‘PM मोदी का लद्दाख के प्रति विशेष लगाव’, लेह में बोले किरेन रिजिजू

संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक बड़ी घोषणा की है कि लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश (UT) को जल्द ही एक खास मामले के तौर पर अनुच्छेद 371 के तहत विशेष दर्जा मिलेगा. अनुच्छेद 371 के तहत आने वाले विशेष प्रावधान लद्दाख की अनोखी आदिवासी पहचान, जमीन के अधिकारों, अलग संस्कृति और स्थानीय रोजगार के अवसरों की सुरक्षा की कानूनी गारंटी देंगे. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए क्या बोले केंद्रीय मंत्री? किरेन रिजिजू ने यह घोषणा शुक्रवार (28 अगस्त, 2026) को केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख की राजधानी लेह के शे में स्थित ड्रुक पद्मा करपो स्कूल के सिल्वर जुबली स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए की. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि लद्दाख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिल के बहुत करीब है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का हमेशा से मानना रहा है कि लद्दाख जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है और जब से उन्होंने पहली बार प्रधानमंत्री का पद संभाला है, वे इसी दिशा में काम कर रहे हैं. उन्हीं की सोच की वजह से लद्दाख में आर्थिक और सामाजिक, दोनों मोर्चों पर विकास का नजारा पहले जैसा नहीं रहा, बल्कि उसमें अभूतपूर्व बदलाव आ रहा है. उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में गृह मंत्रालय लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के लिए विशेष प्रावधान करने की दिशा में काम कर रहा है. इस क्षेत्र के लिए ऐसे प्रावधानों पर विचार केवल इसलिए किया जा रहा है, क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी का इस क्षेत्र के प्रति विशेष लगाव है.’  उन्होंने कहा कि वहां के लोगों को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए इस योजना में केंद्र शासित प्रदेश स्तर पर एक चुनी हुई संस्था और एक विधान परिषद बनाने की बात है, जिसके पास मजबूत प्रशासनिक, विधायी और वित्तीय शक्तियां होंगी. हालांकि, राज्य का दर्जा देने की मुख्य मांग शायद पूरी न हो.  स्थानीय नेतृत्व को एक अहम रियायत देते हुए इस ढांचे में यह तय किया जाएगा कि स्थानीय प्रशासन, जिसमें मुख्य सचिव भी शामिल हैं, स्वतंत्र रूप से काम करने के बजाय सीधे इस चुनी हुई राजनीतिक कार्यपालिका (Elected Political Executive) के प्रति जवाबदेह होगा. मौजूदा लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषदों (LAHDC) का विस्तार पहले के दो जिलों (लेह और करगिल) से बढ़ाकर सभी सात नए अधिसूचित जिलों (शाम, नुब्रा, चांगथांग, जंस्कार और द्रास सहित) में कर दिया गया है. इन परिषदों को वैधानिक दर्जे से ऊपर उठाकर स्थायी संवैधानिक दर्जा दिया जाएगा. जल्द ही लागू होंगे प्रावधान- रिजिजू केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने उम्मीद जताई कि ये प्रावधान जल्द ही लागू होंगे और लद्दाख के लोग इनका फायदा उठा सकेंगे. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री लंबे समय से इस इलाके का दौरा करने और लोगों के साथ अपने विचार साझा करने की इच्छा रखते रहे हैं और यह इच्छा भी जल्द ही पूरी हो सकती है. उन्होंने कहा कि लद्दाख को देखने के नजरिए में जबरदस्त बदलाव आया है और आज के हालात 25 साल पहले की स्थिति से बिल्कुल अलग हैं. इस इलाके में खासकर पिछले 10 सालों में काफी विकास हुआ है. उन्होंने सड़क कनेक्टिविटी में सुधार का खास जिक्र किया और कहा कि केंद्र शासित प्रदेश के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक जाने में पहले जो कई दिन लगते थे, वे अब कुछ ही घंटों में पूरे हो जाते हैं. लद्दाख के लोगों की केंद्र शासित प्रदेश की मांग पूरी हुई- रिजिजू मंत्री ने कहा कि लद्दाख में नए जिले बनाने जैसे हालिया बदलावों से वहां की आबादी को बहुत फायदा होगा और लोगों को एहसास होगा कि ये बदलाव सिर्फ उनकी भलाई के लिए किए गए हैं. केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा लद्दाख के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग थी और अब वह मांग भी पूरी हो गई है. जल्द ही लद्दाख में हाई कोर्ट की एक बेंच भी स्थापित की जाएगी और इससे स्थानीय आबादी को बहुत फायदा होगा. उन्होंने कहा कि वह केंद्रीय मंत्रिमंडल में पद संभालने वाले पहले बौद्ध हैं और प्रधानमंत्री मोदी की अल्पसंख्यकों के प्रति देखभाल और चिंता की वजह से ही ऐसा संभव हो पाया है. उन्होंने कहा कि देश में सभी अल्पसंख्यकों को समान अवसर मिलते हैं और सरकार सभी अल्पसंख्यकों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और इसे संभव बनाने की दिशा में काफी काम किया जा रहा है.  यह भी पढ़ेंः पीएम मोदी से लेकर नितिन गडकरी तक..., राजनेताओं ने ऐसे बंधवाई राखी-Pics

Aug 29, 2026 - 04:30
 0
‘PM मोदी का लद्दाख के प्रति विशेष लगाव’, लेह में बोले किरेन रिजिजू

संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक बड़ी घोषणा की है कि लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश (UT) को जल्द ही एक खास मामले के तौर पर अनुच्छेद 371 के तहत विशेष दर्जा मिलेगा. अनुच्छेद 371 के तहत आने वाले विशेष प्रावधान लद्दाख की अनोखी आदिवासी पहचान, जमीन के अधिकारों, अलग संस्कृति और स्थानीय रोजगार के अवसरों की सुरक्षा की कानूनी गारंटी देंगे.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए क्या बोले केंद्रीय मंत्री?

