Mount Everest Success: हैदराबाद के तुलसी रेड्डी ने जुनून और मेहनत से छुई दुनिया की सबसे ऊंची चोटी

भारतीय पर्वतारोही तुलसी रेड्डी पालपुनूरी की कहानी आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है. हैदराबाद के पास बोवरमपेट गांव के रहने वाले तुलसी ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट फतह कर यह साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों तो साधारण शुरुआत भी असाधारण मंजिल तक पहुंचा सकती है. वर्षों की कड़ी मेहनत, अनुशासन, फिटनेस ट्रेनिंग और मानसिक दृढ़ता के बाद उन्होंने यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की. कई लोगों के लिए माउंट एवरेस्ट पर चढ़ना सबसे बड़ा रोमांच होता है लेकिन भारतीय पर्वतारोही तुलसी रेड्डी पालपुनूरी के लिए यह दृढ़ता, अनुशासन, बदलाव और लगन की एक ऐसी यात्रा बन गई जिसने लोगों को प्रेरित किया. हैदराबाद के पास बोवरमपेट गांव के रहने वाले तुलसी ने वर्षों के अनुशासन, प्रशिक्षण और लगातार तैयारी के बाद सफलतापूर्वक माउंट एवरेस्ट की चोटी फतह की.  तुलसी की कहानी को जो बात प्रेरित करने वाली बनाती है वह यह है कि इसकी शुरुआत कितने साधारण तरीके से हुई थी. यह भी पढ़ें : एक और दुश्मन ढेर, पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड हमजा बुरहान को PoK में अज्ञात हमलावरों ने मारी गोली फिटनेस से पर्वतारोहण तक का सफर कभी खाने-पीने के शौकीन रहे तुलसी बस फिट होना चाहते थे. धीरे-धीरे जिम में वर्कआउट और स्वस्थ जीवनशैली एंड्यूरेंस खेल और पर्वतारोहण के प्रति जुनून में बदल गई. समय के साथ उन्होंने कई स्थानीय दौड़, कठिन ‘आयरनमैन’ चुनौती और दुनिया भर में कई ऊंची चोटियों पर चढ़ाई के अभियान पूरे किए. इस सफर के दौरान तुलसी ने दुनिया भर की कई चुनौतीपूर्ण चोटियों पर चढ़ाई की जिनमें माउंट एल्ब्रस (5,642 मीटर), एकॉनकागुआ (6,961 मीटर), माउंट किलिमंजारो (5,895 मीटर) और कांग यात्से (6,400 मीटर) शामिल हैं. तुलसी ने कहा, ‘‘एवरेस्ट पर चढ़ना वर्षों के अनुशासन, त्याग और लगातार तैयारी का नतीजा है. यह उपलब्धि उन सभी लोगों की है जिन्होंने इस पूरी यात्रा के दौरान मेरा साथ दिया.’’ परिवार और टीम को सफलता का श्रेय उन्होंने इस पूरी यात्रा में अपना साथ देने के लिए अपने परिवार, शेरपा टीम, दोस्तों और ‘बूट्स एंड क्रैम्पॉन्स’ के अभियान गाइड भरत थम्मिनेनी और रोमिल बर्थवाल को श्रेय दिया. परिवार ने कहा, ‘‘आज हमारे परिवार के लिए सबसे गर्व के पलों में से एक है. वर्षों के त्याग, साहस और दृढ़ संकल्प ने आखिरकार तुलसी को दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर पहुंचा दिया है.’’यह भी पढ़ें : Cockroach Jatnta Party: कॉकरोच जनता पार्टी पर योगेंद्र यादव का बड़ा बयान, 'इसके सिंबल के पीछे...'

May 22, 2026 - 11:30
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Mount Everest Success: हैदराबाद के तुलसी रेड्डी ने जुनून और मेहनत से छुई दुनिया की सबसे ऊंची चोटी

भारतीय पर्वतारोही तुलसी रेड्डी पालपुनूरी की कहानी आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है. हैदराबाद के पास बोवरमपेट गांव के रहने वाले तुलसी ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट फतह कर यह साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों तो साधारण शुरुआत भी असाधारण मंजिल तक पहुंचा सकती है. वर्षों की कड़ी मेहनत, अनुशासन, फिटनेस ट्रेनिंग और मानसिक दृढ़ता के बाद उन्होंने यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की.

कई लोगों के लिए माउंट एवरेस्ट पर चढ़ना सबसे बड़ा रोमांच होता है लेकिन भारतीय पर्वतारोही तुलसी रेड्डी पालपुनूरी के लिए यह दृढ़ता, अनुशासन, बदलाव और लगन की एक ऐसी यात्रा बन गई जिसने लोगों को प्रेरित किया. हैदराबाद के पास बोवरमपेट गांव के रहने वाले तुलसी ने वर्षों के अनुशासन, प्रशिक्षण और लगातार तैयारी के बाद सफलतापूर्वक माउंट एवरेस्ट की चोटी फतह की.  तुलसी की कहानी को जो बात प्रेरित करने वाली बनाती है वह यह है कि इसकी शुरुआत कितने साधारण तरीके से हुई थी.

यह भी पढ़ें : एक और दुश्मन ढेर, पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड हमजा बुरहान को PoK में अज्ञात हमलावरों ने मारी गोली

फिटनेस से पर्वतारोहण तक का सफर

कभी खाने-पीने के शौकीन रहे तुलसी बस फिट होना चाहते थे. धीरे-धीरे जिम में वर्कआउट और स्वस्थ जीवनशैली एंड्यूरेंस खेल और पर्वतारोहण के प्रति जुनून में बदल गई. समय के साथ उन्होंने कई स्थानीय दौड़, कठिन ‘आयरनमैन’ चुनौती और दुनिया भर में कई ऊंची चोटियों पर चढ़ाई के अभियान पूरे किए. इस सफर के दौरान तुलसी ने दुनिया भर की कई चुनौतीपूर्ण चोटियों पर चढ़ाई की जिनमें माउंट एल्ब्रस (5,642 मीटर), एकॉनकागुआ (6,961 मीटर), माउंट किलिमंजारो (5,895 मीटर) और कांग यात्से (6,400 मीटर) शामिल हैं. तुलसी ने कहा, ‘‘एवरेस्ट पर चढ़ना वर्षों के अनुशासन, त्याग और लगातार तैयारी का नतीजा है. यह उपलब्धि उन सभी लोगों की है जिन्होंने इस पूरी यात्रा के दौरान मेरा साथ दिया.’’

परिवार और टीम को सफलता का श्रेय

उन्होंने इस पूरी यात्रा में अपना साथ देने के लिए अपने परिवार, शेरपा टीम, दोस्तों और ‘बूट्स एंड क्रैम्पॉन्स’ के अभियान गाइड भरत थम्मिनेनी और रोमिल बर्थवाल को श्रेय दिया. परिवार ने कहा, ‘‘आज हमारे परिवार के लिए सबसे गर्व के पलों में से एक है. वर्षों के त्याग, साहस और दृढ़ संकल्प ने आखिरकार तुलसी को दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर पहुंचा दिया है.’’

यह भी पढ़ें : Cockroach Jatnta Party: कॉकरोच जनता पार्टी पर योगेंद्र यादव का बड़ा बयान, 'इसके सिंबल के पीछे...'

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