Processed Food vs Ultra-Processed Food: प्रोसेस्ड और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड में कितना फर्क, कौन-सा आपकी सेहत के लिए ज्यादा खतरनाक?
Is Ultra-Processed Food Bad for Health: अक्सर लोग प्रोसेस्ड और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड को एक ही मान लेते हैं, लेकिन सेहत के लिहाज से दोनों में बड़ा अंतर है. सच यह है कि कुछ प्रोसेस्ड फूड नुकसानदेह नहीं होते, जबकि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का ज्यादा सेवन गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है. चलिए आपको बताते हैं कि दोनों में क्या अंतर होता है और आप इसको कैसे पता कर सकत हैं. प्रोसेस्ड फूड क्या होता है? यूएस डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर के मुताबिक, किसी प्राकृतिक खाने वाली चीजों में थोड़ा-बहुत बदलाव, जैसे कि पकाना, फ्रीज करना, काटना या जूस निकालना,उसे प्रोसेस्ड बना देता है. इस कैटेगरी में कई हेल्दी चीजें भी आती हैं, जैसे कटे हुए बेबी कैरट, फ्रोजन सब्ज़ियां या फ्लोरेट्स में कटी ब्रोकली. यानी हर प्रोसेस्ड फूड खराब नहीं होता. अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड क्या है? अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड एक कदम आगे होता है. इसमें ऐसे प्रोडक्ट शामिल हैं जो ज्यादातर फूड से निकले तत्वों या रसायनों से बनाए जाते हैं और जिनमें असली, साबुत भोजन बहुत कम या न के बराबर होता है. उदाहरण के तौर पर पैकेट वाले चिप्स, सॉफ्ट ड्रिंक्स, कैंडी, इंस्टेंट नूडल्स, रेडी-टू-ईट राइस या पास्ता. इन्हें बस गरम करना या पानी डालना होता है काम लगभग खत्म. ये क्यों हो सकते हैं खतरनाक? अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड सस्ते, स्वादिष्ट और सुविधाजनक ज़रूर होते हैं, लेकिन इनमें अक्सर- रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट ज्यादा नमक सैचुरेटेड फैट बहुत ज्यादा कैलोरी ऐसी चीजें जल्दी पेट नहीं भरतीं, जिससे इंसान जरूरत से ज्यादा खा लेता है, जो बाद में सेहत को नुकसान करती है. फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक फूड में इस्तेमाल होने वाले एडिटिव्स सुरक्षित माने जाते हैं, लेकिन कई एक्सपर्ट का कहना है कि इनके लंबे समय के असर अभी पूरी तरह समझे नहीं गए हैं. ज्यादा प्रोसेसिंग से फाइबर भी निकल जाता है, जिससे पाचन और आंतों के अच्छे बैक्टीरिया पर असर पड़ सकता है। रिसर्च में क्या निकला रिसर्च बताते हैं कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, कैंसर और समय से पहले मौत के खतरे से जुड़े हो सकते हैं. एक अध्ययन में यह भी पाया गया कि जो लोग अल्ट्रा-प्रोसेस्ड डाइट लेते हैं, वे ज्यादा खाते हैं और तेजी से वजन बढ़ाते हैं. क्या हर अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड बुरा है? अमेरिकन हार्ट एसोसिएसन से जुड़े एक्सपर्ट मानते हैं कि आज के दौर में प्रोसेस्ड और कुछ हद तक अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड से पूरी तरह बचना मुश्किल है. समस्या यह है कि ज्यादातर ऐसे प्रोडक्ट सेहत को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि स्वाद, कीमत और शेल्फ-लाइफ को प्राथमिकता देकर बनाए जाते हैं.एक्सपर्ट का कहना है कि जरूरत इस बात की है कि कंपनियां ज्यादा हेल्दी प्रोसेस्ड फूड बनाएं, और लोग समझदारी से चुनाव करें. एक बात का ध्यान रखना चाहिए कि पूरी तरह प्रोसेस्ड या अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड छोड़ना हर किसी के लिए आसान नहीं है, लेकिन जानकारी और समझदारी से चुनाव करके नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है. ये भी पढ़ें: पेट का भारीपन या मामूली थकान? नजरअंदाज न करें, जानिए फैटी लिवर की शुरुआती चेतावनी Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
Is Ultra-Processed Food Bad for Health: अक्सर लोग प्रोसेस्ड और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड को एक ही मान लेते हैं, लेकिन सेहत के लिहाज से दोनों में बड़ा अंतर है. सच यह है कि कुछ प्रोसेस्ड फूड नुकसानदेह नहीं होते, जबकि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का ज्यादा सेवन गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है. चलिए आपको बताते हैं कि दोनों में क्या अंतर होता है और आप इसको कैसे पता कर सकत हैं.
प्रोसेस्ड फूड क्या होता है?
यूएस डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर के मुताबिक, किसी प्राकृतिक खाने वाली चीजों में थोड़ा-बहुत बदलाव, जैसे कि पकाना, फ्रीज करना, काटना या जूस निकालना,उसे प्रोसेस्ड बना देता है. इस कैटेगरी में कई हेल्दी चीजें भी आती हैं, जैसे कटे हुए बेबी कैरट, फ्रोजन सब्ज़ियां या फ्लोरेट्स में कटी ब्रोकली. यानी हर प्रोसेस्ड फूड खराब नहीं होता.
अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड क्या है?
अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड एक कदम आगे होता है. इसमें ऐसे प्रोडक्ट शामिल हैं जो ज्यादातर फूड से निकले तत्वों या रसायनों से बनाए जाते हैं और जिनमें असली, साबुत भोजन बहुत कम या न के बराबर होता है. उदाहरण के तौर पर पैकेट वाले चिप्स, सॉफ्ट ड्रिंक्स, कैंडी, इंस्टेंट नूडल्स, रेडी-टू-ईट राइस या पास्ता. इन्हें बस गरम करना या पानी डालना होता है काम लगभग खत्म.
ये क्यों हो सकते हैं खतरनाक?
अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड सस्ते, स्वादिष्ट और सुविधाजनक ज़रूर होते हैं, लेकिन इनमें अक्सर-
- रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट
- ज्यादा नमक
- सैचुरेटेड फैट
- बहुत ज्यादा कैलोरी
ऐसी चीजें जल्दी पेट नहीं भरतीं, जिससे इंसान जरूरत से ज्यादा खा लेता है, जो बाद में सेहत को नुकसान करती है.
फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक फूड में इस्तेमाल होने वाले एडिटिव्स सुरक्षित माने जाते हैं, लेकिन कई एक्सपर्ट का कहना है कि इनके लंबे समय के असर अभी पूरी तरह समझे नहीं गए हैं. ज्यादा प्रोसेसिंग से फाइबर भी निकल जाता है, जिससे पाचन और आंतों के अच्छे बैक्टीरिया पर असर पड़ सकता है।
रिसर्च में क्या निकला
रिसर्च बताते हैं कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, कैंसर और समय से पहले मौत के खतरे से जुड़े हो सकते हैं. एक अध्ययन में यह भी पाया गया कि जो लोग अल्ट्रा-प्रोसेस्ड डाइट लेते हैं, वे ज्यादा खाते हैं और तेजी से वजन बढ़ाते हैं.
क्या हर अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड बुरा है?
अमेरिकन हार्ट एसोसिएसन से जुड़े एक्सपर्ट मानते हैं कि आज के दौर में प्रोसेस्ड और कुछ हद तक अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड से पूरी तरह बचना मुश्किल है. समस्या यह है कि ज्यादातर ऐसे प्रोडक्ट सेहत को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि स्वाद, कीमत और शेल्फ-लाइफ को प्राथमिकता देकर बनाए जाते हैं.एक्सपर्ट का कहना है कि जरूरत इस बात की है कि कंपनियां ज्यादा हेल्दी प्रोसेस्ड फूड बनाएं, और लोग समझदारी से चुनाव करें. एक बात का ध्यान रखना चाहिए कि पूरी तरह प्रोसेस्ड या अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड छोड़ना हर किसी के लिए आसान नहीं है, लेकिन जानकारी और समझदारी से चुनाव करके नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है.
ये भी पढ़ें: पेट का भारीपन या मामूली थकान? नजरअंदाज न करें, जानिए फैटी लिवर की शुरुआती चेतावनी
Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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