New Food Business Rules: स्ट्रीट वेंडर्स को बड़ी राहत, FSSAI के नियम बदले; जानिए डिटेल...

FSSAI Registration New Rules 2026: खाने-पीने का काम करने वाले छोटे व्यापारियों को अब रजिस्ट्रेशन के मामले में राहत मिलने जा रही है. सरकार ने FSSAI के बेसिक रजिस्ट्रेशन के लिए टर्नओवर की सीमा को काफी बढ़ा दिया गया है. 12 लाख रुपये से बढ़ाकर अब इसे 1.5 करोड़ रुपये कर दिया गया है. इसका मतलब है कि इस सीमा तक कारोबार करने वालों को अब आसान प्रक्रिया के तहत बेसिक रजिस्ट्रेशन ही लेना होगा. यह नया नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा. जिससे छोटे दुकानदारों को कागजी कामकाज और झंझट से काफी राहत मिलने की उम्मीद है. आइए इस बारे में जानते हैं.... कारोबार के हिसाब से तय होगा लाइसेंस का प्रकार अब फूड बिजनेस के लिए लाइसेंस लेने के प्रोसेस को बिजनेस के टर्नओवर के आधार पर साफ तौर पर बांट दिया गया है. ताकि कारोबारियों को समझने में आसानी हो. अगर किसी का सालाना कारोबार 1.5 करोड़ रुपये तक है, तो उसे बेसिक रजिस्ट्रेशन के तहत ही काम करना होग. जो सबसे सरल प्रक्रिया मानी जाती है. वहीं, जिनका टर्नओवर 1.5 करोड़ से बढ़कर 50 करोड़ रुपये तक पहुंचता है, उन्हें राज्य स्तर का लाइसेंस लेना जरूरी होगा. इसके अलावा 50 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार करने वाले बड़े व्यवसायों को केंद्रीय लाइसेंस लेना होगा. जो बड़े स्तर के संचालन के लिए लागू होता है. स्ट्रीट वेंडर्स के लिए नियम हुए आसान सड़क किनारे खाने-पीने का सामान बेचने वाले छोटे कारोबारियों को भी अब बड़ी राहत मिली है. स्ट्रीट वेंडर्स (जीविका संरक्षण और स्ट्रीट वेंडिंग विनियमन) अधिनियम, 2014 के तहत जो विक्रेता पहले से नगर निगम या टाउन वेंडिंग समिति में रजिस्टर्ड हैं, उन्हें अब FSSAI में अलग से रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं होगी. ऐसे विक्रेताओं को रजिस्ट्रर्ड वेंडर माना जाएगा. जिससे उनका काम और भी आसान हो जाएगा और कागजी प्रक्रिया से राहत मिलेगी. यह भी पढ़ें: पैसे नहीं हैं? फिर भी शुरू करें ये काम, YouTube और Affiliate Marketing से होगी कमाई...

Mar 17, 2026 - 23:30
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New Food Business Rules: स्ट्रीट वेंडर्स को बड़ी राहत, FSSAI के नियम बदले; जानिए डिटेल...

FSSAI Registration New Rules 2026: खाने-पीने का काम करने वाले छोटे व्यापारियों को अब रजिस्ट्रेशन के मामले में राहत मिलने जा रही है. सरकार ने FSSAI के बेसिक रजिस्ट्रेशन के लिए टर्नओवर की सीमा को काफी बढ़ा दिया गया है. 12 लाख रुपये से बढ़ाकर अब इसे 1.5 करोड़ रुपये कर दिया गया है.

इसका मतलब है कि इस सीमा तक कारोबार करने वालों को अब आसान प्रक्रिया के तहत बेसिक रजिस्ट्रेशन ही लेना होगा. यह नया नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा. जिससे छोटे दुकानदारों को कागजी कामकाज और झंझट से काफी राहत मिलने की उम्मीद है. आइए इस बारे में जानते हैं....

कारोबार के हिसाब से तय होगा लाइसेंस का प्रकार

अब फूड बिजनेस के लिए लाइसेंस लेने के प्रोसेस को बिजनेस के टर्नओवर के आधार पर साफ तौर पर बांट दिया गया है. ताकि कारोबारियों को समझने में आसानी हो. अगर किसी का सालाना कारोबार 1.5 करोड़ रुपये तक है, तो उसे बेसिक रजिस्ट्रेशन के तहत ही काम करना होग. जो सबसे सरल प्रक्रिया मानी जाती है.

वहीं, जिनका टर्नओवर 1.5 करोड़ से बढ़कर 50 करोड़ रुपये तक पहुंचता है, उन्हें राज्य स्तर का लाइसेंस लेना जरूरी होगा. इसके अलावा 50 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार करने वाले बड़े व्यवसायों को केंद्रीय लाइसेंस लेना होगा. जो बड़े स्तर के संचालन के लिए लागू होता है.

स्ट्रीट वेंडर्स के लिए नियम हुए आसान

सड़क किनारे खाने-पीने का सामान बेचने वाले छोटे कारोबारियों को भी अब बड़ी राहत मिली है. स्ट्रीट वेंडर्स (जीविका संरक्षण और स्ट्रीट वेंडिंग विनियमन) अधिनियम, 2014 के तहत जो विक्रेता पहले से नगर निगम या टाउन वेंडिंग समिति में रजिस्टर्ड हैं, उन्हें अब FSSAI में अलग से रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं होगी. ऐसे विक्रेताओं को रजिस्ट्रर्ड वेंडर माना जाएगा. जिससे उनका काम और भी आसान हो जाएगा और कागजी प्रक्रिया से राहत मिलेगी.

यह भी पढ़ें: पैसे नहीं हैं? फिर भी शुरू करें ये काम, YouTube और Affiliate Marketing से होगी कमाई...

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