Old Monk की बोतल में कितने फीसदी Rum होती है? कोर्ट में बड़ा खुलासा

अगर आप भी Old Monk की बोतल को Rum समझकर खरीदते हैं, तो इन दिनों इससे जुड़ी एक अहम जानकारी सामने आई है. महाराष्ट्र के बॉम्बे हाईकोर्ट में इसकी बिक्री को लेकर चल रही सुनवाई के दौरान इसके तैयार होने के तरीके को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है. भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने अदालत में बताया कि जिस प्रॉडएक्ट को Rum के नाम से बेचा जा रहा है, उसमें असली Rum की मात्रा बहुत कम है. यही वजह है कि महाराष्ट्र में इसकी बिक्री को लेकर विवाद खड़ा हुआ है.  दरअसल, यह मामला Old Monk के निर्माता मोहन रॉकी स्प्रिंगवॉटर प्राइवेट लिमिटेड की याचिका से जुड़ा है. कंपनी ने महाराष्ट्र में बिक्री पर रोक लगाने वाले FSSAI के आदेश के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया है. कंपनी के खोपोली प्लांट के निरीक्षण के बाद यह कारवाई की गई थी.  Old Monk में कितनी असली Rum होने का दावा? FSSAI की ओर से अदालत में यह दावा किया गया कि इसमें करीब 95% एक्स्ट्रा-न्यूट्रल स्पिरिट (ENA) और 5% से कम असली रम है. इसके साथ ही एजेंसी ने बोतल पर लिखे ‘7 साल पुरानी ब्लेंडेड रम’ जैसे दावे पर भी सवाल उठाया. FSSAI का तर्क है कि न्यूट्रल स्पिरिट में Rum फ्लेवर मिलाकर तैयार किए गए प्रॉडक्ट को सिर्फ 'Rum' के तौर पर बेचना नियमों के मुताबिक सही नहीं है.  सस्ती मिल रही प्याज, इन 17 शहरों में 4000 टन बफर स्टॉक लाई सरकार कंपनी ने कोर्ट में क्या कहा? मामले की सुनवाई के दौरान कंपनी ने अपने पैकेजिंग लेबल में बदलाव करने की बात कही. नए लेबल पर ‘Added Flavour’ को प्रमुखता से दिखाने और ‘7 साल पुरानी ब्लेंडेड रम’ लेबल को हटाने पर भी सहमति जताई. हालांकि, कंपनी ने गुरुवार को संशोधित लेबल अदालत के सामने भी पेश कर दिए है.  कोर्ट ने Old Monk के पुराने स्टॉक पर क्या कहा? अदालत ने कहा कि अभी पुराने स्टॉक की बिक्री की इजाजत देना करीब आखिरी राहत देने जैसा होगा. ऐसे में अगर कोर्ट यह तय करता है कि बिक्री की इजाजत नहीं दी जाती है, तो स्थिति मुश्किल हो सकती है. वहीं बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई 8 सितंबर तक टाल दी है. DA Hike: त्योहारों से पहले बरसेगा पैसा, 1 से लागू होगा नया महंगाई भत्ता

Sep 6, 2026 - 20:30
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Old Monk की बोतल में कितने फीसदी Rum होती है? कोर्ट में बड़ा खुलासा

अगर आप भी Old Monk की बोतल को Rum समझकर खरीदते हैं, तो इन दिनों इससे जुड़ी एक अहम जानकारी सामने आई है. महाराष्ट्र के बॉम्बे हाईकोर्ट में इसकी बिक्री को लेकर चल रही सुनवाई के दौरान इसके तैयार होने के तरीके को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है. भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने अदालत में बताया कि जिस प्रॉडएक्ट को Rum के नाम से बेचा जा रहा है, उसमें असली Rum की मात्रा बहुत कम है. यही वजह है कि महाराष्ट्र में इसकी बिक्री को लेकर विवाद खड़ा हुआ है. 

दरअसल, यह मामला Old Monk के निर्माता मोहन रॉकी स्प्रिंगवॉटर प्राइवेट लिमिटेड की याचिका से जुड़ा है. कंपनी ने महाराष्ट्र में बिक्री पर रोक लगाने वाले FSSAI के आदेश के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया है. कंपनी के खोपोली प्लांट के निरीक्षण के बाद यह कारवाई की गई थी. 

Old Monk में कितनी असली Rum होने का दावा?

FSSAI की ओर से अदालत में यह दावा किया गया कि इसमें करीब 95% एक्स्ट्रा-न्यूट्रल स्पिरिट (ENA) और 5% से कम असली रम है. इसके साथ ही एजेंसी ने बोतल पर लिखे ‘7 साल पुरानी ब्लेंडेड रम’ जैसे दावे पर भी सवाल उठाया. FSSAI का तर्क है कि न्यूट्रल स्पिरिट में Rum फ्लेवर मिलाकर तैयार किए गए प्रॉडक्ट को सिर्फ 'Rum' के तौर पर बेचना नियमों के मुताबिक सही नहीं है. 

सस्ती मिल रही प्याज, इन 17 शहरों में 4000 टन बफर स्टॉक लाई सरकार

कंपनी ने कोर्ट में क्या कहा?

मामले की सुनवाई के दौरान कंपनी ने अपने पैकेजिंग लेबल में बदलाव करने की बात कही. नए लेबल पर ‘Added Flavour’ को प्रमुखता से दिखाने और ‘7 साल पुरानी ब्लेंडेड रम’ लेबल को हटाने पर भी सहमति जताई. हालांकि, कंपनी ने गुरुवार को संशोधित लेबल अदालत के सामने भी पेश कर दिए है. 

कोर्ट ने Old Monk के पुराने स्टॉक पर क्या कहा?

अदालत ने कहा कि अभी पुराने स्टॉक की बिक्री की इजाजत देना करीब आखिरी राहत देने जैसा होगा. ऐसे में अगर कोर्ट यह तय करता है कि बिक्री की इजाजत नहीं दी जाती है, तो स्थिति मुश्किल हो सकती है. वहीं बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई 8 सितंबर तक टाल दी है.

DA Hike: त्योहारों से पहले बरसेगा पैसा, 1 से लागू होगा नया महंगाई भत्ता

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