Palamu Mustard Oil Incident: मिलावटी सरसों का तेल कितना खतरनाक, जिसने झारखंड में छीन लीं 6 लोगों की सांसें?

Palamu Mustard Oil Incident: आजकल बाजार में मिलावटी चीजें काफी बढ़ चुकी हैं. ऐसे में झारखंड के पलामू जिले के सिक्का गांव में मिलावटी सरसों के तेल के सेवन से एक ही परिवार के छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. शुरुआती जांच में पता चला है कि पीड़ित परिवार जिस तेल का इस्तेमाल कर रहे थे, उसमें आर्जिमोन मैक्सिकाना यानी 'सत्यानाशी' या 'पीले धतूरे' के तेल की मिलावट थी. रांची की स्टेट फूड टेस्टिंग लेबोरेटरी की जांच रिपोर्ट के अनुसार इन छह लोगों की मौत 'एपिडेमिक ड्रॉप्सी' नामक जानलेवा बीमारी से हुई है. आइए जानते हैं कि ऐसा तेल कितना खतरनाक है?  कैसे हुई छह लोगों की मौत?  पलामू जिले के सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव ने इन मौतों के पीछे की वजह की पुष्टि की है. उनका कहना है कि ये मौतें किसी रहस्यमयी बीमारी की वजह से नहीं, बल्कि आर्जिमोन मैक्सिकाना यानी मिलावटी सरसों के तेल के इस्तेमाल से हुई हैं. परिवार में सबसे पहले 19 जून को कुलदीप महतो की मौत हुई. अगले ही दिन उनकी बेटी बबिता कुमारी ने अंतिम सांस ली. अपने पिता और बहन की मौत की खबर सुनकर बेंगलुरु में काम करने वाले अनुज महतो तत्काल घर लौट आए. 26 जून को अनुज की छोटी बहन इंदु कुमारी और 28 जून को अनुज की पत्नी श्वेता देवी की मौत हो गई.  29 जून को उनके भाई नकुल महतो और 8 जुलाई को उनकी मां लाखो देवी ने भी दम तोड़ दिया. यहां भी पढ़ें: मानसून सीजन में जल्दी बीमार पड़ जाते हैं बच्चे, ऐसे रखें उनकी सेहत का ख्याल? मिलावटी सरसों का तेल कितना खतरनाक? दरअसल, सरसों के बीज और आर्जिमोन (सत्यानाशी) के बीज दिखने में काफी हद तक एक जैसे होते हैं. मिलावटी तेल के रूप में जब यह हमारे शरीर में जाता है तो यह एक धीमे जहर की तरह काम करता है. आर्जिमोन ऑयल में सैन्गुइनरीन नाम का जहरीला तत्व होता है, जो सीधे दिल, लीवर और किडनी  जैसे नाजुक अंगों को डैमेज करता है.  मिलावटी सरसों के तेल से कैसे बचें?  ऐसे में आप घर पर भी शुद्ध और मिलावटी सरसों के तेल की पहचान कर सकते हैं. शुद्ध सरसों के तेल की खुशबू  बेहद तीखी और नाक में झनझनाहट पैदा करने वाली होती है. अगर तेल में से गंध गायब है या अजीब सी महक आ रही है तो तेल मिलावटी हो सकता है. वहीं, शुद्ध तेल का रंग गहरा पीला और गाढ़ा होता है. वहीं, बहुत ज्यादा साफ, हल्का या पानी जैसा पतला दिखने वाला तेल मिलावटी हो सकता है. आजकल बाजार में मिलावटी तेल और अन्य खाद्य सामग्री काफी ज्यादा मात्रा में बिकने लगी हैं, ऐसे में हमें इस बात का ध्यान रखना होगा कि कहीं दुकानदार हमें तो मिलावटी चीजें नहीं दे रहा है. यहां भी पढ़े: कैंसर से जिंदा बचना काफी नहीं, अब बेहतर जिंदगी जीना भी जरूरी

Jul 18, 2026 - 11:30
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Palamu Mustard Oil Incident: मिलावटी सरसों का तेल कितना खतरनाक, जिसने झारखंड में छीन लीं 6 लोगों की सांसें?

Palamu Mustard Oil Incident: आजकल बाजार में मिलावटी चीजें काफी बढ़ चुकी हैं. ऐसे में झारखंड के पलामू जिले के सिक्का गांव में मिलावटी सरसों के तेल के सेवन से एक ही परिवार के छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. शुरुआती जांच में पता चला है कि पीड़ित परिवार जिस तेल का इस्तेमाल कर रहे थे, उसमें आर्जिमोन मैक्सिकाना यानी 'सत्यानाशी' या 'पीले धतूरे' के तेल की मिलावट थी. रांची की स्टेट फूड टेस्टिंग लेबोरेटरी की जांच रिपोर्ट के अनुसार इन छह लोगों की मौत 'एपिडेमिक ड्रॉप्सी' नामक जानलेवा बीमारी से हुई है. आइए जानते हैं कि ऐसा तेल कितना खतरनाक है? 

कैसे हुई छह लोगों की मौत? 

पलामू जिले के सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव ने इन मौतों के पीछे की वजह की पुष्टि की है. उनका कहना है कि ये मौतें किसी रहस्यमयी बीमारी की वजह से नहीं, बल्कि आर्जिमोन मैक्सिकाना यानी मिलावटी सरसों के तेल के इस्तेमाल से हुई हैं. परिवार में सबसे पहले 19 जून को कुलदीप महतो की मौत हुई. अगले ही दिन उनकी बेटी बबिता कुमारी ने अंतिम सांस ली. अपने पिता और बहन की मौत की खबर सुनकर बेंगलुरु में काम करने वाले अनुज महतो तत्काल घर लौट आए. 26 जून को अनुज की छोटी बहन इंदु कुमारी और 28 जून को अनुज की पत्नी श्वेता देवी की मौत हो गई.  29 जून को उनके भाई नकुल महतो और 8 जुलाई को उनकी मां लाखो देवी ने भी दम तोड़ दिया.

यहां भी पढ़ें: मानसून सीजन में जल्दी बीमार पड़ जाते हैं बच्चे, ऐसे रखें उनकी सेहत का ख्याल?

मिलावटी सरसों का तेल कितना खतरनाक?

दरअसल, सरसों के बीज और आर्जिमोन (सत्यानाशी) के बीज दिखने में काफी हद तक एक जैसे होते हैं. मिलावटी तेल के रूप में जब यह हमारे शरीर में जाता है तो यह एक धीमे जहर की तरह काम करता है. आर्जिमोन ऑयल में सैन्गुइनरीन नाम का जहरीला तत्व होता है, जो सीधे दिल, लीवर और किडनी  जैसे नाजुक अंगों को डैमेज करता है. 

मिलावटी सरसों के तेल से कैसे बचें? 

ऐसे में आप घर पर भी शुद्ध और मिलावटी सरसों के तेल की पहचान कर सकते हैं. शुद्ध सरसों के तेल की खुशबू  बेहद तीखी और नाक में झनझनाहट पैदा करने वाली होती है. अगर तेल में से गंध गायब है या अजीब सी महक आ रही है तो तेल मिलावटी हो सकता है. वहीं, शुद्ध तेल का रंग गहरा पीला और गाढ़ा होता है. वहीं, बहुत ज्यादा साफ, हल्का या पानी जैसा पतला दिखने वाला तेल मिलावटी हो सकता है. आजकल बाजार में मिलावटी तेल और अन्य खाद्य सामग्री काफी ज्यादा मात्रा में बिकने लगी हैं, ऐसे में हमें इस बात का ध्यान रखना होगा कि कहीं दुकानदार हमें तो मिलावटी चीजें नहीं दे रहा है.

यहां भी पढ़े: कैंसर से जिंदा बचना काफी नहीं, अब बेहतर जिंदगी जीना भी जरूरी

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