किरेन रिजिजू ने यह घोषणा शुक्रवार (28 अगस्त, 2026) को केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख की राजधानी लेह के शे में स्थित ड्रुक पद्मा करपो स्कूल के सिल्वर जुबली स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए की. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि लद्दाख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिल के बहुत करीब है.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का हमेशा से मानना रहा है कि लद्दाख जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है और जब से उन्होंने पहली बार प्रधानमंत्री का पद संभाला है, वे इसी दिशा में काम कर रहे हैं. उन्हीं की सोच की वजह से लद्दाख में आर्थिक और सामाजिक, दोनों मोर्चों पर विकास का नजारा पहले जैसा नहीं रहा, बल्कि उसमें अभूतपूर्व बदलाव आ रहा है.

उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में गृह मंत्रालय लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के लिए विशेष प्रावधान करने की दिशा में काम कर रहा है. इस क्षेत्र के लिए ऐसे प्रावधानों पर विचार केवल इसलिए किया जा रहा है, क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी का इस क्षेत्र के प्रति विशेष लगाव है.’ 

उन्होंने कहा कि वहां के लोगों को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए इस योजना में केंद्र शासित प्रदेश स्तर पर एक चुनी हुई संस्था और एक विधान परिषद बनाने की बात है, जिसके पास मजबूत प्रशासनिक, विधायी और वित्तीय शक्तियां होंगी. हालांकि, राज्य का दर्जा देने की मुख्य मांग शायद पूरी न हो. 

स्थानीय नेतृत्व को एक अहम रियायत देते हुए इस ढांचे में यह तय किया जाएगा कि स्थानीय प्रशासन, जिसमें मुख्य सचिव भी शामिल हैं, स्वतंत्र रूप से काम करने के बजाय सीधे इस चुनी हुई राजनीतिक कार्यपालिका (Elected Political Executive) के प्रति जवाबदेह होगा.

मौजूदा लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषदों (LAHDC) का विस्तार पहले के दो जिलों (लेह और करगिल) से बढ़ाकर सभी सात नए अधिसूचित जिलों (शाम, नुब्रा, चांगथांग, जंस्कार और द्रास सहित) में कर दिया गया है. इन परिषदों को वैधानिक दर्जे से ऊपर उठाकर स्थायी संवैधानिक दर्जा दिया जाएगा.

जल्द ही लागू होंगे प्रावधान- रिजिजू

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने उम्मीद जताई कि ये प्रावधान जल्द ही लागू होंगे और लद्दाख के लोग इनका फायदा उठा सकेंगे. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री लंबे समय से इस इलाके का दौरा करने और लोगों के साथ अपने विचार साझा करने की इच्छा रखते रहे हैं और यह इच्छा भी जल्द ही पूरी हो सकती है.

उन्होंने कहा कि लद्दाख को देखने के नजरिए में जबरदस्त बदलाव आया है और आज के हालात 25 साल पहले की स्थिति से बिल्कुल अलग हैं. इस इलाके में खासकर पिछले 10 सालों में काफी विकास हुआ है. उन्होंने सड़क कनेक्टिविटी में सुधार का खास जिक्र किया और कहा कि केंद्र शासित प्रदेश के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक जाने में पहले जो कई दिन लगते थे, वे अब कुछ ही घंटों में पूरे हो जाते हैं.

लद्दाख के लोगों की केंद्र शासित प्रदेश की मांग पूरी हुई- रिजिजू

मंत्री ने कहा कि लद्दाख में नए जिले बनाने जैसे हालिया बदलावों से वहां की आबादी को बहुत फायदा होगा और लोगों को एहसास होगा कि ये बदलाव सिर्फ उनकी भलाई के लिए किए गए हैं. केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा लद्दाख के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग थी और अब वह मांग भी पूरी हो गई है. जल्द ही लद्दाख में हाई कोर्ट की एक बेंच भी स्थापित की जाएगी और इससे स्थानीय आबादी को बहुत फायदा होगा.

उन्होंने कहा कि वह केंद्रीय मंत्रिमंडल में पद संभालने वाले पहले बौद्ध हैं और प्रधानमंत्री मोदी की अल्पसंख्यकों के प्रति देखभाल और चिंता की वजह से ही ऐसा संभव हो पाया है. उन्होंने कहा कि देश में सभी अल्पसंख्यकों को समान अवसर मिलते हैं और सरकार सभी अल्पसंख्यकों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और इसे संभव बनाने की दिशा में काफी काम किया जा रहा है. 

यह भी पढ़ेंः पीएम मोदी से लेकर नितिन गडकरी तक..., राजनेताओं ने ऐसे बंधवाई राखी-Pics

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow