PM ने किया रेलवे यूनिवर्सिटी का जिक्र, जानिए यहां कैसे मिलता है एडमिशन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के वड़ोदरा में एक बड़े कार्यक्रम के दौरान देश की इकलौती रेलवे यूनिवर्सिटी का विशेष रूप से जिक्र किया है. पीएम मोदी ने कहा कि वड़ोदरा अब देश में इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रांसपोर्टेशन और आधुनिक विकास का एक बड़ा केंद्र बन चुका है. इस यूनिवर्सिटी को पहले नेशनल रेल एंड ट्रांसपोर्टेशन इंस्टीट्यूट (NRTI) के नाम से जाना जाता था, लेकिन केंद्र सरकार ने इसका विस्तार करते हुए इसे अब एक केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दे दिया है, जिसका नाम गति शक्ति विश्वविद्यालय है. यह भारत का पहला और इकलौता ऐसा विश्वविद्यालय है जो पूरी तरह से ट्रांसपोर्टेशन, लॉजिस्टिक्स और रेलवे सेक्टर की पढ़ाई के लिए समर्पित है. पीएम मोदी के भाषण के बाद से ही देश भर के युवाओं और छात्रों के बीच इस यूनिवर्सिटी को लेकर उत्सुकता काफी बढ़ गई है. हर कोई जानना चाहता है कि इस खास यूनिवर्सिटी में कौन-कौन से कोर्स कराए जाते हैं और यहां एडमिशन पाने की क्या प्रक्रिया है. आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं. कौन-कौन से कोर्स कराए जाते हैं? गति शक्ति विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट, दोनों क्षेत्रों से जुड़े कोर्स कराए जाते हैं. यहां बीटेक, बीबीए, एमबीए, एमटेक और पीएचडी जैसे कई प्रोग्राम उपलब्ध हैं. बीटेक में सिविल इंजीनियरिंग जैसी शाखाएं पढ़ाई जाती हैं, वहीं एमटेक में इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम, रेलवे इंजीनियरिंग, ब्रिज एंड टनल इंजीनियरिंग और रोड्स एंड हाईवे इंजीनियरिंग जैसे कोर्स शामिल हैं. एमबीए के अंतर्गत लॉजिस्टिक्स एंड सप्लाई चेन मैनेजमेंट, मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्टेशन, मेट्रो रेल मैनेजमेंट, एविएशन एंड ऑपरेशंस मैनेजमेंट और डिजिटल मैरीटाइम जैसे विशेष कोर्स भी कराए जाते हैं. बीटेक में एडमिशन के लिए क्या है योग्यता? अगर कोई छात्र गति शक्ति विश्वविद्यालय से बीटेक करना चाहता है, तो उसे 12वीं कक्षा फिजिक्स और मैथ्स विषयों के साथ पास करनी होगी, साथ ही केमिस्ट्री, बायोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी या टेक्निकल वोकेशनल विषयों में से कोई एक विषय भी होना जरूरी है. सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए 12वीं में कम से कम 75 फीसदी अंक या टॉप 20 पर्सेंटाइल जरूरी है, जबकि एससी-एसटी छात्रों के लिए यह सीमा 65 फीसदी रखी गई है. इसके साथ ही छात्रों को JEE Mains परीक्षा भी पास करनी होती है. यह भी पढ़ें: एमपी TET अब ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में, सरकार का बड़ा ऐलान एडमिशन प्रोसेस कैसे होता है? बीटेक में एडमिशन के लिए सबसे पहले छात्रों को JEE Mains परीक्षा देनी होती है. इस परीक्षा में मिली रैंक के आधार पर छात्रों को JoSAA या CSAB काउंसलिंग में हिस्सा लेना होता है. इसके लिए सबसे पहले JoSAA या CSAB पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होता है, फिर अपनी पसंद के तौर पर गति शक्ति विश्वविद्यालय को चुनना होता है. इसके बाद रैंक और कैटेगरी के आधार पर सीट अलॉट की जाती है. सीट मिलने के बाद छात्रों को अपने दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने होते हैं और एडमिशन व ट्यूशन फीस जमा करनी होती है. इसके बाद छात्रों को फिजिकल वेरिफिकेशन और ओरिएंटेशन के लिए वडोदरा कैंपस में रिपोर्ट करना होता है. यह भी पढ़ें: बैंक ऑफ बड़ौदा में 1100 पदों पर भर्ती, जानें कैसे मिलेगी नौकरी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के वड़ोदरा में एक बड़े कार्यक्रम के दौरान देश की इकलौती रेलवे यूनिवर्सिटी का विशेष रूप से जिक्र किया है. पीएम मोदी ने कहा कि वड़ोदरा अब देश में इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रांसपोर्टेशन और आधुनिक विकास का एक बड़ा केंद्र बन चुका है. इस यूनिवर्सिटी को पहले नेशनल रेल एंड ट्रांसपोर्टेशन इंस्टीट्यूट (NRTI) के नाम से जाना जाता था, लेकिन केंद्र सरकार ने इसका विस्तार करते हुए इसे अब एक केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दे दिया है, जिसका नाम गति शक्ति विश्वविद्यालय है.
