PM Yashasvi Yojna 2026 : ओबीसी और ईडब्ल्यूएस छात्रों को सालाना 1.25 लाख तक की आर्थिक मदद, आवेदन की आखिरी तारीख नजदीक

PM Yashasvi Yojna 2026 : हर छात्र का सपना होता है कि वह अच्छी पढ़ाई कर सकें, लेकिन कई परिवारों के लिए बढ़ता शिक्षा खर्च बड़ी चुनौती बन जाता है. फीस, किताबें, हॉस्टल और दूसरी जरूरी जरूरतों का खर्च उठाना हर किसी के लिए आसान नहीं होता है. ऐसे में केंद्र सरकार की पीएम यशस्वी स्कॉलरशिप योजना (PM YASASVI Yojana) आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन पढ़ाई में अच्छे छात्रों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है. इस योजना के तहत योग्य छात्रों को हर साल 75 हजार रुपये से लेकर 1.25 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है, जिससे छात्र बिना आर्थिक परेशानी के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें. वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और पात्र छात्र तय समय सीमा के अंदर आवेदन कर सकते हैं.  क्या है पीएम यशस्वी स्कॉलरशिप योजना? पीएम यशस्वी योजना केंद्र सरकार की एक छात्रवृत्ति योजना है, जिसे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय संचालित करता है. इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों को पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता देना है. इसके तहत छात्रों को फीस, किताबें, स्टेशनरी और पढ़ाई से जुड़े दूसरे जरूरी खर्चों के लिए मदद दी जाती है, जिससे परिवारों पर शिक्षा का आर्थिक बोझ कम हो सके.  कितनी मिलती है आर्थिक सहायता? योजना के तहत कक्षा 9 और 10 में पढ़ने वाले छात्रों को 75,000 रुपये प्रति वर्ष की छात्रवृत्ति दी जाती है. वहीं कक्षा 11 और 12 के छात्रों को 1,25,000 रुपये प्रति वर्ष तक की सहायता मिलती है. इसके अलावा उच्च शिक्षा या व्यावसायिक कोर्स करने वाले छात्रों को ट्यूशन फीस, किताबों का खर्च, हॉस्टल फीस और पढ़ाई से जुड़े अन्य खर्चों में भी आर्थिक सहायता दी जाती है. कुछ मामलों में रहने-खाने का खर्च और जरूरी शैक्षणिक सामग्री, जैसे लैपटॉप, भी उपलब्ध कराया जाता है.  कौन कर सकता है आवेदन? इस योजना का फायदा लेने के लिए छात्र का ओबीसी (OBC), आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग (EBC) या विमुक्त, घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू जनजाति (DNT) समुदाय से होना जरूरी है. इसके साथ ही परिवार की वार्षिक इनकम 2.5 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. छात्र कक्षा 9 या कक्षा 11 में पढ़ रहा हो और उसके स्कूल का बोर्ड लगातार 100 प्रतिशत रिजल्ट देने वाला होना चाहिए. इन सभी शर्तों को पूरा करने वाले छात्र आवेदन के पात्र होंगे.  यह भी पढ़ें - सिर्फ तीन फीट का कद, लेकिन दुनिया से कहीं ऊंचा हौसला शिक्षक संजीव मजूमदार की प्रेरणादायक कहानी  आवेदन की आखिरी तारीख कब है? वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. नए और नवीनीकरण दोनों तरह के आवेदन 1 जून 2026 से किए जा रहे हैं. आवेदन करने की आखिरी तारीख 31 अगस्त 2026 तय की गई है. इसके बाद शिक्षण संस्थान 15 सितंबर 2026 तक आवेदन का वेरिफिकेशन करेंगे, जबकि मंत्रालय स्तर पर वेरिफिकेशन की आखिरी तारीख 30 नवंबर 2026 तय की गई है.  कैसे करें आवेदन? आवेदन करने के लिए सबसे पहले NTA की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर Register ऑप्शन चुनना होगा. इसके बाद नाम, ईमेल आईडी, जन्मतिथि और पासवर्ड जैसी जरूरी जानकारी भरकर रजिस्ट्रेशन करना होगा. रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद आवेदन से जुड़ी PDF डाउनलोड की जा सकती है, जिसमें एप्लीकेशन नंबर दिया जाएगा. चयनित छात्रों की छात्रवृत्ति की राशि DBT (Direct Benefit Transfer) के जरिए सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी, जिससे फीस और पढ़ाई से जुड़े अन्य खर्च आसानी से पूरे किए जा सकें.  यह भी पढ़ें -  रटने की बीमारी से मिलेगी मुक्ति, इस तरीके से बच्चों को 4 गुना ज्यादा समय तक याद रहेगा सिलेबस

Jul 6, 2026 - 18:30
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PM Yashasvi Yojna 2026 : ओबीसी और ईडब्ल्यूएस छात्रों को सालाना 1.25 लाख तक की आर्थिक मदद, आवेदन की आखिरी तारीख नजदीक

PM Yashasvi Yojna 2026 : हर छात्र का सपना होता है कि वह अच्छी पढ़ाई कर सकें, लेकिन कई परिवारों के लिए बढ़ता शिक्षा खर्च बड़ी चुनौती बन जाता है. फीस, किताबें, हॉस्टल और दूसरी जरूरी जरूरतों का खर्च उठाना हर किसी के लिए आसान नहीं होता है. ऐसे में केंद्र सरकार की पीएम यशस्वी स्कॉलरशिप योजना (PM YASASVI Yojana) आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन पढ़ाई में अच्छे छात्रों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है. इस योजना के तहत योग्य छात्रों को हर साल 75 हजार रुपये से लेकर 1.25 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है, जिससे छात्र बिना आर्थिक परेशानी के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें. वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और पात्र छात्र तय समय सीमा के अंदर आवेदन कर सकते हैं. 

क्या है पीएम यशस्वी स्कॉलरशिप योजना?

पीएम यशस्वी योजना केंद्र सरकार की एक छात्रवृत्ति योजना है, जिसे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय संचालित करता है. इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों को पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता देना है. इसके तहत छात्रों को फीस, किताबें, स्टेशनरी और पढ़ाई से जुड़े दूसरे जरूरी खर्चों के लिए मदद दी जाती है, जिससे परिवारों पर शिक्षा का आर्थिक बोझ कम हो सके. 

कितनी मिलती है आर्थिक सहायता?

योजना के तहत कक्षा 9 और 10 में पढ़ने वाले छात्रों को 75,000 रुपये प्रति वर्ष की छात्रवृत्ति दी जाती है. वहीं कक्षा 11 और 12 के छात्रों को 1,25,000 रुपये प्रति वर्ष तक की सहायता मिलती है. इसके अलावा उच्च शिक्षा या व्यावसायिक कोर्स करने वाले छात्रों को ट्यूशन फीस, किताबों का खर्च, हॉस्टल फीस और पढ़ाई से जुड़े अन्य खर्चों में भी आर्थिक सहायता दी जाती है. कुछ मामलों में रहने-खाने का खर्च और जरूरी शैक्षणिक सामग्री, जैसे लैपटॉप, भी उपलब्ध कराया जाता है. 

कौन कर सकता है आवेदन?

इस योजना का फायदा लेने के लिए छात्र का ओबीसी (OBC), आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग (EBC) या विमुक्त, घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू जनजाति (DNT) समुदाय से होना जरूरी है. इसके साथ ही परिवार की वार्षिक इनकम 2.5 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. छात्र कक्षा 9 या कक्षा 11 में पढ़ रहा हो और उसके स्कूल का बोर्ड लगातार 100 प्रतिशत रिजल्ट देने वाला होना चाहिए. इन सभी शर्तों को पूरा करने वाले छात्र आवेदन के पात्र होंगे. 

यह भी पढ़ें - सिर्फ तीन फीट का कद, लेकिन दुनिया से कहीं ऊंचा हौसला शिक्षक संजीव मजूमदार की प्रेरणादायक कहानी 

आवेदन की आखिरी तारीख कब है?

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. नए और नवीनीकरण दोनों तरह के आवेदन 1 जून 2026 से किए जा रहे हैं. आवेदन करने की आखिरी तारीख 31 अगस्त 2026 तय की गई है. इसके बाद शिक्षण संस्थान 15 सितंबर 2026 तक आवेदन का वेरिफिकेशन करेंगे, जबकि मंत्रालय स्तर पर वेरिफिकेशन की आखिरी तारीख 30 नवंबर 2026 तय की गई है. 

कैसे करें आवेदन?

आवेदन करने के लिए सबसे पहले NTA की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर Register ऑप्शन चुनना होगा. इसके बाद नाम, ईमेल आईडी, जन्मतिथि और पासवर्ड जैसी जरूरी जानकारी भरकर रजिस्ट्रेशन करना होगा. रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद आवेदन से जुड़ी PDF डाउनलोड की जा सकती है, जिसमें एप्लीकेशन नंबर दिया जाएगा. चयनित छात्रों की छात्रवृत्ति की राशि DBT (Direct Benefit Transfer) के जरिए सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी, जिससे फीस और पढ़ाई से जुड़े अन्य खर्च आसानी से पूरे किए जा सकें. 

यह भी पढ़ें -  रटने की बीमारी से मिलेगी मुक्ति, इस तरीके से बच्चों को 4 गुना ज्यादा समय तक याद रहेगा सिलेबस

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