्यादा तीखा तो नहीं खा रहे हैं आप, बन सकता है कैंसर का कारण

Cancer Risk From Spicy Food: दुनिया भर में लोग तीखा खाने के शौकीन हैं, चाहे बात हो भारतीय करी की या मैक्सिकन साल्सा की. लाल मिर्च न सिर्फ खाने का स्वाद और गर्माहट बढ़ाती है, बल्कि मेटाबॉलिज्म को भी थोड़ा तेज करती है. लेकिन पिछले कुछ सालों में साइंटिस्ट यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या लगातार बहुत ज्यादा मिर्च खाने से डाइजेशन से जुड़े कुछ कैंसर का खतरा बढ़ सकता है. Frontiers in Nutrition जर्नल में पब्लिश एक स्टडी में इस विषय को विस्तार से परखा गया है. रिसर्च के अनुसार, मिर्च में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट गुण थोड़ी मात्रा में फायदेमंद हो सकते हैं, लेकिन बहुत अधिक सेवन से अन्ननली, पेट और कोलन कैंसर का खतरा बढ़ सकता है. भारत में कोलोरेक्टल कैंसर तीसरा सबसे आम कैंसर है और समय रहते इलाज शुरू हो जाए तो इसका उपचार पूरी तरह संभव है.

कैसे ज्यादा मिर्च खाना कितना खतरनाक?

मिर्च में मौजूद कैप्सेसिन वह तत्व है जो इसे तीखापन देता है. इसे दर्द कम करने, सूजन घटाने और फैट बर्निंग जैसी खूबियों के लिए जाना जाता है. लेकिन कैंसर को इसके प्रभावों को लेकर मिक्स परिणाम सामने आए हैं. ज्यादा मात्रा में लाल मिर्च खासतौर पर कच्ची या बहुत तीखी लंबे समय तक खाने से डाइजेशन सिस्टम में जलन और सूजन बढ़ सकती है. धीरे-धीरे यही सूजन सेल्स को नुकसान पहुंचा सकती है, जिससे कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है.

वहीं कम मात्रा में मिर्च, खासकर यदि आहार में पर्याप्त सब्जियां, फल और फाइबर हों, तो नुकसान नहीं पहुंचाती. दही जैसे कूलिंग खाने के पदार्थों के साथ मिर्च खाना या पकाकर खाना पेट की जलन कम करता है.

बहुत ज्यादा मिर्च खाने से पेट के कैंसर का खतरा

Frontiers in Nutrition में पब्लिश स्टडी ने दुनिया भर के हजारों लोगों पर हुई रिसर्च को शामिल किया. निष्कर्ष ये बताते हैं कि बहुत तीखा खाना रोजाना या बड़ी मात्रा में खाने वाले लोगों में डाइजेशन सिस्टम के कैंसर का जोखिम बढ़ा पाया गया. हल्के से मध्यम स्तर पर मिर्च का सेवन नुकसान नहीं करता, और कैप्सेसिन के कारण कुछ फायदे भी दे सकता है. बहुत ज्यादा मिर्च खाने और धूम्रपान या शराब सेवन करने पर खतरा और बढ़ जाता है. किस प्रकार की मिर्च खाई जा रही है और आपकी बाकी डाइट कैसी है, यह सब जोखिम को प्रभावित करता है.

मिर्च खाने के फायदे

लाल मिर्च नुकसानदायक नहीं है, बल्कि सही मात्रा में कई फायदे देती है. इससे मेटाबॉलिज्म बढ़ाती है, कैप्सेसिन कैलोरी बर्न करने में मदद करती है. यह दिल के लिए भी अच्छा है, सीमित मात्रा में खाने से ब्लड फ्लो और कोलेस्ट्रॉल पर अच्छा असर हो सकता है. इसे एंटीऑक्सिडेंट्स का सोर्स भी माना जाता है, जिससे विटामिन C, बीटा-कैरोटीन और अन्य घटक शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाते हैं.

इसे भी पढ़ें: कौन-सी दवाएं ज्यादा बनाती है देश की फार्मा इंडस्ट्री, आपकी सेहत के लिए क्या है फ्यूचर प्लानिंग?

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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