यह भारत का पहला और इकलौता ऐसा विश्वविद्यालय है जो पूरी तरह से ट्रांसपोर्टेशन, लॉजिस्टिक्स और रेलवे सेक्टर की पढ़ाई के लिए समर्पित है. पीएम मोदी के भाषण के बाद से ही देश भर के युवाओं और छात्रों के बीच इस यूनिवर्सिटी को लेकर उत्सुकता काफी बढ़ गई है. हर कोई जानना चाहता है कि इस खास यूनिवर्सिटी में कौन-कौन से कोर्स कराए जाते हैं और यहां एडमिशन पाने की क्या प्रक्रिया है. आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.
कौन-कौन से कोर्स कराए जाते हैं?
गति शक्ति विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट, दोनों क्षेत्रों से जुड़े कोर्स कराए जाते हैं. यहां बीटेक, बीबीए, एमबीए, एमटेक और पीएचडी जैसे कई प्रोग्राम उपलब्ध हैं. बीटेक में सिविल इंजीनियरिंग जैसी शाखाएं पढ़ाई जाती हैं, वहीं एमटेक में इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम, रेलवे इंजीनियरिंग, ब्रिज एंड टनल इंजीनियरिंग और रोड्स एंड हाईवे इंजीनियरिंग जैसे कोर्स शामिल हैं. एमबीए के अंतर्गत लॉजिस्टिक्स एंड सप्लाई चेन मैनेजमेंट, मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्टेशन, मेट्रो रेल मैनेजमेंट, एविएशन एंड ऑपरेशंस मैनेजमेंट और डिजिटल मैरीटाइम जैसे विशेष कोर्स भी कराए जाते हैं.
बीटेक में एडमिशन के लिए क्या है योग्यता?
अगर कोई छात्र गति शक्ति विश्वविद्यालय से बीटेक करना चाहता है, तो उसे 12वीं कक्षा फिजिक्स और मैथ्स विषयों के साथ पास करनी होगी, साथ ही केमिस्ट्री, बायोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी या टेक्निकल वोकेशनल विषयों में से कोई एक विषय भी होना जरूरी है. सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए 12वीं में कम से कम 75 फीसदी अंक या टॉप 20 पर्सेंटाइल जरूरी है, जबकि एससी-एसटी छात्रों के लिए यह सीमा 65 फीसदी रखी गई है. इसके साथ ही छात्रों को JEE Mains परीक्षा भी पास करनी होती है.
यह भी पढ़ें: एमपी TET अब ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में, सरकार का बड़ा ऐलान
एडमिशन प्रोसेस कैसे होता है?
बीटेक में एडमिशन के लिए सबसे पहले छात्रों को JEE Mains परीक्षा देनी होती है. इस परीक्षा में मिली रैंक के आधार पर छात्रों को JoSAA या CSAB काउंसलिंग में हिस्सा लेना होता है. इसके लिए सबसे पहले JoSAA या CSAB पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होता है, फिर अपनी पसंद के तौर पर गति शक्ति विश्वविद्यालय को चुनना होता है. इसके बाद रैंक और कैटेगरी के आधार पर सीट अलॉट की जाती है. सीट मिलने के बाद छात्रों को अपने दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने होते हैं और एडमिशन व ट्यूशन फीस जमा करनी होती है. इसके बाद छात्रों को फिजिकल वेरिफिकेशन और ओरिएंटेशन के लिए वडोदरा कैंपस में रिपोर्ट करना होता है.
यह भी पढ़ें: बैंक ऑफ बड़ौदा में 1100 पदों पर भर्ती, जानें कैसे मिलेगी नौकरी?
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