NCERT में 1596 और CBSE 933 पद खाली, संसदीय समिति ने उठाए सवाल

एनसीईआरटी और सीबीएसई में बड़ी संख्या में पद खाली होने पर संसदीय समिति ने चिंता जताई है. संसदीय समिति की रिपोर्ट के अनुसार एनसीईआरटी में स्वीकृत पदों के आधे से ज्यादा खाली है. जबकि सीबीएसई में करीब 44 फीसदी पदों पर नियुक्ति नहीं हुई है. समिति ने पदों को जल्द भरने के लिए शिक्षा मंत्रालय और सीबीएसई को भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की सिफारिश की है. यह जानकारी लोकसभा में पेश की गई संसदीय समिति 2026-27 की दसवीं रिपोर्ट में सामने आई है. रिपोर्ट में देश में सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जुड़े बजट और नीतिगत पहलुओं के साथ सीबीएसई के कार्य प्रणाली की भी समीक्षा की गई है. NCERT में 1596 पद खाली समिति के अनुसार अक्टूबर 2025 तक एनसीईआरटी में कुल 2,844 पद स्वीकृत थे. इनमें से सिर्फ 1248 पद भरे हुए थे, जबकि 1,596 पद खाली पड़े थे. यानी एनसीईआरटी की स्वीकृत कर्मचारी क्षमता के आधे से ज्यादा पदों पर नियुक्ति नहीं हुई थी. रिक्त पदों में 145 एकेडमी पद, 131 स्कूल शिक्षक पद, 916 मंत्रालय पद और 404 अन्य सहायक पद शामिल है. समिति ने एनसीईआरटी में इतनी बड़ी संख्या में पद खाली होने पर शिक्षा मंत्रालय से तत्काल ध्यान देने को कहा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि एनसीईआरटी देश में शिक्षा को नए तरीके से विकसित करने और राष्ट्रीय स्तर पर पाठ्यक्रम को आकार देने वाली प्रमुख संस्था है, इसलिए यहां कर्मचारियों की कमी को गंभीरता से लिया जाना चाहिए. ये भी पढ़ें-यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में निकली 395 पदों पर भर्ती, 15 अगस्त अंतिम तिथि एनईपी 2020 के लिए सबसे अहम NCERT एनसीईआरटी की भूमिका एनईपी 2020 को लागू करने से भी जुड़ी हुई है. शिक्षा मंत्रालय ने समिति को बताया कि एनसीईआरटी ने नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर फाऊंडेशन स्टेज और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर स्कूल एजुकेशन तैयार किया है. इन फ्रेमवर्क के आधार पर पाठ्यक्रम और किताबें तैयार करने का काम भी शुरू किया गया है. ऐसे में समिति ने एनसीईआरटी में खाली पदों को भरने के लिए ठोस प्रयास करने की जरूरत बताई है. CBSE में 933 पद खाली संसदीय समिति ने सीबीएसई में कर्मचारियों की कमी को लेकर भी चिंता जाता है. रिपोर्ट के अनुसार सीबीएसई में कुल 2,117 पद स्वीकृत है, जिनमें से 933 पद खाली है. यह कुल स्वीकृत पदों का करीब 44 फीसदी भी है. सीबीएसई में सबसे ज्यादा कमी ग्रुप सी सपोर्ट स्टाफ के स्तर पर है. इस कैटेगरी में 595 पद खाली है. CBSE से जुड़े स्कूल और छात्रों की संख्या भी बढ़ी रिपोर्ट में सीबीएसई के बढ़ते दायरे का भी उल्लेख किया गया है. 1992-93 में सीबीएसई से 3,787 स्कूल संबद्ध थे, जबकि 2024-25 में यह संख्या बढ़कर 31,234 हो गई. बढ़ते स्कूल नेटवर्क को संभालने के लिए सीबीएसई के पास अब 25 क्षेत्रीय कार्यालय और पांच उप क्षेत्रीय कार्यालय है. छात्रों की संख्या में भी लगातार बढ़ोतरी हुई है. 2025 में सीबीएसई से जुड़े कक्षा 12 के 17 लाख से ज्यादा और कक्षा 10 के 23.8 लाख से ज्यादा छात्र थे.  ये भी पढ़ें-रेलवे कोच फैक्ट्री में कैसे बनें इलेक्ट्रिशियन? जानें पूरी प्रक्रिया

Aug 14, 2026 - 04:30
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NCERT में 1596 और CBSE 933 पद खाली, संसदीय समिति ने उठाए सवाल

एनसीईआरटी और सीबीएसई में बड़ी संख्या में पद खाली होने पर संसदीय समिति ने चिंता जताई है. संसदीय समिति की रिपोर्ट के अनुसार एनसीईआरटी में स्वीकृत पदों के आधे से ज्यादा खाली है. जबकि सीबीएसई में करीब 44 फीसदी पदों पर नियुक्ति नहीं हुई है. समिति ने पदों को जल्द भरने के लिए शिक्षा मंत्रालय और सीबीएसई को भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की सिफारिश की है. यह जानकारी लोकसभा में पेश की गई संसदीय समिति 2026-27 की दसवीं रिपोर्ट में सामने आई है. रिपोर्ट में देश में सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जुड़े बजट और नीतिगत पहलुओं के साथ सीबीएसई के कार्य प्रणाली की भी समीक्षा की गई है.

NCERT में 1596 पद खाली

समिति के अनुसार अक्टूबर 2025 तक एनसीईआरटी में कुल 2,844 पद स्वीकृत थे. इनमें से सिर्फ 1248 पद भरे हुए थे, जबकि 1,596 पद खाली पड़े थे. यानी एनसीईआरटी की स्वीकृत कर्मचारी क्षमता के आधे से ज्यादा पदों पर नियुक्ति नहीं हुई थी. रिक्त पदों में 145 एकेडमी पद, 131 स्कूल शिक्षक पद, 916 मंत्रालय पद और 404 अन्य सहायक पद शामिल है. समिति ने एनसीईआरटी में इतनी बड़ी संख्या में पद खाली होने पर शिक्षा मंत्रालय से तत्काल ध्यान देने को कहा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि एनसीईआरटी देश में शिक्षा को नए तरीके से विकसित करने और राष्ट्रीय स्तर पर पाठ्यक्रम को आकार देने वाली प्रमुख संस्था है, इसलिए यहां कर्मचारियों की कमी को गंभीरता से लिया जाना चाहिए.

ये भी पढ़ें-यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में निकली 395 पदों पर भर्ती, 15 अगस्त अंतिम तिथि

एनईपी 2020 के लिए सबसे अहम NCERT

एनसीईआरटी की भूमिका एनईपी 2020 को लागू करने से भी जुड़ी हुई है. शिक्षा मंत्रालय ने समिति को बताया कि एनसीईआरटी ने नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर फाऊंडेशन स्टेज और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर स्कूल एजुकेशन तैयार किया है. इन फ्रेमवर्क के आधार पर पाठ्यक्रम और किताबें तैयार करने का काम भी शुरू किया गया है. ऐसे में समिति ने एनसीईआरटी में खाली पदों को भरने के लिए ठोस प्रयास करने की जरूरत बताई है.

CBSE में 933 पद खाली

संसदीय समिति ने सीबीएसई में कर्मचारियों की कमी को लेकर भी चिंता जाता है. रिपोर्ट के अनुसार सीबीएसई में कुल 2,117 पद स्वीकृत है, जिनमें से 933 पद खाली है. यह कुल स्वीकृत पदों का करीब 44 फीसदी भी है. सीबीएसई में सबसे ज्यादा कमी ग्रुप सी सपोर्ट स्टाफ के स्तर पर है. इस कैटेगरी में 595 पद खाली है.

CBSE से जुड़े स्कूल और छात्रों की संख्या भी बढ़ी

रिपोर्ट में सीबीएसई के बढ़ते दायरे का भी उल्लेख किया गया है. 1992-93 में सीबीएसई से 3,787 स्कूल संबद्ध थे, जबकि 2024-25 में यह संख्या बढ़कर 31,234 हो गई. बढ़ते स्कूल नेटवर्क को संभालने के लिए सीबीएसई के पास अब 25 क्षेत्रीय कार्यालय और पांच उप क्षेत्रीय कार्यालय है. छात्रों की संख्या में भी लगातार बढ़ोतरी हुई है. 2025 में सीबीएसई से जुड़े कक्षा 12 के 17 लाख से ज्यादा और कक्षा 10 के 23.8 लाख से ज्यादा छात्र थे. 

ये भी पढ़ें-रेलवे कोच फैक्ट्री में कैसे बनें इलेक्ट्रिशियन? जानें पूरी प्रक्रिया

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