NTA की तर्ज पर राजस्थान में बनेगी STA, कई बड़ी परीक्षाएं कराएगी एजेंसी

राजस्थान में प्रवेश और पात्रता परीक्षाओं को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है. उच्च शिक्षा विभाग में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की तर्ज पर स्टेटस टेस्टिंग एजेंसी (STA) बनाने का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है. विभाग की टीम ने NTA का दौरा कर परीक्षा संचालन व्यवस्था का अध्ययन किया और संबंधित विभागों से सुझाव लेने के बाद एसटीए का प्रारूप तैयार किया है. प्रस्तावित एजेंसी के जरिए राजस्थान में यूनिवर्सिटी के एंट्रेंस एग्जाम से लेकर PTET, REET, SET और दूसरी परीक्षा कराने की तैयारी है. यह परीक्षाएं CBT मोड में कराई जाएगी और इसके लिए जिला मुख्यालय पर परीक्षा केंद्र बनाए जाने का प्रस्ताव है.  यूनिवर्सिटी एंट्रेंस से PTET तक होगी परीक्षाएं  STA के ड्राफ्ट के अनुसार यूनिवर्सिटी के यूजी-पीजी एंट्रेंस टेस्ट, स्टेट एलिजिबिलिटी टेस्ट, रीट, पीटीईटी और प्री पीएचडी परीक्षा को इसके तहत कराया जा सकता है. इसके अलावा बीएसटीसी, एग्रीकल्चर जॉइंट एंट्रेंस टेस्ट, फार्मेसी एंट्रेंस टेस्ट (यूजी), टेक्निकल व पॉलिटेक्निक कॉलेज के एंट्रेंस एग्जाम भी प्रस्तावित एजेंसी के जरिए कराए जाने हैं. राजस्थान में हर साल करीब 18 लाख विद्यार्थी यूनिवर्सिटी और अलग-अलग प्रवेश एवं पात्रता परीक्षाओं में शामिल होते हैं. अभी इनमें से कई परीक्षा अलग-अलग यूनिवर्सिटी और संस्थाओं की ओर से कराई जाती है.  CBT मोड में होगी परीक्षा  नई व्यवस्था के तहत परीक्षाओं को कंप्यूटर आधारित करने की तैयारी है. इसके लिए प्रदेश के जिला मुख्यालय पर परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे. इससे अलग-अलग परीक्षाओं की आयोजन की प्रक्रियाओं को एक समान तरीके से संचालित किया जाए सकेगा. एक एजेंसी के जरिए परीक्षा करने से आयोजन और मूल्यांकन की प्रक्रिया व्यवस्थित होने के साथ परिणाम भी समय पर जारी करने में मदद मिलने की उम्मीद लगाई जा रही है.  ये भी पढ़ें-इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में PhD एडमिशन शुरू, 959 सीटों के लिए 25 सितंबर तक आवेदन पेपर लीक पर भी लग सकता है अंकुश  एसटीए के गठन के पीछे परीक्षा व्यवस्था को ज्यादा पारदर्शी और सुरक्षित बनाने का उद्देश्य भी बताया जा रहा है. एक्सपर्ट्स के अनुसार पीटीईटी और D.EI.Ed जैसी परीक्षाएं जब अलग-अलग यूनिवर्सिटी के बजाय एक एजेंसी कराएगी, तो पेपर लीक जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी. पूर्व वीसी, वीएमओयू  प्रो. कैलाश सोढ़ानी ने कहा कि एजेंसी की ओर से प्रवेश परीक्षाएं कराने से पेपर लीक पर रोक लगाने में मदद मिलेगी. साथ ही परीक्षाएं समय पर होगी और जल्द रिजल्ट भी जारी किए जाएंगे.  अभी मंजूरी का है इंतजार उच्च शिक्षा विभाग राजस्थान की टीम ने एनटीए की परीक्षा संचालन व्यवस्था का अध्ययन करने के लिए उसका दौरा किया था. इसके बाद संबंधित विभागों से सुझाव लेकर एसटीए का ड्राफ्ट तैयार किया गया. उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव डॉ. मुकेश कुमार शर्मा ने भी ड्राफ्ट तैयार होने की पुष्टि की है. फिलहाल एसटीए का प्रस्ताव ड्राफ्ट स्तर पर है. सरकार की ओर से अंतिम निर्णय और नियम जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कौन-कौन सी परीक्षाएं आधिकारिक तौर पर एसटीए के तहत कराई जाएगी और यह नई व्यवस्था कब से लागू होगी. ये भी पढ़ें-UPSSSC में कंप्यूटर ऑपरेटर की भर्ती, 28 सितंबर तक करें आवेदन

