NEET PG 2026: एग्जाम सेंटर पर टेक्निकल ग्लिच हो तो क्या करें? NBEMS ने दी सलाह

NEET PG 2026 की परीक्षा में अब ज्यादा समय नहीं बचा है. परीक्षा की तैयारी के साथ उम्मीदवारों के मन में एग्जाम सेंटर से जुड़ी कई बातें भी रहती हैं. खासकर कंप्यूटर आधारित परीक्षा में अगर अचानक पावर कट हो जाए, सिस्टम लॉक हो जाए या स्क्रीन और माउस में कोई दिक्कत आने लगे, तो क्या करना होगा. इसे लेकर National Board of Examinations in Medical Sciences (NBEMS) ने उम्मीदवारों के लिए जरूरी जानकारी शेयर की है. NBEMS के मुताबिक, परीक्षा के दौरान किसी तकनीकी समस्या को लेकर उम्मीदवारों को घबराने की जरूरत नहीं है. ऐसी स्थिति से निपटने के लिए जरूरी व्यवस्था की गई है और तकनीकी गड़बड़ी के कारण उम्मीदवार के तय परीक्षा समय का नुकसान नहीं होगा.  30 अगस्त को होगी NEET PG 2026 परीक्षा NBEMS 30 अगस्त 2026 को NEET PG 2026 आयोजित करेगा. आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस परीक्षा के लिए कुल 2,73,183 उम्मीदवारों ने सफलतापूर्वक रजिस्ट्रेशन किया है. यह संख्या पिछले साल की तुलना में 12.5 फीसदी से ज्यादा है. परीक्षा करीब 340 शहरों और 1,300 से ज्यादा परीक्षा केंद्रों पर एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाएगी.  पावर कट होने पर क्या करना होगा? अगर उम्मीदवार परीक्षा में लॉग इन कर चुका है और इसी दौरान पावर फेलियर हो जाता है, तो उसे अपनी तरफ से कोई कार्रवाई करने की जरूरत नहीं होगी. NBEMS के अनुसार, पावर कट होते ही परीक्षा का टाइमर रुक जाएगा. बिजली की समस्या ठीक होने के बाद टाइमर वहीं से दोबारा शुरू होगा, जहां वह रुका था. यानी तकनीकी समस्या के कारण उम्मीदवार के परीक्षा समय में कोई कटौती नहीं होगी.  कंप्यूटर लॉक होने पर क्या होगा? अगर परीक्षा के दौरान मुख्य सर्वर से कनेक्टिविटी खत्म होने के कारण उम्मीदवार की मशीन लॉक हो जाती है, तो परीक्षा केंद्र के हर एग्जाम रूम में मौजूद IT मैनेजर उम्मीदवार के अकाउंट को वेरीफाई करके उसे अनलॉक करेगा. इसके बाद परीक्षा का टाइमर उसी समय से शुरू होगा, जहां उम्मीदवार ने परीक्षा छोड़ी थी.  यह भी पढ़ें - 8वें वेतन आयोग के बाद कितनी बढ़ेगी बैंक क्लर्क की सैलरी, देखें हिसाब-किताब स्क्रीन या माउस में दिक्कत हो तो तुरंत बताएं अगर उम्मीदवार के सिस्टम में कोई खास समस्या आ रही है, जैसे स्क्रीन फ्लिकर करना, माउस में परेशानी, सिस्टम बार-बार लॉक या हैंग होना, तो इसकी जानकारी तुरंत इनविजिलेटर को देनी होगी. NBEMS के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद IT मैनेजर या इनविजिलेटर उम्मीदवार की मशीन को वेरीफाई करके लॉक करेगा. जरूरत पड़ने पर उम्मीदवार को उसी लैब या किसी दूसरी लैब में मौजूद बफर सीट पर शिफ्ट किया जा सकता है.  परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के इंतजाम आधिकारिक जानकारी के अनुसार, NEET PG 2026 के लिए परीक्षा केंद्रों की पहले से सीलिंग और वेरिफिकेशन, CCTV निगरानी, बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन, उम्मीदवारों की फ्रिस्किंग और सिग्नल जैमर जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं. इसके अलावा डायनेमिक कंप्यूटर, सेंट्रल और रीजनल कमांड सेंटर के जरिए लाइव मॉनिटरिंग और स्वतंत्र ऑब्जर्वर्स साथ ही अप्रेजर्स की रियल-टाइम निगरानी भी परीक्षा व्यवस्था का हिस्सा होगी.  यह भी पढ़ें - बारिश के चलते टली दिल्ली पुलिस कांस्टेबल PE&MT परीक्षा, नई तारीख जारी