Sep 6, 2026 - 14:30
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NTA की तर्ज पर राजस्थान में बनेगी STA, कई बड़ी परीक्षाएं कराएगी एजेंसी

राजस्थान में प्रवेश और पात्रता परीक्षाओं को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है. उच्च शिक्षा विभाग में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की तर्ज पर स्टेटस टेस्टिंग एजेंसी (STA) बनाने का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है. विभाग की टीम ने NTA का दौरा कर परीक्षा संचालन व्यवस्था का अध्ययन किया और संबंधित विभागों से सुझाव लेने के बाद एसटीए का प्रारूप तैयार किया है. प्रस्तावित एजेंसी के जरिए राजस्थान में यूनिवर्सिटी के एंट्रेंस एग्जाम से लेकर PTET, REET, SET और दूसरी परीक्षा कराने की तैयारी है. यह परीक्षाएं CBT मोड में कराई जाएगी और इसके लिए जिला मुख्यालय पर परीक्षा केंद्र बनाए जाने का प्रस्ताव है. 

यूनिवर्सिटी एंट्रेंस से PTET तक होगी परीक्षाएं 

STA के ड्राफ्ट के अनुसार यूनिवर्सिटी के यूजी-पीजी एंट्रेंस टेस्ट, स्टेट एलिजिबिलिटी टेस्ट, रीट, पीटीईटी और प्री पीएचडी परीक्षा को इसके तहत कराया जा सकता है. इसके अलावा बीएसटीसी, एग्रीकल्चर जॉइंट एंट्रेंस टेस्ट, फार्मेसी एंट्रेंस टेस्ट (यूजी), टेक्निकल व पॉलिटेक्निक कॉलेज के एंट्रेंस एग्जाम भी प्रस्तावित एजेंसी के जरिए कराए जाने हैं. राजस्थान में हर साल करीब 18 लाख विद्यार्थी यूनिवर्सिटी और अलग-अलग प्रवेश एवं पात्रता परीक्षाओं में शामिल होते हैं. अभी इनमें से कई परीक्षा अलग-अलग यूनिवर्सिटी और संस्थाओं की ओर से कराई जाती है. 

CBT मोड में होगी परीक्षा 

नई व्यवस्था के तहत परीक्षाओं को कंप्यूटर आधारित करने की तैयारी है. इसके लिए प्रदेश के जिला मुख्यालय पर परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे. इससे अलग-अलग परीक्षाओं की आयोजन की प्रक्रियाओं को एक समान तरीके से संचालित किया जाए सकेगा. एक एजेंसी के जरिए परीक्षा करने से आयोजन और मूल्यांकन की प्रक्रिया व्यवस्थित होने के साथ परिणाम भी समय पर जारी करने में मदद मिलने की उम्मीद लगाई जा रही है. 

ये भी पढ़ें-इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में PhD एडमिशन शुरू, 959 सीटों के लिए 25 सितंबर तक आवेदन

पेपर लीक पर भी लग सकता है अंकुश 

एसटीए के गठन के पीछे परीक्षा व्यवस्था को ज्यादा पारदर्शी और सुरक्षित बनाने का उद्देश्य भी बताया जा रहा है. एक्सपर्ट्स के अनुसार पीटीईटी और D.EI.Ed जैसी परीक्षाएं जब अलग-अलग यूनिवर्सिटी के बजाय एक एजेंसी कराएगी, तो पेपर लीक जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी. पूर्व वीसी, वीएमओयू  प्रो. कैलाश सोढ़ानी ने कहा कि एजेंसी की ओर से प्रवेश परीक्षाएं कराने से पेपर लीक पर रोक लगाने में मदद मिलेगी. साथ ही परीक्षाएं समय पर होगी और जल्द रिजल्ट भी जारी किए जाएंगे. 

अभी मंजूरी का है इंतजार

उच्च शिक्षा विभाग राजस्थान की टीम ने एनटीए की परीक्षा संचालन व्यवस्था का अध्ययन करने के लिए उसका दौरा किया था. इसके बाद संबंधित विभागों से सुझाव लेकर एसटीए का ड्राफ्ट तैयार किया गया. उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव डॉ. मुकेश कुमार शर्मा ने भी ड्राफ्ट तैयार होने की पुष्टि की है. फिलहाल एसटीए का प्रस्ताव ड्राफ्ट स्तर पर है. सरकार की ओर से अंतिम निर्णय और नियम जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कौन-कौन सी परीक्षाएं आधिकारिक तौर पर एसटीए के तहत कराई जाएगी और यह नई व्यवस्था कब से लागू होगी.

ये भी पढ़ें-UPSSSC में कंप्यूटर ऑपरेटर की भर्ती, 28 सितंबर तक करें आवेदन

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