Aug 24, 2026 - 14:30
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NEET PG 2026: एग्जाम सेंटर पर टेक्निकल ग्लिच हो तो क्या करें? NBEMS ने दी सलाह

NEET PG 2026 की परीक्षा में अब ज्यादा समय नहीं बचा है. परीक्षा की तैयारी के साथ उम्मीदवारों के मन में एग्जाम सेंटर से जुड़ी कई बातें भी रहती हैं. खासकर कंप्यूटर आधारित परीक्षा में अगर अचानक पावर कट हो जाए, सिस्टम लॉक हो जाए या स्क्रीन और माउस में कोई दिक्कत आने लगे, तो क्या करना होगा. इसे लेकर National Board of Examinations in Medical Sciences (NBEMS) ने उम्मीदवारों के लिए जरूरी जानकारी शेयर की है.

NBEMS के मुताबिक, परीक्षा के दौरान किसी तकनीकी समस्या को लेकर उम्मीदवारों को घबराने की जरूरत नहीं है. ऐसी स्थिति से निपटने के लिए जरूरी व्यवस्था की गई है और तकनीकी गड़बड़ी के कारण उम्मीदवार के तय परीक्षा समय का नुकसान नहीं होगा. 

30 अगस्त को होगी NEET PG 2026 परीक्षा

NBEMS 30 अगस्त 2026 को NEET PG 2026 आयोजित करेगा. आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस परीक्षा के लिए कुल 2,73,183 उम्मीदवारों ने सफलतापूर्वक रजिस्ट्रेशन किया है. यह संख्या पिछले साल की तुलना में 12.5 फीसदी से ज्यादा है. परीक्षा करीब 340 शहरों और 1,300 से ज्यादा परीक्षा केंद्रों पर एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाएगी. 

पावर कट होने पर क्या करना होगा?

अगर उम्मीदवार परीक्षा में लॉग इन कर चुका है और इसी दौरान पावर फेलियर हो जाता है, तो उसे अपनी तरफ से कोई कार्रवाई करने की जरूरत नहीं होगी. NBEMS के अनुसार, पावर कट होते ही परीक्षा का टाइमर रुक जाएगा. बिजली की समस्या ठीक होने के बाद टाइमर वहीं से दोबारा शुरू होगा, जहां वह रुका था. यानी तकनीकी समस्या के कारण उम्मीदवार के परीक्षा समय में कोई कटौती नहीं होगी. 

कंप्यूटर लॉक होने पर क्या होगा?

अगर परीक्षा के दौरान मुख्य सर्वर से कनेक्टिविटी खत्म होने के कारण उम्मीदवार की मशीन लॉक हो जाती है, तो परीक्षा केंद्र के हर एग्जाम रूम में मौजूद IT मैनेजर उम्मीदवार के अकाउंट को वेरीफाई करके उसे अनलॉक करेगा. इसके बाद परीक्षा का टाइमर उसी समय से शुरू होगा, जहां उम्मीदवार ने परीक्षा छोड़ी थी. 

यह भी पढ़ें - 8वें वेतन आयोग के बाद कितनी बढ़ेगी बैंक क्लर्क की सैलरी, देखें हिसाब-किताब

स्क्रीन या माउस में दिक्कत हो तो तुरंत बताएं

अगर उम्मीदवार के सिस्टम में कोई खास समस्या आ रही है, जैसे स्क्रीन फ्लिकर करना, माउस में परेशानी, सिस्टम बार-बार लॉक या हैंग होना, तो इसकी जानकारी तुरंत इनविजिलेटर को देनी होगी. NBEMS के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद IT मैनेजर या इनविजिलेटर उम्मीदवार की मशीन को वेरीफाई करके लॉक करेगा. जरूरत पड़ने पर उम्मीदवार को उसी लैब या किसी दूसरी लैब में मौजूद बफर सीट पर शिफ्ट किया जा सकता है. 

परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के इंतजाम

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, NEET PG 2026 के लिए परीक्षा केंद्रों की पहले से सीलिंग और वेरिफिकेशन, CCTV निगरानी, बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन, उम्मीदवारों की फ्रिस्किंग और सिग्नल जैमर जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं. इसके अलावा डायनेमिक कंप्यूटर, सेंट्रल और रीजनल कमांड सेंटर के जरिए लाइव मॉनिटरिंग और स्वतंत्र ऑब्जर्वर्स साथ ही अप्रेजर्स की रियल-टाइम निगरानी भी परीक्षा व्यवस्था का हिस्सा होगी. 

यह भी पढ़ें - बारिश के चलते टली दिल्ली पुलिस कांस्टेबल PE&MT परीक्षा, नई तारीख जारी

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